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Kaithal News: ग्रामीणों का सांकेतिक धरना जारी, सीवरेज के गंदे पानी के प्रोजेक्ट का कर रहे विरोध
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01 ढांड 02 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के गंदे पानी की निकासी चंदलाना की ड्रेन में डालने के विरोध
ढांड। ढांड के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी गांव चंदलाना से होकर खेतों के बीच गुजर रही ड्रेन में डालने के प्रस्तावित प्रोजेक्ट का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों का धरना मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा।
सरपंच की अध्यक्षता में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों में इस बात के लिए खासा रोष है कि वे पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने रख रहे हैं लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या सुनने नहीं आया। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं लेकिन गांव और खेती की कीमत पर सीवरेज का गंदा पानी उनकी ड्रेन में डालना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
खेती और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ेगा असर
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि ढांड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी को चंदलाना से होकर गुजरने वाली ड्रेन में छोड़े जाने से भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि गंदे पानी के लगातार प्रवाह से आसपास का वातावरण दूषित होगा और इसका सीधा असर गांव के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि सबसे बड़ा खतरा खेती को है। यदि ड्रेन में पानी की मात्रा बढ़ने के कारण कभी ओवरफ्लो की स्थिति बनी तो गंदा पानी खेतों में पहुंच सकता है। इससे खेतों में खड़ी फसल खराब होने के साथ-साथ जमीन की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के लोगों की चिंता केवल वर्तमान के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है।
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अधिकारी नहीं पहुंचे तो बढ़ा रोष
पांच दिन से धरना चलने के बावजूद किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्या रखने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
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सरपंच की अध्यक्षता में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों में इस बात के लिए खासा रोष है कि वे पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने रख रहे हैं लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या सुनने नहीं आया। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं लेकिन गांव और खेती की कीमत पर सीवरेज का गंदा पानी उनकी ड्रेन में डालना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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खेती और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ेगा असर
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि ढांड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी को चंदलाना से होकर गुजरने वाली ड्रेन में छोड़े जाने से भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि गंदे पानी के लगातार प्रवाह से आसपास का वातावरण दूषित होगा और इसका सीधा असर गांव के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि सबसे बड़ा खतरा खेती को है। यदि ड्रेन में पानी की मात्रा बढ़ने के कारण कभी ओवरफ्लो की स्थिति बनी तो गंदा पानी खेतों में पहुंच सकता है। इससे खेतों में खड़ी फसल खराब होने के साथ-साथ जमीन की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के लोगों की चिंता केवल वर्तमान के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है।
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अधिकारी नहीं पहुंचे तो बढ़ा रोष
पांच दिन से धरना चलने के बावजूद किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्या रखने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

01 ढांड 02 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के गंदे पानी की निकासी चंदलाना की ड्रेन में डालने के विरोध