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मांगें मनवाने को आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन का धरना जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये, ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा तथा महंगाई भत्ता लागू करवाने सहित कई मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। जिला सचिवालय के सामने वर्करों ने धरना दिया, जिसकी अध्यक्षता आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्प यूनियन की जिला प्रधान रूपा राणा ने की व संचालन जिला सचिव बिजनेश राणा ने किया। गत दिवस महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक से यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मिला था मगर बातचीत बेनतीजा रही। धरने को संबोधित करते हुए रूपा राणा ने कहा कि पिछले वर्ष मार्च में हरियाणा सरकार ने संगठन से वार्ता करके आंगनबाड़ी वर्कर्स को कुशल और हेल्पर को अर्धकुशल श्रमिक की श्रेणी में शामिल करके न्यूनतम वेतन, ईपीएफ व ईएसआई सहित महंगाई भत्ता लागू करने का वादा किया था। हेल्पर से वर्कर व वर्कर से सुपरवाइजर पदोन्नत करने का आश्वासन दिया था। गर्मियों और सर्दियों का अवकाश प्रदान करने का वादा किया था। हरियाणा सरकार ने इन मांगों को लागू न करके इन वर्कर्स से वादाखिलाफी की है। रूपा राणा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बड़े शहरों में पांच हजार, छोटे शहरों में तीन हजार व गांवों में 750 रुपये लागू किया जाए। वर्कर व हेल्पर की मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को तीन लाख रुपये एक्सग्रेसिया राशि लागू की जाए। केंद्र सरकार से मिलने वाला मानदेय व प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 व 750 रुपये के मानदेय बढ़ोतरी को लागू किया जाए तथा एरियर का भुगतान हो। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारी का दर्जा देते हुए न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करते हुए पेंशन सहित तमाम सामाजिक सुरक्षा लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक हरियाणा सरकार दिए गए वादे को पूरा नहीं करती धरना जारी रखा जाएगा। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव जगपाल राणा, रोशन गुप्ता, खेत अमरजीत कौर, रीना, बिमला, सत्यवती, सुषमा, मीना नीलम, बलविंद्र, कांता, मंजू, सरोज, जरासो देवी, अनीता, योगिता, निर्मला, संगीता, सावित्री व मंजू बवेजा ने वर्कर्स को संबोधित किया।सोम
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करनाल। न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये, ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा तथा महंगाई भत्ता लागू करवाने सहित कई मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। जिला सचिवालय के सामने वर्करों ने धरना दिया, जिसकी अध्यक्षता आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्प यूनियन की जिला प्रधान रूपा राणा ने की व संचालन जिला सचिव बिजनेश राणा ने किया। गत दिवस महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक से यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मिला था मगर बातचीत बेनतीजा रही। धरने को संबोधित करते हुए रूपा राणा ने कहा कि पिछले वर्ष मार्च में हरियाणा सरकार ने संगठन से वार्ता करके आंगनबाड़ी वर्कर्स को कुशल और हेल्पर को अर्धकुशल श्रमिक की श्रेणी में शामिल करके न्यूनतम वेतन, ईपीएफ व ईएसआई सहित महंगाई भत्ता लागू करने का वादा किया था। हेल्पर से वर्कर व वर्कर से सुपरवाइजर पदोन्नत करने का आश्वासन दिया था। गर्मियों और सर्दियों का अवकाश प्रदान करने का वादा किया था। हरियाणा सरकार ने इन मांगों को लागू न करके इन वर्कर्स से वादाखिलाफी की है। रूपा राणा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बड़े शहरों में पांच हजार, छोटे शहरों में तीन हजार व गांवों में 750 रुपये लागू किया जाए। वर्कर व हेल्पर की मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को तीन लाख रुपये एक्सग्रेसिया राशि लागू की जाए। केंद्र सरकार से मिलने वाला मानदेय व प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 व 750 रुपये के मानदेय बढ़ोतरी को लागू किया जाए तथा एरियर का भुगतान हो। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारी का दर्जा देते हुए न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करते हुए पेंशन सहित तमाम सामाजिक सुरक्षा लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक हरियाणा सरकार दिए गए वादे को पूरा नहीं करती धरना जारी रखा जाएगा। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव जगपाल राणा, रोशन गुप्ता, खेत अमरजीत कौर, रीना, बिमला, सत्यवती, सुषमा, मीना नीलम, बलविंद्र, कांता, मंजू, सरोज, जरासो देवी, अनीता, योगिता, निर्मला, संगीता, सावित्री व मंजू बवेजा ने वर्कर्स को संबोधित किया।सोम