पाकिस्तान के लिए जासूसी मामला: ISI महिला एजेंट के संपर्क में था देवेंद्र, पुलिस पूछताछ में हुए कई खुलासे
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गए कैथल के युवक देवेंद्र ने पुलिस से पूछताछ में कबूला है कि उसकी ओर से दी गई जानकारियों से देश को नुकसान हो सकता था। डिटेल में पढ़ें खबर...
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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में गिरफ्तार गुहला के मस्तगढ़ गांव निवासी आरोपी देवेंद्र को लेकर अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब चार्जशीट के अनुसार सामने आया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की एक महिला एजेंट की बातों में आकर देवेंद्र ने देश के बारे में जानकारियां दी थी। इस एजेंट का नाम भी सामने आया है, जो आईएसआई के लिए काम करने वाली शाहजी है। इसी महिला एजेंट ने कई लड़कियों से दोस्ती करवाने का झांसा देकर देवेंद्र को फंसाया था। यही नहीं, इसी एजेंट ने आगे भी तीन एजेंटों के साथ देवेंद्र की जान-पहचान करवाई। इसके बाद उसके लिए पाकिस्तान में रहने और घूमने का इंतजाम करवाया गया था।
आरोपी देवेंद्र ने पुलिस से पूछताछ में कबूला है कि उसकी ओर से दी गई जानकारियों से देश को नुकसान हो सकता था। चार्जशीट के मुताबिक इन एजेंटों ने देवेंद्र के लिए पाकिस्तान में रहने व खाने की व्यवस्था की थी। पाकिस्तान से आने के बाद भी वह उनके संपर्क में रहा और वॉट्सएप और स्नैपचैट के जरिये उनसे बातचीत करता रहा। इस मामले में देवेंद्र की अदालत में पेशी 27 अगस्त को है।
पुलिस ने कुछ दिन पहले अदालत में 136 पेजों की चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही देवेंद्र के दो मोबाइल से भी डाटा रिकवर किया गया। मोबाइल से 25 हजार फोटो और 200 से अधिक बार पाकिस्तान में की गई कॉल का डाटा भी सामने आया है। देवेंद्र ने माना है कि उसकी पाकिस्तान में शाहजी नाम की महिला से मुलाकात हुई थी। उसके माध्यम से ही वह आईएसआई एजेंट रशीद मोहम्मद, अरसलन व रिजा नाम की लड़की से नवंबर 2024 में मिला। आरोपी ने चारों एजेंटों को पटियाला में सैन्य गतिविधियों से संबंधित खुफिया जानकारी उपलब्ध करवाई थी।
पुलिस ने मामले में 15 गवाह किए तैयार
पुलिस से पूछताछ के दौरान देवेंद्र ने यह भी बताया था कि पानीपत में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही के मामले में भी शाहजी नामक महिला ही प्रमुख माध्यम थी। रिकवरी में उसके मोबाइल से सेना के वाहनों के वीडियो मिले। चार्जशीट पेश करने के दौरान कैथल पुलिस की ओर से 15 गवाह मामले को लेकर तैयार किए गए। उनमें 16 दस्तावेज भी जोड़े गए, जो देवेंद्र से संबंधित थे।
ऐसे आया पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में
मस्तगढ़ निवासी देवेंद्र सिंह नवंबर 2024 में सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने पाकिस्तान गया था। वहां एक लड़की ने उसे हनी ट्रैप में फंसाया। इसके बाद अपने साथ रखा। लड़की ने उसे पाकिस्तान में जासूसी का प्रशिक्षण दिया। फिर उसने उसका संपर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों से करवाया। लड़की ने उसे लालच दिया कि यदि वह गुप्त सूचना देगा तो वह उसकी दोस्ती खूबसूरत लड़कियों से करवा देगी। इसके अलावा उसे पैसे भी मिलेंगे।
हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर डाली थी पोस्ट
आरोपी देवेंद्र लालच में आ गया और सेना से जुड़ी जानकारियां भेजने लगा। पुलिस ने युवक को हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डालने के बाद कैथल के गुहला थाने में केस दर्ज कर पकड़ा था, लेकिन पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा है। शुरुआती जांच में पता चला कि वह आईएसआई के एजेंटों को अब तक पटियाला कैंट क्षेत्र की जानकारी और फोटो भेज चुका है। इसके बाद उसने डेटा मोबाइल से डिलीट कर दिया। आरोपी एमए प्रथम वर्ष राजनीतिक विज्ञान का छात्र है। पटियाला में ही वह किराये पर रह रहा था। वह मध्यम वर्गीय परिवार से है। उसके पिता किसान हैं।
आरोपी के मोबाइल से रिकवर किए गए डाटा के अनुसार सामने आया है कि देवेंद्र ने कई संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान में आईएसआई एजेंटों को भेजी हैं। इस मामले में पुलिस की ओर से कुछ समय पहले ही चार्जशीट अदालत में पेश की गई थी। अब 27 अगस्त को देवेंद्र को अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस अदालत के निर्देशों के तहत आगामी कार्रवाई करेगी। -गुरविंद्र सिंह, डीएसपी
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