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शिविर में सिखाया प्राणायाम
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:19 PM IST
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पतंजलि योग समिति गुहला चीका की और से गांव भागल में चल रहे तीन दिवसीय निशुल्क योग विज्ञान शिविर का रामचंद्र श्रीवास्तव ने द्वीप प्रज्वलित कर समापन किया।
रामचंद ने कहा कि योग से हमारा शरीर ही शुद्ध नहीं होता बल्कि मन व आत्मा भी पवित्र होते हैं। योग शिविर के अन्तिम दिन जिला प्रभारी मास्टर हरिओम ने कहा कि योग के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से भी मिलन होता है।
उन्होंने अनुलोम-विलाम प्राणायाम को सबसे महत्वपूर्ण प्राणायाम बताते हुए कहा कि इस प्राणायाम से सिर का दर्द, चक्र आना, मिर्गी के दौरे, उच्च रक्तचाप, गठिया, हृदय रोग, स्नायु दुर्बलता सभी रोग दूर हो जाते हैं व रात को खर्राटे आने बंद हो जाते हैं तथा आंखों की ज्योति तेज होती है।
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उन्होंने सभी साधकों को स्वामी रामदेव के बताए हुए आठ प्राणायाम 12 आसन व यौगिंग जोगिंग व सूर्य नमस्कार के 12 अभ्यास करवाएं। उन्होंने शिविर के अंत में सिंहासन व हास्य आसन के साथ शांति पाठ किया। इस अवसर पर सतीष श्रीवास्तव व ग्राम प्रभारी नरेन्द्र मंत्रो ने कहा कि हम इस भवन में हर रोज सुबह 5 से 6 योग कक्षा लगातार लगाते रहेंगे। इस अवसर पर सैकड़ों गांव-वासियों ने योग समिति चीका का शिविर के लिए धन्यवाद किया।
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रामचंद ने कहा कि योग से हमारा शरीर ही शुद्ध नहीं होता बल्कि मन व आत्मा भी पवित्र होते हैं। योग शिविर के अन्तिम दिन जिला प्रभारी मास्टर हरिओम ने कहा कि योग के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से भी मिलन होता है।
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उन्होंने अनुलोम-विलाम प्राणायाम को सबसे महत्वपूर्ण प्राणायाम बताते हुए कहा कि इस प्राणायाम से सिर का दर्द, चक्र आना, मिर्गी के दौरे, उच्च रक्तचाप, गठिया, हृदय रोग, स्नायु दुर्बलता सभी रोग दूर हो जाते हैं व रात को खर्राटे आने बंद हो जाते हैं तथा आंखों की ज्योति तेज होती है।
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उन्होंने सभी साधकों को स्वामी रामदेव के बताए हुए आठ प्राणायाम 12 आसन व यौगिंग जोगिंग व सूर्य नमस्कार के 12 अभ्यास करवाएं। उन्होंने शिविर के अंत में सिंहासन व हास्य आसन के साथ शांति पाठ किया। इस अवसर पर सतीष श्रीवास्तव व ग्राम प्रभारी नरेन्द्र मंत्रो ने कहा कि हम इस भवन में हर रोज सुबह 5 से 6 योग कक्षा लगातार लगाते रहेंगे। इस अवसर पर सैकड़ों गांव-वासियों ने योग समिति चीका का शिविर के लिए धन्यवाद किया।