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साढ़े पांच घंटे चली जिप अध्यक्ष पद के चुनाव की जांच

Wed, 23 Mar 2016 12:10 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कैथल
अमर उजाला/ब्यूरो/कैथल Updated Wed, 23 Mar 2016 12:10 AM IST
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zila prishad chunav
जिला परिषद - फोटो : amar ujala
जिला परिषद के अध्यक्ष पद की जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी। मंगलवार को 6 अधिकारियों की टीम के सामने 10 पार्षदों ने साढ़े पांच घंटे तक ब्यान दर्ज करवाए। जिसमें अध्यक्ष सहित विरोध करने वाले 8 पार्षद शामिल थे। दिनभर चली जांच के चलते लघु सचिवालय में एसडीएम कार्यालय के बाहर गहमा-गहमी रही।
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क्या है मामला
जिला परिषद के 6 मार्च को हुए प्रधान व उप-प्रधान पद के चुनाव को लेकर 8 पार्षदों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसमें प्रधान बनीं सुखविद्र कौर के चयन को चुनौती दी गई। इन 8 पार्षदों के आरोप हैं कि जिला परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव सही ढंग से नहीं हुआ। इनके चयन में अधिकारियों ने विधायक कुलवंत बाजीगर के दबाव में वोटिंग नहीं होने दी। ना ही किसी दूसरे सदस्य को प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र भरने के लिए दिया। इन सभी आरोपों के बाद 17 मार्च को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए डीसी को जांच के आदेश दिए थे। जिसमें डीसी को एक सप्ताह में जांच करके फैसला लेने के लिए कहा था।
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डीसी ने इस मामले की जांच के लिए 6 अधिकारियों की कमेटी का गठन किया। इस कमेटी के सामने मंगलवार को पार्षदों ने अपने ब्यान दर्ज करवाए।
एसडीएम कार्यालय में एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक के अलावा कमेटी में सीटीएम नवीन आहुजा, डीडीपीओ, जिला परिषद के सीईओ राजेश दुग्गल, जिला न्यायवादी एवं सहायक जिला न्यायवादी जांच के लिए पहुंचे। जहां विरोध करने वाले 8 पार्षदों के ब्यान दर्ज किए गए। सभी पार्षदों ने एक-एक करके ब्यान दर्ज करवाए। विरोध कर रहे पार्षदों ने एक बार फिर से अपने ब्यानों में शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें उन्होंने प्रधान पद के चुनाव को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद प्रधान सुखविंद्र कौर व उप-प्रधान मुनीष कठवाड़ के बयान दर्ज किए गए।
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एडीसी की भूमिका पर भी उठाए सवाल
विरोध करने वाले पार्षदों में जिला पार्षद मंजू देवी, कमलेश, अंजू, रेणु बाला, भाग सिंह, नीलम देवी, सुरजीत सिंह, मौसिया शामिल हैं। इन सभी के आरोप हैं कि विधायक कुलवंत बाजीगर के दबाव में अधिकारियों ने प्रधान पद का चयन करवाया। तय समय के बाद प्रधान के नाम का ऐलान किया। जिसमें उनकी कोई राय नहीं ली गई। उन्हें विधिवत रुप से चुनाव की तिथि के बारे में भी सूचित नहीं किया गया। वहीं प्रशासनिक अधिकारी एडीसी की भूमिका पर भी इन याचिका कर्ताओं ने सवाल उठाए हैं।

वर्जन.....
जिला पार्षदों को ब्यान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। उनके ब्यान दर्ज कर लिए गए हैं। ब्यान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। फिलहाल कमेटी द्वारा जांच पूरी नहीं की गई है। जांच पूरी करने के बाद डीसी को प्रस्तुत की जाएगी।

-एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक
वर्जन....
माननीय न्यायालय के आदेशों पर जांच शुरू कर दी गई है। फिल्हाल जांच पूरी नहीं हुई है। सदस्यों के ब्यान दर्ज करने की कार्रवाई जारी है। सभी पक्षों की जानकारी हासिल करने के बाद कोर्ट के निर्देशानुसार जांच प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद इसे हाईकोर्ट भेजा जाएगा।
-निखिल गजराज, डीसी, कैथल।
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