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Kaithal News: कराटे में हिस्सा ले जीत रहे राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पदक
Tue, 21 May 2024 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 21 May 2024 04:49 AM IST
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राजिंद्र तंवर
कैथल। शहर के चंचल गिरी आश्रम स्थित इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी में अनेकों महिला व पुरूष खिलाड़ी आत्मरक्षा के गुर सिख कर, अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर कराटे प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश के लिए पदक जीत रहे हैं और कामयाबी की मंजिल पाकर विभिन्न सरकारी विभागों में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।
अकादमी के संचालक मीनू कुमार सहौत्रा ने बताया की यह अकादमी लगभग 26 वर्षों से शहर में सेवाएं दे रही हैं। इस समय अकादमी में लगभग 30 महिला व पुरष खिलाड़ी हैं। इसमें अब नौ महिला खिलाड़ी व 21 पुरुष खिलाड़ी सुबह शाम दो घंटे अभ्यास कर रहे हैं। सभी खिलाड़ियों का लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना है।
संचालक मीनू कुमार ने बताया कि आने वाले समय में शहर की सभी मातृ शक्तियो को इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी में निशुल्क आत्म रक्षा के गुर सिखाएं जांएगे ताकि व अपनी सुरक्षा करने के काबिल बन जाएं।
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अकादमी में 19 वर्षीय खिलाड़ी मोहित जांगड़ा ने भी इंटर यूनिवर्सिटी में भी कई पदक हासिल किए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर दो बार स्वर्ण पदक, चंडीगढ़ यूनिवसिटी में दो बार रजत पदक जीते हैं। उसने दिल्ली में आयोजित अतंरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोंगिता में कांंस्य पदक जीता है।
कराटे ः जापान की मार्शल आर्ट तकनीक
कराटे में मानव शरीर पंच, ब्लॉक और किक की तकनीकों के जरिए खिलाड़ी आत्मरक्षा के सबसे प्रभावशाली तरीकों को सीखता है। यह किसी व्यक्ति के तन और मन दोनों को संतुलित करता है। यह एक जापानी मॉर्शल आर्ट तकनीक है। वैसे तो माना जाता है कि कराटे की उत्पत्ति जापान के ''ताए'' और चीन के ''कुंग फू'' से हुई है। लेकिन ये जापानी ही थे, जिन्होंने इस कला को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने में बड़ा योगदान दिया है।
देश के लिए खेलना सपना
17 वर्षीय खिलाड़ी दीपकिरण सहोत्रा ब्लैक बेल्ट में राष्ट्रीय खिलाड़ी है। वह राजकीय कन्या स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा हंै। वह इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी में सुबह-शाम दो घंटे अभ्यास कर आत्मरक्षा के गुर सिखती हैं। उसका सपना है की वह देश के लिए खेलकर पदक जीते। इसके लिए खूब मेहनत करती हैं।
कामयाबी की राह पर
खिलाड़ी अंजलि जांगड़ा ने राष्ट्रीय स्तर कई पदक जीत चुकी है। वह वुशू व कराटे में राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी है। उसने इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता है। कराटे खेल की सहायता से वह कामयाबी की राह पर है। वह वूशु के राष्ट्रीय खेलों में अपनी रेफरी की ाूमिका निभा चुकी है।
कई पदक जीते चुके
21 वर्षीय खिलाड़ी आकाश नेपाल में स्वर्ण पदक जीत चुका हूं। चंडीगढ़ विवि में बीए कक्षा में हूं। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी वुशू में कांस्य, ताइक्वांडो में रजत, किक बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक और राज्य स्तर पर कराटे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी है। आगे सफलता के लिए और मेहनत करने की चाह है।
जमकर पसीना बहाता हूं
19 वर्षीय खिलाड़ी कर्णदीप शर्मा ने इंटर यूनिवर्सिटी में भी कर्इं पदक हासिल किए हैं। चंडीगढ़ विवि में बीए के छात्र हैं। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी वुशू में कांस्य, ताइक्वांडो में रजत और किक बॉक्सिंग में स्वर्ण, राज्य स्तर पर कराटे में भी स्वर्ण पदक जीते हैं। आगे सफलता जारी रखने के लिए जमकर पसीना बहाता हूं।
बहुत मेहनत करते हैं खिलाड़ी
कराटे कोच दीपक कुमार ने बताया कि अकादमी के खिलाड़ी बहुत मेहनत करते हैं। इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी के खिलाडिय़ों ने अतंरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य स्तर पर कराटे प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्कूली, इंटर यूनिवर्सिटी में भी कई पदक हासिल किए हैं।
