{"_id":"62d322a967556d3fad0ddd21","slug":"when-goga-maadi-s-name-in-the-old-record-then-how-did-the-land-become-of-the-red-cross-kaithal-news-knl114884460","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब पुराने रिकार्ड में गोगा माड़ी का नाम तो रेडक्रॉस की कैसे हो गई जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब पुराने रिकार्ड में गोगा माड़ी का नाम तो रेडक्रॉस की कैसे हो गई जमीन
विज्ञापन
धरनास्थल पर पहुंची नप अध्यक्ष सुरभि गर्ग को अपनी समस्या बताते हुए कालोनी वासी
- फोटो : Kaithal
दो दिन पहले जिला प्रशासन की ओर से करनाल रोड पर रेडक्रॉस की जमीन बता कब्जा हटवाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इसके विरोध में कॉलोनी के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास 1960 के दशक का रिकॉर्ड है, जिसमें इस भूमि के रिकॉर्ड में गोगा माड़ी का नाम है। इसके बाद 1991 में इस रिकॉर्ड से गोगा माड़ी का नाम कैसे हटा? उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। वहीं शनिवार को नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने भी मौके का दौरा कर लोगों से बातचीत की। उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
कालोनी निवासी जाहरवीर गोगा माड़ी संस्था के प्रधान नरेश कुमार, श्रीराम, अजमेर, प्रेमचंद, गुलाब सिंह, मंगत, सुरेश व अन्य ने बताया कि यहां गोगा माड़ी मंदिर तोड़ा गया है। कारण कि वर्ष 1962-63 के जमीन के रिकॉर्ड में गोगा माड़ी के नाम से जमीन दर्ज है। इसके बाद वर्ष-1991 में रिकॉर्ड बदलकर इस जमीन को रेडक्रॉस के नाम कर दिया गया। रिकार्ड के अनुसार यह जमीन सुरजन, रामचंद्र, रामदिया, दयाला व अन्य ने दान की थी। इसके बाद इस जमीन को क्यों और कैसे रेडक्रॉस के नाम किया गया। उन्हें नहीं पता। वहीं एक बार दान दी गई जमीन को आगे बेचा या दान नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद रेडक्रॉस ने इस जमीन में एक हिस्सा मत्स्य पालन विभाग को दे दिया। एक हिस्सा हरियाणा औद्योगिक निगम को दे दिया। नगर परिषद ने वैध कालोनी होने के कारण ही सड़क बनाई हुई है। इस सड़क के साथ-साथ सीवरेज, पेयजल पाइपलाइन व अन्य सुविधाएं हैं। सड़क तोड़ते समय न केवल सड़क हटवाई, बल्कि पेयजल पाइपलाइन व सीवरेज भी तोड़ दिए गए। इस कारण पूरी कालोनी के लोग परेशान हैं।
अधिकारियों ने बातचीत के लिए बुलाया
तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में कालोनी के लोगों द्वारा धरना दिए जाने की जानकारी मिलने पर नप अध्यक्ष सुरभि गर्ग, पार्षद दीपक शर्मा और अन्य पार्षद मौके पर पहुंचे और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग विश्रामगृह में धरना दे रहे लोगों को बातचीत के लिए बुलाया गया, जहां कालोनी के लोगों ने अधिकारियों को कागजात दिखाए। मौके पर पहुंची सुरभि गर्ग ने कहा कि कालोनी के लोगों ने रिकॉर्ड होने की बात कही है। अब रिकॉर्ड की जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन
इस संबंध में रेडक्रॉस के सचिव रामजी ने कहा कि रेडक्रॉस ने 1991 के रिकॉर्ड के कानून अनुसार कार्रवाई की है। अब कुछ लोगों द्वारा पुराने रिकॉर्ड में गोगामाड़ी के नाम जमीन की बात कही गई है। इस बारे में उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। सीईओ जिला परिषद भी बैठक में मौजूद थे, वही कुछ बता सकते हैं।
सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश ने कहा कि कालोनी के लोगों ने कहा है कि उनके पास 60 के दशक का रिकॉर्ड है। कालोनी के लोग सोमवार को एसडीएम कार्यालय में एक आवेदन देंगे। इसके बाद पता लगाया जाएगा कि लोगों का दावा सही है या नहीं। विदित हो कि एसडीएम कोर्ट के आदेश पर ही रेडक्रॉस ने जमीन पर कब्जा लिया है।
संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी ने लिया गिराए गए मंदिरों का जायजा
