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Kaithal News: मुख्यमंत्री से मिला सम्मान तो चेहरे पर खिली मुस्कान
Sun, 13 Jul 2025 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अमर उजाला की ओर से पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय मेधावी सम्मान समारोह में कैथल जिले के टॉपरों को भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सम्मानित किया। अमर उजाला से मिले इस सम्मान से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से ही अच्छे परिणाम मिलते हैं, और यह साबित हो गया कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। अब वे अपने-अपने लक्ष्य को पाने के लिए और अधिक मेहनत करेंगे। इनमें चीका के स्योंमाजरा गांव के सरकारी स्कूल के विद्यार्थी अर्पणदीप सिंह भी शामिल रहे। वह प्रदेश में 12वीं कॉमर्स संकाय में स्टेट टॉपर बने हैं। ज्यादातर छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूलों से हैं और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। किसी के पिता मजदूर हैं, तो किसी की मां मेहनत मजदूरी कर बच्चों को पढ़ा रही है। इन सभी का कहना है कि पढ़ाई के लिए एकाग्रता जरूरी है और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
शहीद भगत सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल मटौर में 12वीं के छात्र आशीष ने बताया कि उसने 500 में 481 अंक प्राप्त किए हैं। आशीष ने जेईई मेन्स की परीक्षा पास की हुई हैं । हिसार से कोचिंग ले रहा हैं । पिता निजी स्कूल बस के चालक हैं।
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लेफ्टिनेंट बनना चाहती हूं : योगिता
मैंने 500 में से 484 अंक हासिल किए हैं। मेरा सपना सेना में लेफ्टिनेंट बनकर देश की सेवा करना है। अमर उजाला फाउंडेशन से सम्मान मिलने पर मेरा और मेरे परिवार का मनोबल बढ़ा है। हम सब बहुत खुश हैं।
सरकारी अफसर बनना है सपना : नीतू
मैंने 500 में 489 अंक लिए हैं। मेरा सपना है कि किसी ऊंचे पद की सरकारी नौकरी पाकर समाज की सेवा करूं। मैं इसकी तैयारी अभी से शुरू कर चुकी हूं। यह सम्मान मेरे लिए गर्व की बात है।
सीए बनना है, इसलिए मेहनत कर रही : मौली
मैंने 500 में से 488 अंक लिए हैं। मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती हूं। मेरे माता-पिता ने मेरी तैयारी
अभी से शुरू करवा दी है। अमर उजाला से मिला सम्मान हमें और प्रेरित करता है।
सीए बनने का है
लक्ष्य : अर्पणदीप सिंह
मैंने 500 में से 497 अंक लिए हैं। मेरा सपना सीए बनना है और मैं रोजाना उसी के लिए मेहनत करता हूं। अमर उजाला फाउंडेशन से मिले सम्मान ने परिवार को गर्व का एहसास कराया है।
आईपीएस बनकर दिखाना है : किरण
मैंने 500 में 487 अंक प्राप्त किए हैं। मेरे पिता नहीं हैं, मां नौकरी करती हैं। मैं मां की मेहनत को सफल बनाना चाहती हूं। मेरा सपना आईपीएस अधिकारी बनना है। सम्मान मिलने पर हम सब बहुत खुश हैं।
आईएएस बनकर देश सेवा करूंगी ः नमन
मैंने 500 में 483 अंक हासिल किए हैं। मेरे माता-पिता दोनों शिक्षक हैं। मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहती हूं ताकि समाज के लिए कुछ कर सकूं। यह सम्मान मेरे सफर की मजबूत शुरुआत है।
इंजीनियर बनना चाहती हूं : किरण
मैंने 500 में 490 अंक हासिल किए हैं। मैं एक अच्छी इंजीनियर बनना चाहती हूं। यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा है और इससे आगे बढ़ने का हौसला मिला है। मुकाम हासिल करने के लिए आगे भी खूब मेहनत करूंगी।
डॉक्टर बनने का देखा है सपना : नैंसी
मैंने 500 में 494 अंक लिए हैं। मैं डॉक्टर बनकर गरीब और
ज़रूरतमंदों की सेवा करना चाहती हूं। यह सपना मुझे रोज़ पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है। सम्मान मिलने से परिवार खुश है।
मरीजों की सेवा करना चाहती हूं : मन्नत
मैंने 500 में 493 अंक लिए हैं। मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं ताकि जरूरतमंदों का इलाज कर
सकूं। सम्मान पाकर मुझे बहुत खुशी हुई है।
बीमारियों को दूर करना चाहती हूं: महक
मैंने 500 में 494 अंक लिए हैं। डॉक्टर बनना चाहती हूं और बीमार लोगों की सेवा करना मेरा लक्ष्य है। इस सम्मान ने मेरे आत्मविश्वास को और मजबूत किया है।
इंजीनियर बनना चाहता हूं : गौरव
मैंने 500 में 493 अंक लिए हैं। मेरा सपना इंजीनियर बनना है और मैं इसके लिए रोज़ाना मेहनत करता हूं। अमर उजाला फाउंडेशन से मिला सम्मान मेरे लिए गर्व की बात है।
इंजीनियरिंग में कॅरिअर चाहता हूं : योगेश
मैंने 500 में 496 अंक लिए हैं। मैं इंजीनियर बनकर देश और समाज के लिए कुछ नया करना चाहता हूं। यह सम्मान मेरे परिवार के लिए बहुत खास है।
