{"_id":"687a97375604a148540ded56","slug":"we-will-protest-against-the-breach-of-promise-rampal-kaithal-news-c-18-1-knl1004-695404-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"वादाखिलाफी के विरोध में करेंगे प्रदर्शन : रामपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वादाखिलाफी के विरोध में करेंगे प्रदर्शन : रामपाल
Sat, 19 Jul 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा एंड स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (एचएसटीएफआई) की ओर से शुक्रवार को जवाहर पार्क, कैथल में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें संगठन के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार पर वादाखिलाफी तथा शिक्षा नीति की आड़ में तुगलकी फरमान जारी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 21 से 25 जुलाई तक प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के बहाने सरकार सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर रही है। प्रत्येक गांव में एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) की यूनिट बनाने की योजना के पीछे असल मंशा लगभग 5000 सरकारी स्कूलों के मर्जर की है, जिससे शिक्षा ढांचे पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
रामपाल शर्मा ने कहा कि कौशल विकास से जुड़े अध्यापकों की सेवा सुरक्षा को लेकर सरकार बार-बार भरोसा दिलाने के बावजूद उनके रोजगार के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चिराग योजना के माध्यम से एक सोची-समझी रणनीति के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को निजी स्कूलों की ओर भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझाकर शिक्षा व्यवस्था को बाधित किया जा रहा है। उनका मानना है कि सरकारी स्कूलों को बदनाम कर निजीकरण को बढ़ावा देना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
रामपाल शर्मा ने बताया कि शिक्षक संघ कई बार सरकार और उच्च अधिकारियों को यह सुझाव दे चुका है कि शिक्षकों का प्रशिक्षण अप्रैल से सितंबर तक ही सीमित रखा जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए पूरे सत्र के दौरान प्रशिक्षण जारी रखे हुए है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी मुद्दों के विरोध में संगठन 21 से 25 जुलाई तक हर ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगों को दोहराएगा।
विज्ञापन
कैथल। हरियाणा एंड स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (एचएसटीएफआई) की ओर से शुक्रवार को जवाहर पार्क, कैथल में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें संगठन के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार पर वादाखिलाफी तथा शिक्षा नीति की आड़ में तुगलकी फरमान जारी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 21 से 25 जुलाई तक प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के बहाने सरकार सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर रही है। प्रत्येक गांव में एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) की यूनिट बनाने की योजना के पीछे असल मंशा लगभग 5000 सरकारी स्कूलों के मर्जर की है, जिससे शिक्षा ढांचे पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
विज्ञापन
रामपाल शर्मा ने कहा कि कौशल विकास से जुड़े अध्यापकों की सेवा सुरक्षा को लेकर सरकार बार-बार भरोसा दिलाने के बावजूद उनके रोजगार के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चिराग योजना के माध्यम से एक सोची-समझी रणनीति के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को निजी स्कूलों की ओर भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझाकर शिक्षा व्यवस्था को बाधित किया जा रहा है। उनका मानना है कि सरकारी स्कूलों को बदनाम कर निजीकरण को बढ़ावा देना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
रामपाल शर्मा ने बताया कि शिक्षक संघ कई बार सरकार और उच्च अधिकारियों को यह सुझाव दे चुका है कि शिक्षकों का प्रशिक्षण अप्रैल से सितंबर तक ही सीमित रखा जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए पूरे सत्र के दौरान प्रशिक्षण जारी रखे हुए है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी मुद्दों के विरोध में संगठन 21 से 25 जुलाई तक हर ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगों को दोहराएगा।