{"_id":"5a4a86034f1c1bce408c051f","slug":"101514833411-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन और रहेगा घना कोहरा, फिर शीतलहर चलने के आसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिन और रहेगा घना कोहरा, फिर शीतलहर चलने के आसार
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन और रहेगा घना कोहरा, फिर शीत लहर चलने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
साल के पहले दिन प्रदेश में घने कोहरे की चादर रही। संभावना जताई जा रही है कि आगामी दो दिन और लोगों को घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बाद से शीतलहर चलेगी, जिससे तापमान और नीचे जाएगा। तापमान नीचे आने से ठंड और बढ़ेगी। अनुमान है कि आगामी सप्ताह से पाला जम सकता है। सोमवार को पूरा दिन सूर्य के दर्शन नहीं हो सके और न ही धुंध छंटी। सुबह से लेकर शाम तक धुंध रही। वहीं सुबह और शाम को धुंध में विजिबिलिटी भी जीरो प्रतिशत तक रही। सोमवार को करनाल का अधिकतम तापमान दो डिग्री और गिरकर 11 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2018 का पहला दिन 2013 के पहले दिन की तरह काफी ठंडा रहा। साल 2013 में अधिकतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। नमी सुबह और शाम दोनों समय 100 फीसदी रही। वायु दबाव सुबह 8.6 और दोपहर बाद 9.8 एमएम दर्ज किया गया। हवा की स्पीड भी 0.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। धुंध के कारण दिनभर सड़कों पर वाहन रेंगकर चले। दिन में भी वाहनों को लाइटें ऑन रहीं।
केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान स्थित मौसम विभाग के प्रवक्ता श्याम सिंह चौहान ने बताया कि आगामी दो दिन और प्रदेशवासियों को घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा, इसके बाद प्रदेश में शीत लहर चलने के आसार बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दो दिन में अधिकतम तापमान और नीचे जाने की संभावना है, इससे दिन में और कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।
गेहूं के लिए रामबाण है ठंड : डॉ. सिंह
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोहरा और ठंड गेहूं के लिए रामबाण का काम करेगी। गेहूं अनुसंधान संस्थान निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गेहूं के लिए अनुकूल समय चल रहा है। उन्होंने बताया कि गेहूं में फुटाव का समय है और इस समय गेहूं को ठंड की जरूरत होती है, इसलिए गेहूं के हिसाब से मौसम बिलकुल सही चल रहा है। उम्मीद है कि अंत तक मौसम सही रहेगा और गेहूं का फुटाव अच्छा होने से उत्पादन भी अच्छा रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
साल के पहले दिन प्रदेश में घने कोहरे की चादर रही। संभावना जताई जा रही है कि आगामी दो दिन और लोगों को घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बाद से शीतलहर चलेगी, जिससे तापमान और नीचे जाएगा। तापमान नीचे आने से ठंड और बढ़ेगी। अनुमान है कि आगामी सप्ताह से पाला जम सकता है। सोमवार को पूरा दिन सूर्य के दर्शन नहीं हो सके और न ही धुंध छंटी। सुबह से लेकर शाम तक धुंध रही। वहीं सुबह और शाम को धुंध में विजिबिलिटी भी जीरो प्रतिशत तक रही। सोमवार को करनाल का अधिकतम तापमान दो डिग्री और गिरकर 11 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2018 का पहला दिन 2013 के पहले दिन की तरह काफी ठंडा रहा। साल 2013 में अधिकतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। नमी सुबह और शाम दोनों समय 100 फीसदी रही। वायु दबाव सुबह 8.6 और दोपहर बाद 9.8 एमएम दर्ज किया गया। हवा की स्पीड भी 0.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। धुंध के कारण दिनभर सड़कों पर वाहन रेंगकर चले। दिन में भी वाहनों को लाइटें ऑन रहीं।
केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान स्थित मौसम विभाग के प्रवक्ता श्याम सिंह चौहान ने बताया कि आगामी दो दिन और प्रदेशवासियों को घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा, इसके बाद प्रदेश में शीत लहर चलने के आसार बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दो दिन में अधिकतम तापमान और नीचे जाने की संभावना है, इससे दिन में और कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।
विज्ञापन
गेहूं के लिए रामबाण है ठंड : डॉ. सिंह
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोहरा और ठंड गेहूं के लिए रामबाण का काम करेगी। गेहूं अनुसंधान संस्थान निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गेहूं के लिए अनुकूल समय चल रहा है। उन्होंने बताया कि गेहूं में फुटाव का समय है और इस समय गेहूं को ठंड की जरूरत होती है, इसलिए गेहूं के हिसाब से मौसम बिलकुल सही चल रहा है। उम्मीद है कि अंत तक मौसम सही रहेगा और गेहूं का फुटाव अच्छा होने से उत्पादन भी अच्छा रहेगा।
विज्ञापन