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जाली नोट का धंधा करने वाले को पांच साल कैद
कैथल
Updated Tue, 25 Mar 2014 11:46 PM IST
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कैथल जिला एवं सत्र न्यायधीश जेएस सिद्धू की अदालत ने जाली नोट बनाने के दोषी पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर निवासी राजेश ने क्योड़क गांव वासी हरदम सिंह को पच्चीस के नकली नोट सात हजार रुपये में बेचे थे। इसके बाद हरदम सिंह ने 26 जनवरी 2013 को गांव क्योड़क के भैंस व्यापारी अमरनाथ उर्फ नाथा से चालीस हजार रुपये की भैंस खरीद ली।
इसमें से हरदम सिंह ने साढ़े 18 हजार रुपये के जाली नोट देते हुए बाकी राशि एक सप्ताह में देने की बात कही। इसके बाद भैंस व्यापारी और उसके बेटे ने नोटों पर शक जताया और इनकी जांच करवाई। जांच में पता चला कि हरदम के दिए हुए नोट नकली हैं।
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उन्होंने मामले की शिकायत सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने हरदम के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी। पुलिस ने जब हरदम को गिरफ्तार किया और पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे ये नोट राजेश ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश में रेड करते हुए आरोपी राजेश को काबू करते हुए जाली नोट बनाने का धंधा करने के लिए इस्तेमाल किए गए प्रिंटर, शाही, हरी पन्नी सहित अन्य कागजात बरामद किए।
तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। इसके बाद मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायधीश जेएस सिद्धू की अदालत ने आरोपी राजेश को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दो हजार रुपये जुर्माना भी अदा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, अदालत ने हरदम सिंह को बरी मामले में बरी कर दिया है।
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जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर निवासी राजेश ने क्योड़क गांव वासी हरदम सिंह को पच्चीस के नकली नोट सात हजार रुपये में बेचे थे। इसके बाद हरदम सिंह ने 26 जनवरी 2013 को गांव क्योड़क के भैंस व्यापारी अमरनाथ उर्फ नाथा से चालीस हजार रुपये की भैंस खरीद ली।
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इसमें से हरदम सिंह ने साढ़े 18 हजार रुपये के जाली नोट देते हुए बाकी राशि एक सप्ताह में देने की बात कही। इसके बाद भैंस व्यापारी और उसके बेटे ने नोटों पर शक जताया और इनकी जांच करवाई। जांच में पता चला कि हरदम के दिए हुए नोट नकली हैं।
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उन्होंने मामले की शिकायत सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने हरदम के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी। पुलिस ने जब हरदम को गिरफ्तार किया और पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे ये नोट राजेश ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश में रेड करते हुए आरोपी राजेश को काबू करते हुए जाली नोट बनाने का धंधा करने के लिए इस्तेमाल किए गए प्रिंटर, शाही, हरी पन्नी सहित अन्य कागजात बरामद किए।
तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। इसके बाद मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायधीश जेएस सिद्धू की अदालत ने आरोपी राजेश को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दो हजार रुपये जुर्माना भी अदा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, अदालत ने हरदम सिंह को बरी मामले में बरी कर दिया है।