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डेरा मुखी मामले में करनाल प्रशासन के खर्च हुए एक करोड़ रुपये
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह को अदालत द्वारा दोषी करार देने और जेल भेजने के मामले में हिंसा भड़कने के बाद से फैले तनाव को कम करने और जिलेभर में लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने में हुए खर्च का ब्योरा सामने आ गया है। 25 अगस्त से लेकर पांच दिनों तक एक्सट्रा ड्यूटी देने व पेट्रोलिंग पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। खास बात यह है कि इनमें से एक करोड़ रुपये बिल तो अकेले जिला पुलिस का बना है, जबकि अर्धसैनिक बलों का खर्च होम डिपार्टमेंट अलग से आंकलन कर रहा है। पुलिस ने सुरक्षा में तैनात सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन के हिसाब से खर्च का पूरा बनाकर प्रदेश सरकार के पास भेज दिया है।
बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि प्रदेश में जो भी हिंसा में नुकसान हुआ है, उसका खर्च डेरे से लिया जाए। इस पर जिला पुलिस की ओर से सवा करोड़ रुपये का आंकलन करके रिपोर्ट सरकार के पास भेज दी है। हालांकि, इसमें सिविल प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है, यह केवल पुलिस के खर्च का आंकलन किया है। गौरतलब है कि करनाल जिले में करीब दो हजार के करीब पुलिस कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। जिलेभर की सुरक्षा को लेकर दो कंपनी अर्धसैनिक बल की भी तैनात हैं, इनके खर्च का ब्यौरा होम डिपार्टमेंट अलग से करेगा।
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सरकार को भेजा खर्च का ब्यौरा : एसपी
एसपी जेएस रंधावा ने बताया कि डेरा मुखी मामले को लेकर पुलिस की ओर से अनुमानित खर्च सवा करोड़ रुपये का आंकलन किया गया है। इस खर्च का ब्योरा बनाकर प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। इस खर्च में जिला पुसिस कर्मचारियों व पेट्रोलिंग का खर्च शामिल किया गया है। एसपी ने बताया कि इस मामले को लेकर जिलेभर की पुलिस ने एक्ट्रा कार्य किया है और इस कारण से काफी संख्या में केसों की जांच प्रभावित हुई है। एसपी ने बताया कि कंबोपुरा डेरे में एक रेंज रोवर गाड़ी भी मिली है। इसकी जांच की जा रही है। -------------------------
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सरकारी कर्मचारियों की चल रही जांच
सरकार से आदेश मिलने के बाद जिला प्रशासन अब उन सरकारी कर्मचारियों की जांच कर रहा है, जो इन पांच दिनों में छुट्टी पर रहे। जांच का विषय होगा कि आखिर इस दौरान छुट्टी लेने के बाद कर्मचारियों ने क्या किया? डीसी व एसपी ने इस जांच के लिए आदेश जारी कर दिए हैं और इन कर्मचारियों को फोन काल डिटेल व अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि अगर किसी कर्मचारी कि डेरा मामले में संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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34 बच्चे सिरसा डेेरे से करनाल पहुंचे
विवाद के बाद डेरा सिरसा से 34 बच्चे करनाल भेजे गए हैं। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश पर इन्हें मधुबन स्थित बाल भवन में रखा गया है। इनमें से 14 बच्चों को उनके परिजनों के साथ भेज दिया गया है, जबकि 20 बच्चों को यहां पर रखा गया है। डीसी डा. आदित्य दहिया ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश के बाद ही बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया जा रहा है। बच्चों की उचित देखभाल की जा रही है। हमारा प्रयास है कि बच्चों के परिजनों की पहचान की जाए और बच्चों को उनके घरों तक पहुंचाया जाए।
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करनाल में बाबा की संपत्ति 6.40 करोड़
जिला प्रशासन ने करनाल जिले में डेरा मुखी की संपत्ति का आंकलन कर लिया है। मार्केट रेट के हिसाब से संपत्ति करीब 6.40 करोड़ रुपये की बनती है। जिला प्रशासन ने जिले में स्थित सभी नाम चर्चा घरों की जमीन व उस पर हुए निर्माण आदि की पूरी डिटेल तैयार करके सरकार के पास भेज दी है। बता दें कि जिले में दस नाम चर्चा घर हैं। इनमें कंबोपुरा, कुंजपुरा, जुंडला, सग्गा, बल्ला, असंध समेत अन्य शामिल हैं। हालांकि, यह संपत्ति डेरा प्रमुख के नाम न होकर उनके भक्तों के नाम पर है।
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वर्जन
डेरा मुखी मामले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सभी नाम चर्चा घरों पर पुलिस की निगरानी है, चेकिंग अभियान भी लगातार जारी हैं, ताकि किसी भी तरह की कोई गलत हरकत न हो। जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर खर्च का ब्योरा सरकार के पास भेजा है, इसमें करीब सवा करोड़ रुपये खर्च है। इसके अलावा, जिले की एक एंबुलेंस पंचकूला में जला दी गई थी, इसका खर्च करीब छह लाख रुपये है।