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कैथल। अमर उजाला की ओर से पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय मेधावी सम्मान समारोह में कैथल जिले के टॉपरों को भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सम्मानित किया। अमर उजाला से मिले इस सम्मान से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से ही अच्छे परिणाम मिलते हैं, और यह साबित हो गया कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। अब वे अपने-अपने लक्ष्य को पाने के लिए और अधिक मेहनत करेंगे। इनमें चीका के स्योंमाजरा गांव के सरकारी स्कूल के विद्यार्थी अर्पणदीप सिंह भी शामिल रहे। वह प्रदेश में 12वीं कॉमर्स संकाय में स्टेट टॉपर बने हैं। ज्यादातर छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूलों से हैं और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं। किसी के पिता मजदूर हैं, तो किसी की मां मेहनत मजदूरी कर बच्चों को पढ़ा रही है। इन सभी का कहना है कि पढ़ाई के लिए एकाग्रता जरूरी है और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
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शहीद भगत सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल मटौर में 12वीं के छात्र आशीष ने बताया कि उसने 500 में 481 अंक प्राप्त किए हैं। आशीष ने जेईई मेन्स की परीक्षा पास की हुई हैं । हिसार से कोचिंग ले रहा हैं । पिता निजी स्कूल बस के चालक हैं।
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लेफ्टिनेंट बनना चाहती हूं : योगिता
मैंने 500 में से 484 अंक हासिल किए हैं। मेरा सपना सेना में लेफ्टिनेंट बनकर देश की सेवा करना है। अमर उजाला फाउंडेशन से सम्मान मिलने पर मेरा और मेरे परिवार का मनोबल बढ़ा है। हम सब बहुत खुश हैं।
सरकारी अफसर बनना है सपना : नीतू
मैंने 500 में 489 अंक लिए हैं। मेरा सपना है कि किसी ऊंचे पद की सरकारी नौकरी पाकर समाज की सेवा करूं। मैं इसकी तैयारी अभी से शुरू कर चुकी हूं। यह सम्मान मेरे लिए गर्व की बात है।
सीए बनना है, इसलिए मेहनत कर रही : मौली
मैंने 500 में से 488 अंक लिए हैं। मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती हूं। मेरे माता-पिता ने मेरी तैयारी
अभी से शुरू करवा दी है। अमर उजाला से मिला सम्मान हमें और प्रेरित करता है।
सीए बनने का है
लक्ष्य : अर्पणदीप सिंह
मैंने 500 में से 497 अंक लिए हैं। मेरा सपना सीए बनना है और मैं रोजाना उसी के लिए मेहनत करता हूं। अमर उजाला फाउंडेशन से मिले सम्मान ने परिवार को गर्व का एहसास कराया है।
आईपीएस बनकर दिखाना है : किरण
मैंने 500 में 487 अंक प्राप्त किए हैं। मेरे पिता नहीं हैं, मां नौकरी करती हैं। मैं मां की मेहनत को सफल बनाना चाहती हूं। मेरा सपना आईपीएस अधिकारी बनना है। सम्मान मिलने पर हम सब बहुत खुश हैं।
आईएएस बनकर देश सेवा करूंगी ः नमन
मैंने 500 में 483 अंक हासिल किए हैं। मेरे माता-पिता दोनों शिक्षक हैं। मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहती हूं ताकि समाज के लिए कुछ कर सकूं। यह सम्मान मेरे सफर की मजबूत शुरुआत है।
इंजीनियर बनना चाहती हूं : किरण
मैंने 500 में 490 अंक हासिल किए हैं। मैं एक अच्छी इंजीनियर बनना चाहती हूं। यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा है और इससे आगे बढ़ने का हौसला मिला है। मुकाम हासिल करने के लिए आगे भी खूब मेहनत करूंगी।
डॉक्टर बनने का देखा है सपना : नैंसी
मैंने 500 में 494 अंक लिए हैं। मैं डॉक्टर बनकर गरीब और
ज़रूरतमंदों की सेवा करना चाहती हूं। यह सपना मुझे रोज़ पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है। सम्मान मिलने से परिवार खुश है।
मरीजों की सेवा करना चाहती हूं : मन्नत
मैंने 500 में 493 अंक लिए हैं। मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं ताकि जरूरतमंदों का इलाज कर
सकूं। सम्मान पाकर मुझे बहुत खुशी हुई है।
बीमारियों को दूर करना चाहती हूं: महक
मैंने 500 में 494 अंक लिए हैं। डॉक्टर बनना चाहती हूं और बीमार लोगों की सेवा करना मेरा लक्ष्य है। इस सम्मान ने मेरे आत्मविश्वास को और मजबूत किया है।
इंजीनियर बनना चाहता हूं : गौरव
मैंने 500 में 493 अंक लिए हैं। मेरा सपना इंजीनियर बनना है और मैं इसके लिए रोज़ाना मेहनत करता हूं। अमर उजाला फाउंडेशन से मिला सम्मान मेरे लिए गर्व की बात है।
इंजीनियरिंग में कॅरिअर चाहता हूं : योगेश
मैंने 500 में 496 अंक लिए हैं। मैं इंजीनियर बनकर देश और समाज के लिए कुछ नया करना चाहता हूं। यह सम्मान मेरे परिवार के लिए बहुत खास है।