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सलाहकार तो मिला, ऑफिस है नहीं, कैसे स्मार्ट बनेगा शहर

Fri, 10 Aug 2018 01:10 AM IST
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:10 AM IST
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सलाहकार तो मिला, ऑफिस है नहीं, कैसे स्मार्ट बनेगा शहर
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। स्मार्ट सिटी करनाल को लंबे अर्से के बाद सलाहकार मिल गया। केपीएमजी कंपनी जो सलाह देगी उसके अनुसार ही शहर को स्मार्ट बनाया जाएगा, लेकिन कंपनी के साथ करार के लिए अभी इंतजार करना होगा। एग्रीमेंट तैयार करने में ही कम से कम 20 दिन लगेंगे।
पहले 30 से 35 पेज का दस्तावेज तैयार होगा। इसके बाद इस पर साइन होंगे। कुल मिलाकर इसकी कागजी प्रक्रिया में करीब एक महीने का समय लगेगा। बड़ी बात यह है कि नगर निगम अभी तक करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लिए ऑफिस ही नहीं ढूंढ पाया है। करीब 65 कर्मचारियों का स्टाफ कहां बैठेगा? इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। निगम ने मार्केट कमेटी के एग्रो मॉल को चुना था, लेकिन योजना अधर में ही लटक गई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना कार्यालय के करनाल को स्मार्ट बनाया जा सकेगा। इधर, जिला परिषद ने भी आगे विकास सदन को किराये पर देने से मना कर दिया है।
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शुरुआत से ही लेट रहा स्मार्ट प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट शुरुआत से ही लेट रहा। 23 जून 2017 को परीक्षा पास कर ली थी। पहले करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के नाम से स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के गठन में ही दो महीने लगा दिए। इसके बाद इसके रजिस्ट्रेशन में नाम का पेंच फंस गया। कई महीने की उधेड़बुन के बाद करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के नाम से रजिस्ट्रेशन हुआ। पहल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक सात महीने तक नहीं की। सलाहकार के लिए दो बार टेंडर लगा पड़ा। 13 महीने बाद इसकी नियुक्ति की।
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1000 करोड़ मिलेंगे तभी पूरा होंगे प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर कुल 1295.81 करोड़ राशि खर्च करने की योजना है। इसमें से 1061.1 करोड़ यानि 82 प्रतिशत एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में शामिल 720 एकड़ पर खर्च होंगे। पैन सिटी यानि प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुविधा पर 149.9 करोड़ रुपये लगाने की योजना है। इसमें ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने व अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कार्यों पर 84.7 करोड़ यानि 7 प्रतिशत राशि खर्च होगी। यह तभी संभव है जब राज्य और केंद्र सरकार से 1000 करोड़ की पूरी राशि मिले। 295 करोड़ नगर निगम की आय व अन्य मदों से जुटाने होंगे।

13 स्मार्ट शहरों में काम कर रही कंपनी
बुधवार को चंडीगढ़ में करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग हुई थी। इसमें पांच में से केपीएमजी कंपनी को सलाहकार चुना गया। यह कंपनी देश के 13 शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए काम कर रही है। 14वां शहर करनाल होगा। वीरवार को कंपनी के मैनेजर वरुण महाजन और जूनियर मैनेजर अमन करनाल पहुंचे। विकास सदन में नगर निगम के कमिश्नर राजीव मेहता के साथ बैठक की। 1295 करोड़ के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

शहर का दौरा कर जानी जमीनी हकीकत
सलाहकार कंपनी के दोनों पदाधिकारी पूरा दिन शहर में रहे। पहले करनाल को स्मार्ट बनाने के प्रोजेक्ट का अध्ययन किया। इसके बाद शहर के दौरे कर जमीनी हकीकत जानी। 720 एकड़ में कहां-कहां 62 प्रोजेक्ट पर काम होगा? इसके बारे में भी मंथन किया। साथ में निगम का अमला भी रहा। अब यह सलाहकार कंपनी तय करेगी कि शुरुआती चरण में किन-किन प्रोेजेक्ट पर काम करना है। पहली प्राथमिकता सरकार से पहली व दूसरी किस्त के 384 करोड़ लेने की होगी। ताकि योजनाएं पूरी हो सकें।


करनाल से स्मार्ट शहर बनने तक का सफर
-05 अगस्त, 2015 में चंडीगढ़ में करनाल प्रदेश में सबसे अधिक 95 अंक मिले थे।
-98 शहरों की सूची में हरियाणा से करनाल व फरीदाबाद का चयन हुआ था।
-28 जनवरी, 2016 को पहली परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ, करनाल फेल हो गया।
-24 मई को स्मार्ट सिटी की फास्ट ट्रैक परीक्षा का परिणाम आया। प्रदेश से फरीदाबाद का चयन हुआ।
-20 सितंबर, 2016 को दूसरी स्मार्ट की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। करनाल का चयन नहीं हुआ।
-31 मार्च, 2017 को दिल्ली में तीसरी बार स्मार्ट सिटी का प्रपोजल जमा कराया।
-23 जून, 2017 को परिणाम आया और करनाल ने 12वां स्थान हासिल किया।
-30 शहरों का तीसरी परीक्षा में हुआ था चयन।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर शुरू से ही नगर निगम गंभीरता से काम कर रही है। प्रोजेक्ट के लिए सलाहकार मिल गया है, ऑफिस के लिए भी बात चल रही है। आगामी कुछ दिनों में ही आफिस तलाश कर लिया जाएगा। जल्द ही प्रोजेक्ट के अनुसार कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -धीरज कुमार, ईओ, नगर निगम।
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