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Kaithal News: गांव भूना के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की
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एसडीएम को ज्ञापन सौंपते गांव भूना के ग्रामीण।
कैथल। गांव भूना की पंचायत भूमि की लीज प्रक्रिया में अनियमितताओं, अवैध कब्जे और पंचायत को संभावित आर्थिक नुकसान के आरोपों पर ग्रामीणों ने बुधवार को जिला सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने डीसी अपराजिता और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम एसडीएम संजय कुमार को ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने निरस्त की जा चुकी लीज वाली जमीन पंचायत को वापस दिलाने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव भूना की पंचायत भूमि के संबंध में 1 जुलाई को भरवरी देवी के नाम एक वर्ष की लीज रसीद जारी की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार इस मामले में सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी गुहला की ओर से 24 अगस्त को आदेश जारी कर लीज को निरस्त कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आदेश में बोली प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत की जमीन गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पंचायत को हुए संभावित आर्थिक नुकसान का आकलन कर रिकवरी करने और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 1 जुलाई को हुई बोली में भरवरी देवी स्वयं और उनका कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं था। इसके बावजूद उनके नाम पर लीज जारी किए जाने की जांच की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने पूरी बोली और लीज प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
पंचायत को जमीन वापस दिलाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से 24 अगस्त के आदेश का तत्काल प्रभाव से अनुपालन करवाते हुए निरस्त लीज वाली भूमि का कब्जा ग्राम पंचायत भूना को वापस दिलाने की मांग की। साथ ही सरपंच और पंचायत सचिव की भूमिका की विभागीय जांच कराए जाने की मांग भी ज्ञापन में उठाई गई है। ग्रामीणों ने आरोप सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की मांग की।
पूर्व विधायक की भूमिका की जांच की मांग
ज्ञापन में भरवरी देवी और गुहला के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की गई। ग्रामीणों ने पूर्व विधायक से जुड़े वायरल ऑडियो में किए गए दावों की जांच करवाने और किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
फसल नुकसान के आरोपों की भी हो जांच
ग्रामीणों ने पूर्व विधायक के पुत्र साहब सिंह की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि एससी समाज के लोगों की ओर से बोई गई फसल को ट्रैक्टर से नुकसान पहुंचाने के मामले में उनकी भूमिका रही है। ग्रामीणों ने इस मामले को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की है।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि गांव भूना के ग्रामीणों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। ज्ञापन सरकार को भेजा जाएगा और आगामी आदेशों के अनुसार प्रशासन कार्रवाई करेगा।
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ग्रामीणों ने निरस्त की जा चुकी लीज वाली जमीन पंचायत को वापस दिलाने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव भूना की पंचायत भूमि के संबंध में 1 जुलाई को भरवरी देवी के नाम एक वर्ष की लीज रसीद जारी की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार इस मामले में सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी गुहला की ओर से 24 अगस्त को आदेश जारी कर लीज को निरस्त कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आदेश में बोली प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत की जमीन गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पंचायत को हुए संभावित आर्थिक नुकसान का आकलन कर रिकवरी करने और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 1 जुलाई को हुई बोली में भरवरी देवी स्वयं और उनका कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं था। इसके बावजूद उनके नाम पर लीज जारी किए जाने की जांच की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने पूरी बोली और लीज प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
पंचायत को जमीन वापस दिलाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से 24 अगस्त के आदेश का तत्काल प्रभाव से अनुपालन करवाते हुए निरस्त लीज वाली भूमि का कब्जा ग्राम पंचायत भूना को वापस दिलाने की मांग की। साथ ही सरपंच और पंचायत सचिव की भूमिका की विभागीय जांच कराए जाने की मांग भी ज्ञापन में उठाई गई है। ग्रामीणों ने आरोप सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की मांग की।
पूर्व विधायक की भूमिका की जांच की मांग
ज्ञापन में भरवरी देवी और गुहला के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की गई। ग्रामीणों ने पूर्व विधायक से जुड़े वायरल ऑडियो में किए गए दावों की जांच करवाने और किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
फसल नुकसान के आरोपों की भी हो जांच
ग्रामीणों ने पूर्व विधायक के पुत्र साहब सिंह की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि एससी समाज के लोगों की ओर से बोई गई फसल को ट्रैक्टर से नुकसान पहुंचाने के मामले में उनकी भूमिका रही है। ग्रामीणों ने इस मामले को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की है।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि गांव भूना के ग्रामीणों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। ज्ञापन सरकार को भेजा जाएगा और आगामी आदेशों के अनुसार प्रशासन कार्रवाई करेगा।

एसडीएम को ज्ञापन सौंपते गांव भूना के ग्रामीण।

एसडीएम को ज्ञापन सौंपते गांव भूना के ग्रामीण।

एसडीएम को ज्ञापन सौंपते गांव भूना के ग्रामीण।