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प्रशिक्षण शिविर में बताई बाक्सिंग की तकनीकें
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:45 PM IST
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प्रशिक्षण शिविर में बॉक्सिंग के गुर सिखाए
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
करनाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में लगाए गए 15 दिवसीय बॉक्सिंग प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को बॉक्सिंग के गुर सिखाए गए। वहीं शरीर को चुस्त रखने के टिप्स भी दिए गए। संत कबीर बॉक्सिंग अकादमी के प्रशिक्षकों ने बच्चों को जैब, क्रॉस, अपर कट, हुक पंच मारना आदि के बारे में जानकारी दी। समापन अवसर पर शिविर प्रबंधक विनोद सागवान ने कोच सतपाल और आजाद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिविर में बच्चों को काफी कुछ सीखने को मिला है। वहीं बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के शिविर से बच्चों को जीवन में अनुशासन का महत्व पता चलता है। उल्लेखनीय है कि अलग-अलग आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने 15 दिन तक लगातार बॉक्सिंग का अभ्यास किया और तकनीकों को समझा। कोच सतपाल और आजाद ने बॉक्सिंग मैच के दौरान रिंग में बॉक्सर के अलावा एक रेफरी भी होता है। इसमें रिजल्ट मुकाबले के अंत में जजों के दिए स्कोर के आधार पर होता है। इसके अलावा, नियम तोड़ने के कारण दूसरे बॉक्सर के डिसक्वालिफाई होने या लड़ने की हालत में न होने, उसके द्वारा टॉवल फेंककर मुकाबले से हटने पर भी बॉक्सिंग में जीत-हार का फैसला हो जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
करनाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में लगाए गए 15 दिवसीय बॉक्सिंग प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को बॉक्सिंग के गुर सिखाए गए। वहीं शरीर को चुस्त रखने के टिप्स भी दिए गए। संत कबीर बॉक्सिंग अकादमी के प्रशिक्षकों ने बच्चों को जैब, क्रॉस, अपर कट, हुक पंच मारना आदि के बारे में जानकारी दी। समापन अवसर पर शिविर प्रबंधक विनोद सागवान ने कोच सतपाल और आजाद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिविर में बच्चों को काफी कुछ सीखने को मिला है। वहीं बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के शिविर से बच्चों को जीवन में अनुशासन का महत्व पता चलता है। उल्लेखनीय है कि अलग-अलग आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने 15 दिन तक लगातार बॉक्सिंग का अभ्यास किया और तकनीकों को समझा। कोच सतपाल और आजाद ने बॉक्सिंग मैच के दौरान रिंग में बॉक्सर के अलावा एक रेफरी भी होता है। इसमें रिजल्ट मुकाबले के अंत में जजों के दिए स्कोर के आधार पर होता है। इसके अलावा, नियम तोड़ने के कारण दूसरे बॉक्सर के डिसक्वालिफाई होने या लड़ने की हालत में न होने, उसके द्वारा टॉवल फेंककर मुकाबले से हटने पर भी बॉक्सिंग में जीत-हार का फैसला हो जाता है।