{"_id":"5a9aebab4f1c1b2d068b98f4","slug":"101520102315-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी निकासी नहीं हुई तो ग्रामीण करेंगे स्टेट हाइवे जाम, सरकारी स्कूल को लगांएगे ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी निकासी नहीं हुई तो ग्रामीण करेंगे स्टेट हाइवे जाम, सरकारी स्कूल को लगांएगे ताला
Updated Sun, 04 Mar 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानी निकासी नहीं हुई तो ग्रामीण करेंगे स्टेट हाइवे जाम, सरकारी स्कूल को लगांएगे ताला
अमर उजाला ब्यूरो
निगदू। गांव कोयर में एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पानी की निकासी का कोई प्रबंध ना होने पर महिलाओं ने प्रदेश सरकार व जनस्वास्थ्य विभाग
के खिलाफ नारेबाजी व रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ ग्रामीण स्टेट हाइवे को जाम करेंगे और सरकारी स्कूल की तालाबंदी करेंगें। जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर पैदल व्यक्ति का निकालना तो बहुत दूर की बात, वाहन चालकों को भी बड़ी मुश्किल से गंदे पानी से निकलना पड़ता है। इसके बावजुद भी प्रशासन समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। सड़क पर पानी की समस्या को देखते हुए भी प्रशासन व सरकार आंखे मूंदकर बैठी है। नन्हें-मुन्हें बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूरन गंदे पानी से निकल कर जाना पड़ता है। गांव में गंदे पानी की निकासी व सड़क पर जमा पानी की समस्या को लेकर गांव वासियों ने प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया तो वह सरकारी स्कूल को ताला लगा देंगे और स्टेट हाइवे का जाम कर देंगे। ग्रामीण मीना देवी, अंगूरी देवी, कांता, संतोष देवी, कृष्णा देवी, श्लोचना देवी, ऊषा देवी, माला देवी, बिमला, निर्मला व मनीष, संजय, बृजभूषण कोयर, आदि ने कहा कि पहले तो यह समस्या छोटी थी, लेकिन अब इस समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सडक़ पर जमा पानी मौत का कुंआ बना हुआ है।ग्रामीणों ने कहा कि समस्या को देखने अधिकारी आए, लेकिन कोई हल ना करके चुप्पी साधकर चले गए। -------------------------------
फैल रही बीमारी, राहगीर हो रहे चौटिल - करीब एक माह से सड़क पर गंदा पानी जमा होने से छोटे बच्चे बीमारी की चपेट में आ गए है। वहीं पानी से मच्छर भी पनप रहे हैं। सड़क पर पानी भर जाने के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को प्रतिदिन गंदे पानी में चोट का शिकार होना पड़ता है। राहगीरों को सडक़ को पार करने के लिए बड़ीमशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
निगदू। गांव कोयर में एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पानी की निकासी का कोई प्रबंध ना होने पर महिलाओं ने प्रदेश सरकार व जनस्वास्थ्य विभाग
के खिलाफ नारेबाजी व रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ ग्रामीण स्टेट हाइवे को जाम करेंगे और सरकारी स्कूल की तालाबंदी करेंगें। जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर पैदल व्यक्ति का निकालना तो बहुत दूर की बात, वाहन चालकों को भी बड़ी मुश्किल से गंदे पानी से निकलना पड़ता है। इसके बावजुद भी प्रशासन समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। सड़क पर पानी की समस्या को देखते हुए भी प्रशासन व सरकार आंखे मूंदकर बैठी है। नन्हें-मुन्हें बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूरन गंदे पानी से निकल कर जाना पड़ता है। गांव में गंदे पानी की निकासी व सड़क पर जमा पानी की समस्या को लेकर गांव वासियों ने प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया तो वह सरकारी स्कूल को ताला लगा देंगे और स्टेट हाइवे का जाम कर देंगे। ग्रामीण मीना देवी, अंगूरी देवी, कांता, संतोष देवी, कृष्णा देवी, श्लोचना देवी, ऊषा देवी, माला देवी, बिमला, निर्मला व मनीष, संजय, बृजभूषण कोयर, आदि ने कहा कि पहले तो यह समस्या छोटी थी, लेकिन अब इस समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सडक़ पर जमा पानी मौत का कुंआ बना हुआ है।ग्रामीणों ने कहा कि समस्या को देखने अधिकारी आए, लेकिन कोई हल ना करके चुप्पी साधकर चले गए। -------------------------------
फैल रही बीमारी, राहगीर हो रहे चौटिल - करीब एक माह से सड़क पर गंदा पानी जमा होने से छोटे बच्चे बीमारी की चपेट में आ गए है। वहीं पानी से मच्छर भी पनप रहे हैं। सड़क पर पानी भर जाने के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को प्रतिदिन गंदे पानी में चोट का शिकार होना पड़ता है। राहगीरों को सडक़ को पार करने के लिए बड़ीमशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन