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हिंदी भाषा की शब्दावली युवा करे दिनचर्या में शामिल
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29-कैथल। गुलशन।
- फोटो : Kaithal
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अपनों की भाषा सपनों की भाषा हिंदी को विकसित करने के लिए सरकार द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि हिंदी भाषा को नाटकों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। युवाओं को अपनी दिनचर्या में हिंदी शब्दावली को अपनाना चाहिए। हिंदी भाषा विचारों व मनोभावों को प्रकट करने की भाषा नहीं है बल्कि दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग भी है। हिंदी भाषा हमारी धरोहर है जो हमारे जीवन को विकास की ओर अग्रसर कर रही है।
दिनचर्या में हिंदी शब्दावली को अपनाए :
प्रधानाचार्य ऋतु बंसल ने बताया कि हिंदी भाषा राष्ट्र की भाषा है। नाटकों के जरिये हिंदी भाषा को लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। यह सशक्त माध्यम है, हिंदी भाषा में काम करना अच्छा लगता है। युवाओं को चाहिए की अपनी दिनचर्या में हिंदी शब्दावली को अपनाना चाहिए।
हिंदी भाषा दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग :
राजकीय स्कूल गुलियाना के प्रिंसिपल कुलदीप सिंह ने बताया कि हिंदी भाषा संवैधानिक रूप से हमारी राजभाषा है। हिंदी विचारों व मनोभावों को प्रकट करने की भाषा नहीं है बल्कि दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग भी है, व समय की जरूरत है। हिंदी भाषा को हर सरकार द्वारा प्रत्येक विभाग में लागू करना चाहिए।
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मातृभाषा का हो ज्ञान :
लेक्चर दिनेश कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा को विकसित करने के लिए सरकार द्वारा उठाया कदम तभी कारगर साबित होगा। जब युवा पीढ़ी इसे बढ़चढ़ कर भाग लेगी। हिंदी भाषा लुप्त होती जा रही है, विदेशी भाषा ने हमारी मस्तिष्क में भरी पड़ी है। हमें अपनी मातृभाषा का ज्ञान होना चाहिए।
हिंदी भाषा जीवन को विकास की ओर कर रही अग्रसर :
अध्यापक गुलशन कुमार ने बताया कि हिंदी भाषा हमारी धरोहर है। हिंदी भाषा संस्कृत से निकली भाषा है, जो संस्कारों का खजाना है। सरकार को चाहिए कि हिंदी भाषा को सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में प्रमुखता से लागू करें। सरकार जो भी अधिनियम, सूचना, विज्ञापन व नोटिस देती है सभी हिंदी भाषा में जारी करने चाहिए जो आम जनमानस को समझ आए।
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दिनचर्या में हिंदी शब्दावली को अपनाए :
प्रधानाचार्य ऋतु बंसल ने बताया कि हिंदी भाषा राष्ट्र की भाषा है। नाटकों के जरिये हिंदी भाषा को लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। यह सशक्त माध्यम है, हिंदी भाषा में काम करना अच्छा लगता है। युवाओं को चाहिए की अपनी दिनचर्या में हिंदी शब्दावली को अपनाना चाहिए।
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हिंदी भाषा दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग :
राजकीय स्कूल गुलियाना के प्रिंसिपल कुलदीप सिंह ने बताया कि हिंदी भाषा संवैधानिक रूप से हमारी राजभाषा है। हिंदी विचारों व मनोभावों को प्रकट करने की भाषा नहीं है बल्कि दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग भी है, व समय की जरूरत है। हिंदी भाषा को हर सरकार द्वारा प्रत्येक विभाग में लागू करना चाहिए।
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मातृभाषा का हो ज्ञान :
लेक्चर दिनेश कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा को विकसित करने के लिए सरकार द्वारा उठाया कदम तभी कारगर साबित होगा। जब युवा पीढ़ी इसे बढ़चढ़ कर भाग लेगी। हिंदी भाषा लुप्त होती जा रही है, विदेशी भाषा ने हमारी मस्तिष्क में भरी पड़ी है। हमें अपनी मातृभाषा का ज्ञान होना चाहिए।
हिंदी भाषा जीवन को विकास की ओर कर रही अग्रसर :
अध्यापक गुलशन कुमार ने बताया कि हिंदी भाषा हमारी धरोहर है। हिंदी भाषा संस्कृत से निकली भाषा है, जो संस्कारों का खजाना है। सरकार को चाहिए कि हिंदी भाषा को सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में प्रमुखता से लागू करें। सरकार जो भी अधिनियम, सूचना, विज्ञापन व नोटिस देती है सभी हिंदी भाषा में जारी करने चाहिए जो आम जनमानस को समझ आए।

28-कैथल। दिनेश।- फोटो : Kaithal

27-कैथल। कुलदीप।- फोटो : Kaithal

26-कैथल। ऋतु बंसल।- फोटो : Kaithal