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जीएसटी का असर, 3.47 करोड़ के टैंडर किसी ने नहीं भरा
Updated Fri, 30 Jun 2017 10:31 PM IST
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जीएसटी का असर, नहीं भरा 3.47 करोड़ का टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। जीएसटी की आहट शहर में होने वाले विकास कार्यों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। नगरपालिका की ओर से 3 करोड़ 47 लाख रुपये के विकास कार्यों के लिए किसी भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं भरा। इससे नगरपालिका में होने वाले विकास कार्यों पर लगाम लग गई है।
केंद्र सरकार की ओर से 30 जून की आधी रात से घंटा बजाकर जीएसटी लागू होना है, लेकिन जीएसटी का भय शहरवासियों व व्यापारियों में दिखाई दे रहा है। इसका उदाहरण नगरपालिका में भी देखने को मिला है। नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न वार्डों पर सार्वजनिक स्थानों पर विकास कार्य करवाने के लिए 3.47 करोड़ के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए थे। इसके लिए 30 जून अंतिम तिथि रखी गई थी। टेंडर ओपन की प्रक्रिया 30 जून दोपहर बाद की गई तो चार दर्जनभर विकास कार्यों के लिए किसी भी ठेकेदार ने कोई टेंडर नहीं भरा। अधिकारियों की मानें तो ऑनलाइन टेंडर न आने से विकास कार्यों में दिक्कतें सामने आएंगी। शहर में ऐसे कार्य थे, जो करवाने बहुत जरूरी थे, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नपा सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि शहर के विकास कार्यों के लिए 15 जून व 19 जून को दो चरणों में 3.47 करोड़ के ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसकी प्रक्रिया 30 जून को होनी थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि जीएसटी लागू होने के कारण किसी भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं भरा। टेंडर न लगने से शहर में होने वाले विकास कार्यों में थोड़ा समय और भी लग सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। जीएसटी की आहट शहर में होने वाले विकास कार्यों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। नगरपालिका की ओर से 3 करोड़ 47 लाख रुपये के विकास कार्यों के लिए किसी भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं भरा। इससे नगरपालिका में होने वाले विकास कार्यों पर लगाम लग गई है।
केंद्र सरकार की ओर से 30 जून की आधी रात से घंटा बजाकर जीएसटी लागू होना है, लेकिन जीएसटी का भय शहरवासियों व व्यापारियों में दिखाई दे रहा है। इसका उदाहरण नगरपालिका में भी देखने को मिला है। नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न वार्डों पर सार्वजनिक स्थानों पर विकास कार्य करवाने के लिए 3.47 करोड़ के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए थे। इसके लिए 30 जून अंतिम तिथि रखी गई थी। टेंडर ओपन की प्रक्रिया 30 जून दोपहर बाद की गई तो चार दर्जनभर विकास कार्यों के लिए किसी भी ठेकेदार ने कोई टेंडर नहीं भरा। अधिकारियों की मानें तो ऑनलाइन टेंडर न आने से विकास कार्यों में दिक्कतें सामने आएंगी। शहर में ऐसे कार्य थे, जो करवाने बहुत जरूरी थे, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नपा सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि शहर के विकास कार्यों के लिए 15 जून व 19 जून को दो चरणों में 3.47 करोड़ के ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसकी प्रक्रिया 30 जून को होनी थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि जीएसटी लागू होने के कारण किसी भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं भरा। टेंडर न लगने से शहर में होने वाले विकास कार्यों में थोड़ा समय और भी लग सकता है।
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