-डा. आदित्य दहिया, डीसी, करनाल
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करनाल।
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह को अदालत द्वारा दोषी करार देने और जेल भेजने के मामले में हिंसा भड़कने के बाद से फैले तनाव को कम करने और जिलेभर में लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने में हुए खर्च का ब्योरा सामने आ गया है। 25 अगस्त से लेकर पांच दिनों तक एक्सट्रा ड्यूटी देने व पेट्रोलिंग पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। खास बात यह है कि इनमें से एक करोड़ रुपये बिल तो अकेले जिला पुलिस का बना है, जबकि अर्धसैनिक बलों का खर्च होम डिपार्टमेंट अलग से आंकलन कर रहा है। पुलिस ने सुरक्षा में तैनात सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन के हिसाब से खर्च का पूरा बनाकर प्रदेश सरकार के पास भेज दिया है।
बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि प्रदेश में जो भी हिंसा में नुकसान हुआ है, उसका खर्च डेरे से लिया जाए। इस पर जिला पुलिस की ओर से सवा करोड़ रुपये का आंकलन करके रिपोर्ट सरकार के पास भेज दी है। हालांकि, इसमें सिविल प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है, यह केवल पुलिस के खर्च का आंकलन किया है। गौरतलब है कि करनाल जिले में करीब दो हजार के करीब पुलिस कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। जिलेभर की सुरक्षा को लेकर दो कंपनी अर्धसैनिक बल की भी तैनात हैं, इनके खर्च का ब्यौरा होम डिपार्टमेंट अलग से करेगा।
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सरकार को भेजा खर्च का ब्यौरा : एसपी
एसपी जेएस रंधावा ने बताया कि डेरा मुखी मामले को लेकर पुलिस की ओर से अनुमानित खर्च सवा करोड़ रुपये का आंकलन किया गया है। इस खर्च का ब्योरा बनाकर प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। इस खर्च में जिला पुसिस कर्मचारियों व पेट्रोलिंग का खर्च शामिल किया गया है। एसपी ने बताया कि इस मामले को लेकर जिलेभर की पुलिस ने एक्ट्रा कार्य किया है और इस कारण से काफी संख्या में केसों की जांच प्रभावित हुई है। एसपी ने बताया कि कंबोपुरा डेरे में एक रेंज रोवर गाड़ी भी मिली है। इसकी जांच की जा रही है। -------------------------
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सरकारी कर्मचारियों की चल रही जांच
सरकार से आदेश मिलने के बाद जिला प्रशासन अब उन सरकारी कर्मचारियों की जांच कर रहा है, जो इन पांच दिनों में छुट्टी पर रहे। जांच का विषय होगा कि आखिर इस दौरान छुट्टी लेने के बाद कर्मचारियों ने क्या किया? डीसी व एसपी ने इस जांच के लिए आदेश जारी कर दिए हैं और इन कर्मचारियों को फोन काल डिटेल व अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि अगर किसी कर्मचारी कि डेरा मामले में संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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34 बच्चे सिरसा डेेरे से करनाल पहुंचे
विवाद के बाद डेरा सिरसा से 34 बच्चे करनाल भेजे गए हैं। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश पर इन्हें मधुबन स्थित बाल भवन में रखा गया है। इनमें से 14 बच्चों को उनके परिजनों के साथ भेज दिया गया है, जबकि 20 बच्चों को यहां पर रखा गया है। डीसी डा. आदित्य दहिया ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश के बाद ही बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया जा रहा है। बच्चों की उचित देखभाल की जा रही है। हमारा प्रयास है कि बच्चों के परिजनों की पहचान की जाए और बच्चों को उनके घरों तक पहुंचाया जाए।
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करनाल में बाबा की संपत्ति 6.40 करोड़
जिला प्रशासन ने करनाल जिले में डेरा मुखी की संपत्ति का आंकलन कर लिया है। मार्केट रेट के हिसाब से संपत्ति करीब 6.40 करोड़ रुपये की बनती है। जिला प्रशासन ने जिले में स्थित सभी नाम चर्चा घरों की जमीन व उस पर हुए निर्माण आदि की पूरी डिटेल तैयार करके सरकार के पास भेज दी है। बता दें कि जिले में दस नाम चर्चा घर हैं। इनमें कंबोपुरा, कुंजपुरा, जुंडला, सग्गा, बल्ला, असंध समेत अन्य शामिल हैं। हालांकि, यह संपत्ति डेरा प्रमुख के नाम न होकर उनके भक्तों के नाम पर है।
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वर्जन
डेरा मुखी मामले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सभी नाम चर्चा घरों पर पुलिस की निगरानी है, चेकिंग अभियान भी लगातार जारी हैं, ताकि किसी भी तरह की कोई गलत हरकत न हो। जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर खर्च का ब्योरा सरकार के पास भेजा है, इसमें करीब सवा करोड़ रुपये खर्च है। इसके अलावा, जिले की एक एंबुलेंस पंचकूला में जला दी गई थी, इसका खर्च करीब छह लाख रुपये है।
-डा. आदित्य दहिया, डीसी, करनाल