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Kaithal News: आईटीआई की रिक्त सीटों पर 30 तक होंगे दाखिले
Mon, 16 Sep 2024 07:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 16 Sep 2024 07:26 AM IST
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कैथल। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार आईटीआई में रिक्त सीटों पर 30 सितंबर तक दाखिले होंगे। हालांकि वर्तमान में सरकारी और गैर सरकारी आईटीआई में अधिकतर सीट भर चुकी हैं लेकिन कुछ प्राइवेट आईटीआई में अभी भी कुछ सीट बाकी हैं। आईटीआई की रिक्त सीटों पर 30 सितंबर तक दाखिले होंगे।
जानकारी के अनुसार कैथल के राजकीय आईटीआई में 1220 सीट है लेकिन यहां पर दाखिला लेने के बाद अपनी पसंद का पाठ्यक्रम नहीं मिलने से विद्यार्थी अन्य शिक्षण संस्थानों में एडमिशन ले रहे हैं । आईटीआई में अनुदेशकों की ओर से विद्यार्थियों को साप्ताहिक शेड्यूल के अनुसार प्रशिक्षण करवाया जाता है। यदि कोई विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित रहता है तो उसका नाम आनलाइन पोर्टल काट दिया जाता है। इस कारण भी आईटीआई में विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार सरकारी व प्राइवेट आईटीआई में करवाए जा रहे कोर्सों की आज काफी मांग बढ़ चुकी है। प्राइवेट उद्योगों को प्रशिक्षित श्रमिकों की जरूरत है यह जरूरत आईटीआई पास युवा ही पूरी कर सकते हैं। यही नहीं सरकारी आईटीआई में फीस नाममात्र होने के कारण कोई भी गरीब व मध्यम वर्गीय विद्यार्थी आसानी से कोर्स कर सकता है।
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राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य सतीश मच्छाल ने बताया कि आईटीआई की सभी सीटों पर दाखिला हो चुका है। जिन विद्यार्थियों का किसी कारणवश नाम कट जाता है या विद्यार्थी स्वयं नाम कटवा लेते हैं तो इस स्थिति में उन सीटों पर दाखिला मेेरिट के आधार पर किया जाता है। ये प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी रहेगा ताकि अधिक से सीटों का सदुपयोग किया जा सके।
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जानकारी के अनुसार कैथल के राजकीय आईटीआई में 1220 सीट है लेकिन यहां पर दाखिला लेने के बाद अपनी पसंद का पाठ्यक्रम नहीं मिलने से विद्यार्थी अन्य शिक्षण संस्थानों में एडमिशन ले रहे हैं । आईटीआई में अनुदेशकों की ओर से विद्यार्थियों को साप्ताहिक शेड्यूल के अनुसार प्रशिक्षण करवाया जाता है। यदि कोई विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित रहता है तो उसका नाम आनलाइन पोर्टल काट दिया जाता है। इस कारण भी आईटीआई में विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही हैं।
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जानकारी के अनुसार सरकारी व प्राइवेट आईटीआई में करवाए जा रहे कोर्सों की आज काफी मांग बढ़ चुकी है। प्राइवेट उद्योगों को प्रशिक्षित श्रमिकों की जरूरत है यह जरूरत आईटीआई पास युवा ही पूरी कर सकते हैं। यही नहीं सरकारी आईटीआई में फीस नाममात्र होने के कारण कोई भी गरीब व मध्यम वर्गीय विद्यार्थी आसानी से कोर्स कर सकता है।
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राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य सतीश मच्छाल ने बताया कि आईटीआई की सभी सीटों पर दाखिला हो चुका है। जिन विद्यार्थियों का किसी कारणवश नाम कट जाता है या विद्यार्थी स्वयं नाम कटवा लेते हैं तो इस स्थिति में उन सीटों पर दाखिला मेेरिट के आधार पर किया जाता है। ये प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी रहेगा ताकि अधिक से सीटों का सदुपयोग किया जा सके।