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बंद पड़े 90 करोड़ के एग्रोमाल से चलेगा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:42 AM IST
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बंद पड़े 90 करोड़ के एग्रोमॉल से चलेगा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शहर की तस्वीर बदलेगी, लेकिन इससे पहले करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड का ऑफिस भी पिछले साल से बंद पड़े 90 करोड़ से निर्मित एग्रोमॉल को संजीवनी प्रदान करेगा। बताया जाता रहा है कि प्रदेश सरकार के एग्रोमॉल में एक फ्लोर पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लिए ऑफिस खोलना लगभग तय कर लिया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर अब पूरा कार्य यहीं से होगा। वहीं, निगम के अधिकारियों के अनुसार, नये साल के पहले सप्ताह में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के डायरेक्टर आफ बोर्ड की बैठक होगी और इसमें फैसले पर मुहर लगाई जाएगी। इसके साथ ही प्रोजेक्ट को लेकर कंसलटेंट बनने को लेकर चार कंपनियों ने आवेदन किये हैं, इसका फैसला भी आगामी दो माह में करने की उम्मीदे जताई जा रही हैं।
बता दें कि स्मार्ट सिटी के लिए गठित एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लिए योजनाएं तैयार करने को पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता कंपनी का चयन किया जाना है। इसके लिए निगम ने टेंडर मांगे थे, इसमें अलग-अलग शहरों की चार कंपनियों ने आवेदन किया है। फिलहाल अधिकारी चारों कंपनियों का अध्ययन कर रहे हैं। इसमें निगम के अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार के दो एक्सपर्ट भी लगे हैं। टैंडर उसी कंपनी को मिलेगा, जो तय निर्देशों के अनुसार 100 में से 80 अंक प्राप्त करेगी। गौरतलब है कि पीएमसी स्मार्ट सिटी के लिए परियोजनाओं का प्रबंधन करने वाली एक कंपनी होगी, जो स्मार्ट सिटी क्षेत्र को उपयोगी और सौंदर्यी के मद्देनजर विकसित करेगी। नियुक्ति के बाद कंपनी के इंजीनियर छह माह तक शहर का सर्वे करेंगे और बाद में डीपीआर तैयार करेंगे। इसके बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकेगा।
200 करोड़ सैंक्शन, खाता खुलने का इंतजार
बता दें कि निगम द्वारा प्रथम चरण में 720 एकड़ एरिया को स्मार्ट बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया। प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से 200 करोड़ रुपये करनाल के लिए सैंक्शन हो चुके हैं, अब बैंक खाता खुलने का इंतजार है। उम्मीद है कि जनवरी माह में 200 करोड़ रुपये मिल जाएंगे। गौरतलब है कि विकास कार्यों को लेकर 1000 करोड़ रुपये आने हैं। इसके बाद से स्मार्ट सिटी को लेकर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
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करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के डायरेक्टर ऑफ बोर्ड में आठ सदस्य हैं। इनमें प्रिंसिपल सेक्रेटरी, अर्बन लोकल बॉडी चेयरमैन, हुडा सीए, निगम आयुक्त के अलावा विशेषज्ञ के रूप में केंद्र के अधिकारी, इंजीनियर्स, आईटी विशेषज्ञ और लेखा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। उम्मीद है कि जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में बोर्ड की बैठक, इसमें कंसलटेंट नियुक्ति समेत बैंक खाता खुलवाने संबंधी सभी कार्यों पर मुहर लगेगी। इसके बाद काम गति पकड़ेगा। साथ ही आफिस को लेकर एग्रोमॉल के बारे में सोचा है, इसे जल्द ही फाइनल किया जाएगा। - अनिल मेहता, चीफ इंजीनियर, नगर निगम।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शहर की तस्वीर बदलेगी, लेकिन इससे पहले करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड का ऑफिस भी पिछले साल से बंद पड़े 90 करोड़ से निर्मित एग्रोमॉल को संजीवनी प्रदान करेगा। बताया जाता रहा है कि प्रदेश सरकार के एग्रोमॉल में एक फ्लोर पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लिए ऑफिस खोलना लगभग तय कर लिया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर अब पूरा कार्य यहीं से होगा। वहीं, निगम के अधिकारियों के अनुसार, नये साल के पहले सप्ताह में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के डायरेक्टर आफ बोर्ड की बैठक होगी और इसमें फैसले पर मुहर लगाई जाएगी। इसके साथ ही प्रोजेक्ट को लेकर कंसलटेंट बनने को लेकर चार कंपनियों ने आवेदन किये हैं, इसका फैसला भी आगामी दो माह में करने की उम्मीदे जताई जा रही हैं।
बता दें कि स्मार्ट सिटी के लिए गठित एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लिए योजनाएं तैयार करने को पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता कंपनी का चयन किया जाना है। इसके लिए निगम ने टेंडर मांगे थे, इसमें अलग-अलग शहरों की चार कंपनियों ने आवेदन किया है। फिलहाल अधिकारी चारों कंपनियों का अध्ययन कर रहे हैं। इसमें निगम के अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार के दो एक्सपर्ट भी लगे हैं। टैंडर उसी कंपनी को मिलेगा, जो तय निर्देशों के अनुसार 100 में से 80 अंक प्राप्त करेगी। गौरतलब है कि पीएमसी स्मार्ट सिटी के लिए परियोजनाओं का प्रबंधन करने वाली एक कंपनी होगी, जो स्मार्ट सिटी क्षेत्र को उपयोगी और सौंदर्यी के मद्देनजर विकसित करेगी। नियुक्ति के बाद कंपनी के इंजीनियर छह माह तक शहर का सर्वे करेंगे और बाद में डीपीआर तैयार करेंगे। इसके बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकेगा।
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200 करोड़ सैंक्शन, खाता खुलने का इंतजार
बता दें कि निगम द्वारा प्रथम चरण में 720 एकड़ एरिया को स्मार्ट बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया। प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से 200 करोड़ रुपये करनाल के लिए सैंक्शन हो चुके हैं, अब बैंक खाता खुलने का इंतजार है। उम्मीद है कि जनवरी माह में 200 करोड़ रुपये मिल जाएंगे। गौरतलब है कि विकास कार्यों को लेकर 1000 करोड़ रुपये आने हैं। इसके बाद से स्मार्ट सिटी को लेकर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
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करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के डायरेक्टर ऑफ बोर्ड में आठ सदस्य हैं। इनमें प्रिंसिपल सेक्रेटरी, अर्बन लोकल बॉडी चेयरमैन, हुडा सीए, निगम आयुक्त के अलावा विशेषज्ञ के रूप में केंद्र के अधिकारी, इंजीनियर्स, आईटी विशेषज्ञ और लेखा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। उम्मीद है कि जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में बोर्ड की बैठक, इसमें कंसलटेंट नियुक्ति समेत बैंक खाता खुलवाने संबंधी सभी कार्यों पर मुहर लगेगी। इसके बाद काम गति पकड़ेगा। साथ ही आफिस को लेकर एग्रोमॉल के बारे में सोचा है, इसे जल्द ही फाइनल किया जाएगा। - अनिल मेहता, चीफ इंजीनियर, नगर निगम।