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कैथल। शहर के चंचल गिरी आश्रम स्थित इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी में अनेकों महिला व पुरूष खिलाड़ी आत्मरक्षा के गुर सिख कर, अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर कराटे प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश के लिए पदक जीत रहे हैं और कामयाबी की मंजिल पाकर विभिन्न सरकारी विभागों में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।
अकादमी के संचालक मीनू कुमार सहौत्रा ने बताया की यह अकादमी लगभग 26 वर्षों से शहर में सेवाएं दे रही हैं। इस समय अकादमी में लगभग 30 महिला व पुरष खिलाड़ी हैं। इसमें अब नौ महिला खिलाड़ी व 21 पुरुष खिलाड़ी सुबह शाम दो घंटे अभ्यास कर रहे हैं। सभी खिलाड़ियों का लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना है।
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संचालक मीनू कुमार ने बताया कि आने वाले समय में शहर की सभी मातृ शक्तियो को इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी में निशुल्क आत्म रक्षा के गुर सिखाएं जांएगे ताकि व अपनी सुरक्षा करने के काबिल बन जाएं।
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अकादमी में 19 वर्षीय खिलाड़ी मोहित जांगड़ा ने भी इंटर यूनिवर्सिटी में भी कई पदक हासिल किए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर दो बार स्वर्ण पदक, चंडीगढ़ यूनिवसिटी में दो बार रजत पदक जीते हैं। उसने दिल्ली में आयोजित अतंरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोंगिता में कांंस्य पदक जीता है।
कराटे ः जापान की मार्शल आर्ट तकनीक
कराटे में मानव शरीर पंच, ब्लॉक और किक की तकनीकों के जरिए खिलाड़ी आत्मरक्षा के सबसे प्रभावशाली तरीकों को सीखता है। यह किसी व्यक्ति के तन और मन दोनों को संतुलित करता है। यह एक जापानी मॉर्शल आर्ट तकनीक है। वैसे तो माना जाता है कि कराटे की उत्पत्ति जापान के ''ताए'' और चीन के ''कुंग फू'' से हुई है। लेकिन ये जापानी ही थे, जिन्होंने इस कला को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने में बड़ा योगदान दिया है।
देश के लिए खेलना सपना
17 वर्षीय खिलाड़ी दीपकिरण सहोत्रा ब्लैक बेल्ट में राष्ट्रीय खिलाड़ी है। वह राजकीय कन्या स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा हंै। वह इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी में सुबह-शाम दो घंटे अभ्यास कर आत्मरक्षा के गुर सिखती हैं। उसका सपना है की वह देश के लिए खेलकर पदक जीते। इसके लिए खूब मेहनत करती हैं।
कामयाबी की राह पर
खिलाड़ी अंजलि जांगड़ा ने राष्ट्रीय स्तर कई पदक जीत चुकी है। वह वुशू व कराटे में राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी है। उसने इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता है। कराटे खेल की सहायता से वह कामयाबी की राह पर है। वह वूशु के राष्ट्रीय खेलों में अपनी रेफरी की ाूमिका निभा चुकी है।
कई पदक जीते चुके
21 वर्षीय खिलाड़ी आकाश नेपाल में स्वर्ण पदक जीत चुका हूं। चंडीगढ़ विवि में बीए कक्षा में हूं। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी वुशू में कांस्य, ताइक्वांडो में रजत, किक बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक और राज्य स्तर पर कराटे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी है। आगे सफलता के लिए और मेहनत करने की चाह है।
जमकर पसीना बहाता हूं
19 वर्षीय खिलाड़ी कर्णदीप शर्मा ने इंटर यूनिवर्सिटी में भी कर्इं पदक हासिल किए हैं। चंडीगढ़ विवि में बीए के छात्र हैं। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी वुशू में कांस्य, ताइक्वांडो में रजत और किक बॉक्सिंग में स्वर्ण, राज्य स्तर पर कराटे में भी स्वर्ण पदक जीते हैं। आगे सफलता जारी रखने के लिए जमकर पसीना बहाता हूं।
बहुत मेहनत करते हैं खिलाड़ी
कराटे कोच दीपक कुमार ने बताया कि अकादमी के खिलाड़ी बहुत मेहनत करते हैं। इंडियन सेल्फ डिफेंस अकादमी के खिलाडिय़ों ने अतंरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य स्तर पर कराटे प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्कूली, इंटर यूनिवर्सिटी में भी कई पदक हासिल किए हैं।