कैथल। अखिल भारतीय योगी नाथ उपाध्याय समाज सेवा संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी योगी सुभाष चंद ने करनाल रोड पर गिराए गए मंदिरों का जायजा लिया। सुभाष चंद ने कहा कि गुरु गोरखनाथ, मां कालका मंदिर व गोगा जाहरवीर माड़ी की मूर्तियों को जेसीबी से बाहर निकालकर सड़क पर रख दिया गया। देहरादून से पहुंचे कर्ण सिंह ने मंदिर के सभी कागजों की जांच की। इस मौके पर शिवकुमार यमुनानगर, इंस्पेक्टर इंद्र सिंह कैथल, कश्मीरी लाल कैथल, पिंकू, सन्नी पूंडरी, मनीष फतेहपुर, अमित, अमन, संजय, संजू, निशु, नरेश सैनी कैथल, अमित कौशिक एडवोकेट कैथल, बलबीर सैनी कैथल व संजय सैनी मौजूद थे।
विज्ञापन
कालोनी निवासी जाहरवीर गोगा माड़ी संस्था के प्रधान नरेश कुमार, श्रीराम, अजमेर, प्रेमचंद, गुलाब सिंह, मंगत, सुरेश व अन्य ने बताया कि यहां गोगा माड़ी मंदिर तोड़ा गया है। कारण कि वर्ष 1962-63 के जमीन के रिकॉर्ड में गोगा माड़ी के नाम से जमीन दर्ज है। इसके बाद वर्ष-1991 में रिकॉर्ड बदलकर इस जमीन को रेडक्रॉस के नाम कर दिया गया। रिकार्ड के अनुसार यह जमीन सुरजन, रामचंद्र, रामदिया, दयाला व अन्य ने दान की थी। इसके बाद इस जमीन को क्यों और कैसे रेडक्रॉस के नाम किया गया। उन्हें नहीं पता। वहीं एक बार दान दी गई जमीन को आगे बेचा या दान नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद रेडक्रॉस ने इस जमीन में एक हिस्सा मत्स्य पालन विभाग को दे दिया। एक हिस्सा हरियाणा औद्योगिक निगम को दे दिया। नगर परिषद ने वैध कालोनी होने के कारण ही सड़क बनाई हुई है। इस सड़क के साथ-साथ सीवरेज, पेयजल पाइपलाइन व अन्य सुविधाएं हैं। सड़क तोड़ते समय न केवल सड़क हटवाई, बल्कि पेयजल पाइपलाइन व सीवरेज भी तोड़ दिए गए। इस कारण पूरी कालोनी के लोग परेशान हैं।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बातचीत के लिए बुलाया
तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में कालोनी के लोगों द्वारा धरना दिए जाने की जानकारी मिलने पर नप अध्यक्ष सुरभि गर्ग, पार्षद दीपक शर्मा और अन्य पार्षद मौके पर पहुंचे और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग विश्रामगृह में धरना दे रहे लोगों को बातचीत के लिए बुलाया गया, जहां कालोनी के लोगों ने अधिकारियों को कागजात दिखाए। मौके पर पहुंची सुरभि गर्ग ने कहा कि कालोनी के लोगों ने रिकॉर्ड होने की बात कही है। अब रिकॉर्ड की जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन
इस संबंध में रेडक्रॉस के सचिव रामजी ने कहा कि रेडक्रॉस ने 1991 के रिकॉर्ड के कानून अनुसार कार्रवाई की है। अब कुछ लोगों द्वारा पुराने रिकॉर्ड में गोगामाड़ी के नाम जमीन की बात कही गई है। इस बारे में उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। सीईओ जिला परिषद भी बैठक में मौजूद थे, वही कुछ बता सकते हैं।
सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश ने कहा कि कालोनी के लोगों ने कहा है कि उनके पास 60 के दशक का रिकॉर्ड है। कालोनी के लोग सोमवार को एसडीएम कार्यालय में एक आवेदन देंगे। इसके बाद पता लगाया जाएगा कि लोगों का दावा सही है या नहीं। विदित हो कि एसडीएम कोर्ट के आदेश पर ही रेडक्रॉस ने जमीन पर कब्जा लिया है।
संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी ने लिया गिराए गए मंदिरों का जायजा
कैथल। अखिल भारतीय योगी नाथ उपाध्याय समाज सेवा संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी योगी सुभाष चंद ने करनाल रोड पर गिराए गए मंदिरों का जायजा लिया। सुभाष चंद ने कहा कि गुरु गोरखनाथ, मां कालका मंदिर व गोगा जाहरवीर माड़ी की मूर्तियों को जेसीबी से बाहर निकालकर सड़क पर रख दिया गया। देहरादून से पहुंचे कर्ण सिंह ने मंदिर के सभी कागजों की जांच की। इस मौके पर शिवकुमार यमुनानगर, इंस्पेक्टर इंद्र सिंह कैथल, कश्मीरी लाल कैथल, पिंकू, सन्नी पूंडरी, मनीष फतेहपुर, अमित, अमन, संजय, संजू, निशु, नरेश सैनी कैथल, अमित कौशिक एडवोकेट कैथल, बलबीर सैनी कैथल व संजय सैनी मौजूद थे।