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Kaithal News: स्मैक बरामदगी मामले में दो दोषियों को 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा
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कैथल। स्मैक बरामदगी के पांच साल पुराने मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को पहले जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाते हुए 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
दोनों ने कुल 30 हजार रुपये जुर्माना जमा करवा दिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने के आदेश दिए। मामले के अनुसार गुहला थाना पुलिस ने 15 जनवरी 2021 को गांव खरकां निवासी जगतार राम के कब्जे से 16 ग्राम 450 मिलीग्राम स्मैक बरामद की थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि जगतार राम को यह स्मैक करीम नगर, चीचरवाला, पातड़ां निवासी कश्मीर राम पुत्र गुलजार सिंह ने उपलब्ध करवाई थी। कश्मीर राम ने आठ हजार रुपये में जगतार राम को 20 ग्राम स्मैक दी थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
दिसंबर 2021 में तय हुए थे आरोप
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया था। अदालत ने 20 दिसंबर 2021 को जगतार राम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) और कश्मीर राम के खिलाफ धारा 29 के तहत आरोप तय किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने अदालत में अलग-अलग बयान देकर अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।
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गरीब होने और पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने की दी दलील
सजा पर सुनवाई के दौरान दोनों दोषियों के अधिवक्ता ने बताया कि दोनों गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। इससे पहले दोनों को किसी आपराधिक मामले में सजा नहीं हुई है। उन्होंने अपनी गलती भी स्वीकार कर ली है। इसलिए उन्हें कम से कम सजा दी जाए। सरकारी पक्ष की ओर से भी उनके खिलाफ पहले सजा होने का कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया।
जगतार राम ने 37 दिन और कश्मीर राम ने करीब चार माह जेल में बिताए
अदालत ने फैसले में कहा कि बरामद स्मैक की मात्रा व्यावसायिक मात्रा से कम है। दोनों दोषियों के पिछले रिकॉर्ड और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने माना कि जेल में बिताई गई अवधि से दोनों को अपनी गलती का अहसास हुआ होगा। जगतार राम 15 जनवरी से 20 फरवरी 2021 तक जेल में रहा था। वहीं कश्मीर राम 3 मार्च से 19 अप्रैल 2021 और 7 मई से 23 जुलाई 2026 तक जेल में रहा। अदालत ने दोनों की पहले काटी गई कैद को ही उनकी सजा मान लिया। अदालत ने दोनों दोषियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतने का आदेश दिया गया था। हालांकि दोनों ने अदालत में जुर्माने की पूरी राशि जमा करवा दी। इसके बाद अदालत ने दोनों को रिहा करने के आदेश दिए।
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दोनों ने कुल 30 हजार रुपये जुर्माना जमा करवा दिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने के आदेश दिए। मामले के अनुसार गुहला थाना पुलिस ने 15 जनवरी 2021 को गांव खरकां निवासी जगतार राम के कब्जे से 16 ग्राम 450 मिलीग्राम स्मैक बरामद की थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि जगतार राम को यह स्मैक करीम नगर, चीचरवाला, पातड़ां निवासी कश्मीर राम पुत्र गुलजार सिंह ने उपलब्ध करवाई थी। कश्मीर राम ने आठ हजार रुपये में जगतार राम को 20 ग्राम स्मैक दी थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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दिसंबर 2021 में तय हुए थे आरोप
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया था। अदालत ने 20 दिसंबर 2021 को जगतार राम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) और कश्मीर राम के खिलाफ धारा 29 के तहत आरोप तय किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने अदालत में अलग-अलग बयान देकर अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।
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गरीब होने और पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने की दी दलील
सजा पर सुनवाई के दौरान दोनों दोषियों के अधिवक्ता ने बताया कि दोनों गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। इससे पहले दोनों को किसी आपराधिक मामले में सजा नहीं हुई है। उन्होंने अपनी गलती भी स्वीकार कर ली है। इसलिए उन्हें कम से कम सजा दी जाए। सरकारी पक्ष की ओर से भी उनके खिलाफ पहले सजा होने का कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया।
जगतार राम ने 37 दिन और कश्मीर राम ने करीब चार माह जेल में बिताए
अदालत ने फैसले में कहा कि बरामद स्मैक की मात्रा व्यावसायिक मात्रा से कम है। दोनों दोषियों के पिछले रिकॉर्ड और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने माना कि जेल में बिताई गई अवधि से दोनों को अपनी गलती का अहसास हुआ होगा। जगतार राम 15 जनवरी से 20 फरवरी 2021 तक जेल में रहा था। वहीं कश्मीर राम 3 मार्च से 19 अप्रैल 2021 और 7 मई से 23 जुलाई 2026 तक जेल में रहा। अदालत ने दोनों की पहले काटी गई कैद को ही उनकी सजा मान लिया। अदालत ने दोनों दोषियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतने का आदेश दिया गया था। हालांकि दोनों ने अदालत में जुर्माने की पूरी राशि जमा करवा दी। इसके बाद अदालत ने दोनों को रिहा करने के आदेश दिए।