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कैथल: तिरंगे के सम्मान के लिए ऑस्ट्रेलिया में काटी जेल, रिहा होने के बाद अपने गांव कौल पहुंचा विशाल जूड, ग्रामीणों ने किया जोरदार स्वागत

Mon, 25 Oct 2021 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 25 Oct 2021 02:30 AM IST
सार

ऑस्ट्रेलिया की जेल से रिहा होने के बाद युवक विशाल रविवार को अपने पैतृक गांव कौल पहुंच गया। उसे इसलिए जेल में डाला गया था कि उसने ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान के नारे लगाने वालों का विरोध किया था। भिड़ने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। ग्रामीणों ने तिरंगा लहराकर उसका जोरदार स्वागत किया।

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After being released from prison in Australia the youth reached his village Kaul in Kaithal
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया की जेल से रिहा होने के बाद विशाल जूड रविवार को कैथल में अपने गांव कौल में पहुंच गया। यहां उसका जोरदार स्वागत किया गया। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उसे फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान देश के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई, तो युवाओं के हाथों में सैंकड़ों तिरंगे लहराते दिखे। राहुल वाल्मीकि कौल, सावन सगवाल, कर्मबीर कौल, आशीष, विशाल बागड़ी, राकेश ढांडे, प्रदीप कश्यप, काला बागड़ी, प्रवीन कौल, इस्म सिंह, करनैल सगवाल, राजकुमार, नसीब कौल, विजय कौल सहित अन्य लोगों ने विशाल का स्वागत किया।

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अकेले ही भिड़ गए थे विरोधियों से
एससी खाप के सदस्य राहुल वाल्मीकि ने इस दौरान कहा कि विशाल जूड विदेशी धरती पर अपनी जान की परवाह किए बिना ही अपने देश व तिरंगे के सम्मान के लिए विरोधियों से भिड़ गए थे। उसे वहां साजिश का शिकार बनाया गया और जेल में भी रहना पड़ा। इतना साहसिक कार्य देशभक्त ही कर सकता है। इसलिए विशाल हर युवा के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गया गया है। उसे सरकार को डीएसपी पद पर नियुक्त करना चाहिए, ताकि युवाओं में देशभक्ति की भावना बढ़ सके। मौके पर राहुल वाल्मीकि ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का चिह्न सौंप विशाल जूड का स्वागत किया।
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सहन नहीं हुए खालिस्तान के नारे
विशाल ने कहा कि उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद थे, जो जांच में भी साबित हो गए। कुछ लोग वहां खालिस्तान के नारे लगाते हुए भारत व तिरंगे का अपमान करने लगे। जिसे वह सहन नहीं कर सका। हर भारतीय को अपने देश व तिरंगे के सम्मान के लिए हर समय आगे रहना चाहिए। विशाल ने कहा कि अभी वह यहीं रहेगा और मौका मिलेगा तो दोबारा ऑस्ट्रेलिया जरूर जाएगा।

  

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