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एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी से पानी लेकर आती है महिलाएं
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:24 AM IST
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पानी की समस्या
- फोटो : कैथल
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राजौंद। पेयजल संकट दिनोंदिन गंभीर रूप धारण करता जा रहा है। नगर में भूमिगत जल पीने योग्य न होने की वजह से कुछ ही नल ऐसे है। जहां से नगरनिवासी अपनी पेयजल की आपूर्ति करते हैं। नगर में स्थित जल घर नहरी पानी पर आधारित हैं। जल घर केे तालाबों को भरने के लिए नहरी पानी की आपूर्ति न होने की वजह से नगर के अधिकतर क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था विकट रूप ले चुकी है।
जिसके चलते नगर के पूंडरी चौंक के आसपास लगे दो-चार नलों से ही नगर की महिलाएं अपने घरों में पानी ले जाती हैं। एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी से पानी लाना नगर में काफी लंबे समय से महिलाओं व लोगों की दिनचर्या बनकर रह गया है। इतना ही नहीं दिन में बिजली न होने के कारण सांय के समय जैसे ही बिजली आती है तो उसी दौरान नगर मेें लगे सबमर्सीबलों पर महिलाओं का जम घट लगना एक आम बात बन चुकी है।
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महिला दर्शना, रेणू, कृष्णा, सरोज, मीना, प्रीति, ओमी, प्रेमो, ऊषा, सुमन इत्यादि ने बताया कि न तो जल घर से ही नहरी पानी की आपूर्ति होती है और न ही आसपास लगे नलों का पानी पीने योग्य है। जिसके चलते उनके पास दूर दराज लगे नलों व ट्यूबवेलों से पेयजल भरने के सिवाय कोई भी विकल्प नहीं है। महिलाओं की मांग है कि पेयजल समस्या को मिटाने के नहरों में 15 दिन में पानी उपलब्ध करवाया जाए ताकि जल घरों के टैंक भरकर सभी को नहरी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
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