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पानी की टंकियों में जमा है गंदगी, मिट्टी, काई व मरे पक्षी
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13-कैथल। पानी की टंकी जमी पड़ी काई।
- फोटो : Kaithal
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क्या आपके घर में भी बीमारियां पल रही हैं? इस बात की जानकारी आप खुद लगा सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी पानी की टंकी की जांच करनी चाहिए। इस बात का खुलासा हुआ है कि शहर में अधिकतर घरों में पानी की टंकियों को साफ ही नहीं करवाया जाता। जिस कारण उनमें लंबे समय से पानी में आ रही गंदगी, काई, मरे हुए जीव पड़े हैं। जिससे दूषित पानी का ही सभी तरह के कार्यों में प्रयोग किया जा रहा है। जो बीमारी का बड़ा कारण बन रहा है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व महासचिव डॉ. राजेश गोयल ने बताया कि उन्होंने पता करवाया तो इस बात का खुलासा हुआ कि अधिकतर घरों में पानी की टंकी साफ ही नहीं हो रही हैं। सालों से उसी पानी की टंकी का पानी घरेलू कार्यों यहां तक की कई जगह पीने में भी प्रयोग हो रहा है। ऐसे में लोग बीमारी का कारण बन रहे हैं।
पानी की टंकियों में मिले मरे हुए कबूतर, रेत की परतें, काई व अन्य कीड़े : पानी की टंकियों में काफी ऐसी चीजें भी मिली हैं, जो पानी को दूषित कर रही हैं। एक घर की छत पर पानी की टंकी में मरा हुआ कबूतर मिला। दो-तीन जगहों पर इसमें रेत की परत, जमी हुई काई, टंकी की निचली सतह पर कीड़े मिले। ऐसे में ये गंदा पानी ही रसोई तक सप्लाई हो रहा है।
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पेट की बीमारियों, उल्टी दस्त का कारण बनता है दूषित पान : डॉक्टरों के अनुसार दूषित पानी पीने से, उसमें हाथ धोने से या उसमें खाना आदि बनाने से पेट की बीमारियों, उल्टी व दस्त जैसी बीमारियां होती हैं। कई जगह पानी साफ हो और लंबे समय तक वहीं पड़ा रहता तो इसमें डेंगू भी हो सकता है। इसलिए पानी की टंकियों को साफ करते रहना चाहिए।
सीएमओ डा. सुरेंद्र नैन ने कहा कि जब पानी में बैक्टीरिया ज्यादा हो जाएं तो वह पीने लायक नहीं रहता। इसलिए पानी की टंकी साफ रखना जरूरी है। विभाग द्वारा इस बार सक्षम युवाओं की मदद से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया गया है। जहां-जहां डेंगू का लारवा मिला है, उसे नष्ट भी करवाया गया है। लोगों से भी अपील है कि वे खुद भी अपने घर में जांचें कि कहीं पानी तो नहीं खड़ा। साथ ही अपनी टंकियों को साफ-सुथरा रखें। ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व महासचिव डॉ. राजेश गोयल ने बताया कि उन्होंने पता करवाया तो इस बात का खुलासा हुआ कि अधिकतर घरों में पानी की टंकी साफ ही नहीं हो रही हैं। सालों से उसी पानी की टंकी का पानी घरेलू कार्यों यहां तक की कई जगह पीने में भी प्रयोग हो रहा है। ऐसे में लोग बीमारी का कारण बन रहे हैं।
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पानी की टंकियों में मिले मरे हुए कबूतर, रेत की परतें, काई व अन्य कीड़े : पानी की टंकियों में काफी ऐसी चीजें भी मिली हैं, जो पानी को दूषित कर रही हैं। एक घर की छत पर पानी की टंकी में मरा हुआ कबूतर मिला। दो-तीन जगहों पर इसमें रेत की परत, जमी हुई काई, टंकी की निचली सतह पर कीड़े मिले। ऐसे में ये गंदा पानी ही रसोई तक सप्लाई हो रहा है।
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पेट की बीमारियों, उल्टी दस्त का कारण बनता है दूषित पान : डॉक्टरों के अनुसार दूषित पानी पीने से, उसमें हाथ धोने से या उसमें खाना आदि बनाने से पेट की बीमारियों, उल्टी व दस्त जैसी बीमारियां होती हैं। कई जगह पानी साफ हो और लंबे समय तक वहीं पड़ा रहता तो इसमें डेंगू भी हो सकता है। इसलिए पानी की टंकियों को साफ करते रहना चाहिए।
सीएमओ डा. सुरेंद्र नैन ने कहा कि जब पानी में बैक्टीरिया ज्यादा हो जाएं तो वह पीने लायक नहीं रहता। इसलिए पानी की टंकी साफ रखना जरूरी है। विभाग द्वारा इस बार सक्षम युवाओं की मदद से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया गया है। जहां-जहां डेंगू का लारवा मिला है, उसे नष्ट भी करवाया गया है। लोगों से भी अपील है कि वे खुद भी अपने घर में जांचें कि कहीं पानी तो नहीं खड़ा। साथ ही अपनी टंकियों को साफ-सुथरा रखें। ताकि बीमारियों से बचा जा सके।

12-कैथल। एक मकान में पानी की टंकी मरा पड़ा कबुतर।- फोटो : Kaithal