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सोमवार को धनतेरस पर शाम 5:30 बजे से रात
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:10 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। धनतेरस के साथ दीपों के त्योहार की शुरुआत सोमवार से हो रही है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। इस बार की धनतेरस पांच नवंबर सोमवार को है। विद्वानों ने इस दिन को बहुत शुभ बताया है। पंडितों के मुताबिक यह दिन भगवान शिव, विष्णु व कुबेर की पूूजा का दिन है। सोमवार केे मनाए जाने वाले धनतेरस पर्व पर नए बर्तन में अनाज भर कर कुबेर के आगे दीपक जला कर धनतेरस पूजा करें।
धनतेरस का महत्व
पंडित षष्टी बल्ब के अनुसार धनतेरस के दिन देव धन्वंतरि, कुबेर देव, मां लक्ष्मी के पूजन का विधान है। यमदेव के पूजन की भी परंपरा है। जिसके मुताबिक इस दिन दीपदान किया जाता है। घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर शुद्ध सरसों के तेल का दीपक जलाया जाता है। बहुत से लोग इस दीपक में पैसा व कौड़ी भी डालते हैं।
धनतेरस की परंपराएं
धनतेरस के दिन सोना, चांदी आदि के बर्तन व आभूषण खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन शुभ मुहूर्त में सात अनाज की पूजा की जाती है। जिसमे गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर सम्मिलित है। इस पूजन के बाद भगवती पूजन किया जाता है जिसमें नैवेद्य के रूप में श्वेत मिष्ठान का भोग लगाया जाता है।
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धनतेरस पूजन और शुभ मुहूर्त
धनतेरस पूजन हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए। प्रदोष काल में धनतेरस पूजन का सूर्यास्त के बाद के 2 घंटे 24 मिनट को प्रदोषकाल कहा जाता है। यम दीपदान और लक्ष्मी पूजन इसी मुहूर्त में करना चाहिए। शाम साढ़े पांच बजे से रात 8:07 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।
सर्राफा व्यवसाय चमकने की उम्मीद
धनतेरस पर सोने चांदी का व्यवसाय भी चमकने की उम्मीद है। इस बार परंपरागत आभूषणों की जगह ब्रांडेड ज्वेलरी की काफी मांग है। महिलाओं ने पहले से ही आभूषणों की एडवांस बुकिंग करा दी थी। वे यह आभूषण धनतेरस के दिन घर ले जाने वाली हैं। ज्वेलर्स की दुकानों पर इस बार एंटीक ज्वेलरी और सोने चांदी के बर्तनों की अच्छी डिमांड है।
बर्तनों की चमक से जगमगा रहा बाजार
धनतेरस के लिए बाजार में सजी बर्तन की दुकानों की चमक से पूरा बाजार जगमगा रहा है। स्टेनलेस स्टील के बर्तनों के साथ कीमती धातुओं के बर्तनों से दुकानें भरी पड़ी हैं। सोने चांदी और आटो व्यवसाय भले ही चाहे जितना उछाल मारे लेकिन बर्तन बाजार सब पर भारी रहने की उम्मीद है। हर आम और खास व्यक्ति धनतेरस पर कम या ज्यादा बर्तन जरूर खरीदता है।
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करनाल। धनतेरस के साथ दीपों के त्योहार की शुरुआत सोमवार से हो रही है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। इस बार की धनतेरस पांच नवंबर सोमवार को है। विद्वानों ने इस दिन को बहुत शुभ बताया है। पंडितों के मुताबिक यह दिन भगवान शिव, विष्णु व कुबेर की पूूजा का दिन है। सोमवार केे मनाए जाने वाले धनतेरस पर्व पर नए बर्तन में अनाज भर कर कुबेर के आगे दीपक जला कर धनतेरस पूजा करें।
धनतेरस का महत्व
पंडित षष्टी बल्ब के अनुसार धनतेरस के दिन देव धन्वंतरि, कुबेर देव, मां लक्ष्मी के पूजन का विधान है। यमदेव के पूजन की भी परंपरा है। जिसके मुताबिक इस दिन दीपदान किया जाता है। घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर शुद्ध सरसों के तेल का दीपक जलाया जाता है। बहुत से लोग इस दीपक में पैसा व कौड़ी भी डालते हैं।
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धनतेरस की परंपराएं
धनतेरस के दिन सोना, चांदी आदि के बर्तन व आभूषण खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन शुभ मुहूर्त में सात अनाज की पूजा की जाती है। जिसमे गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर सम्मिलित है। इस पूजन के बाद भगवती पूजन किया जाता है जिसमें नैवेद्य के रूप में श्वेत मिष्ठान का भोग लगाया जाता है।
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धनतेरस पूजन और शुभ मुहूर्त
धनतेरस पूजन हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए। प्रदोष काल में धनतेरस पूजन का सूर्यास्त के बाद के 2 घंटे 24 मिनट को प्रदोषकाल कहा जाता है। यम दीपदान और लक्ष्मी पूजन इसी मुहूर्त में करना चाहिए। शाम साढ़े पांच बजे से रात 8:07 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।
सर्राफा व्यवसाय चमकने की उम्मीद
धनतेरस पर सोने चांदी का व्यवसाय भी चमकने की उम्मीद है। इस बार परंपरागत आभूषणों की जगह ब्रांडेड ज्वेलरी की काफी मांग है। महिलाओं ने पहले से ही आभूषणों की एडवांस बुकिंग करा दी थी। वे यह आभूषण धनतेरस के दिन घर ले जाने वाली हैं। ज्वेलर्स की दुकानों पर इस बार एंटीक ज्वेलरी और सोने चांदी के बर्तनों की अच्छी डिमांड है।
बर्तनों की चमक से जगमगा रहा बाजार
धनतेरस के लिए बाजार में सजी बर्तन की दुकानों की चमक से पूरा बाजार जगमगा रहा है। स्टेनलेस स्टील के बर्तनों के साथ कीमती धातुओं के बर्तनों से दुकानें भरी पड़ी हैं। सोने चांदी और आटो व्यवसाय भले ही चाहे जितना उछाल मारे लेकिन बर्तन बाजार सब पर भारी रहने की उम्मीद है। हर आम और खास व्यक्ति धनतेरस पर कम या ज्यादा बर्तन जरूर खरीदता है।