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Kaithal News: पानी से लबालब खेत और खलिहान
Tue, 11 Jul 2023 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 11 Jul 2023 12:34 AM IST
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कैथल। जिले में तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। अब तक जिले में 606 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। जो औसतन 86 एमएम रही। पानी से खेत लबालब भर चुके हैं। गहरे खेतों में बारिश का पानी जमा होने से धान की फसल डूबने के कगार पर है। बारिश से गांव बरोट में रजबाहा टूटने से सारा पानी खेतों में भर गया। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि आगामी दो दिन तक और अधिक बारिश होने की संभावना है।
सोमवार को जिलेभर में शाम पांच बजे तक औसतन 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से राहत मिली। उधर, धान रोपाई का कार्य में तेजी आ गई। अब तक 95 प्रतिशत तक धान रोपाई कार्य पूरा हो चुका है। उधर शहर में पानी जमा होने से कई सड़कें टूट गई। एसबीआई रोड एक साल पहले बना था, जो बारिश का पानी जमा होने से पूरी तरह से टूट गई और बजरी बीच सड़क पर बिखर गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद वर्मा ने कहा कि आगामी दो दिन तक और बारिश की संभावना है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. करमचंद ने कहा कि अभी तक जिले में बारिश से कोई नुकसान नहीं है। किसान जहां पर धान में पानी अधिक जमा होता है, वहां से पानी उतारने का प्रबंध कर लें। ताकि यदि
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और बारिश होती है तो धान को बचाया जा सके।
उधर, बारिश के कारण ज्यादातर बाजार से ग्राहक भी नदारद रहे और दिनभर दुकानदार भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
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सोमवार को जिलेभर में शाम पांच बजे तक औसतन 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से राहत मिली। उधर, धान रोपाई का कार्य में तेजी आ गई। अब तक 95 प्रतिशत तक धान रोपाई कार्य पूरा हो चुका है। उधर शहर में पानी जमा होने से कई सड़कें टूट गई। एसबीआई रोड एक साल पहले बना था, जो बारिश का पानी जमा होने से पूरी तरह से टूट गई और बजरी बीच सड़क पर बिखर गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद वर्मा ने कहा कि आगामी दो दिन तक और बारिश की संभावना है।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. करमचंद ने कहा कि अभी तक जिले में बारिश से कोई नुकसान नहीं है। किसान जहां पर धान में पानी अधिक जमा होता है, वहां से पानी उतारने का प्रबंध कर लें। ताकि यदि
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और बारिश होती है तो धान को बचाया जा सके।
उधर, बारिश के कारण ज्यादातर बाजार से ग्राहक भी नदारद रहे और दिनभर दुकानदार भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।