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काम के साथ भारतीय संस्कृति को जोड़े रखने का कर रहे प्रयास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2022 01:51 AM IST
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Trying to keep Indian culture with work
17-कैथल। श्रीगणेश ड्रामाटिक क्लब रामलीला में राम लक्षमण का किरदार निभाते कलाकार अनिल व तरसेम। फाइ - फोटो : Kaithal
कैथल। श्री ग्यारह रुद्री मंदिर परिसर में आयोजित श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब के कलाकारों की दिनचर्या रामलीला मंचन के दौरान बदल जाती है। इस दौरान वे भक्तिरस में डूब जाते हैं। रामलीला के किरदार निभा रहे कलाकार करीब 10 दिन तक दिन में अपने कामकाज निपटाते हैं और शाम को किरदार निभाते हैं। इससे पहले वे रिहर्सल कर अपने को मांजते भी हैं। वे कहते हैं कि काम के साथ संस्कृति को जोड़े रखने का वे प्रयास कर रहे हैं।
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बातचीत में रामलीला के विभिन्न किरदार निभा रहे कलाकारों ने बताया कि इस काम से उन्हें आत्मसंतुष्टि का भाव होता है। वे कहते हैं कि वह अपने काम का आनंद लेते हैं। इससे वह संस्कृति को जोड़े रखने का काम कर रहे हैं। साथ ही किरदारों से हमेशा अच्छे संस्कारों की सीख भी मिलती है। राम-लक्ष्मण का आदर्श भाइयों के प्रेम का अनूठा उदाहरण है। अपने आदर्शों के स्वरूप का किरदार निभाना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन प्रभु की कृपा से सब संभव हो जाता है। वे कहते हैं कि प्रभु राम और लक्ष्मण का आदर्श सच में अनुकरणीय है।
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राम का किरदार
पिछले 15 साल से कर रहे मंचन
राम का किरदार निभा रहे अनिल उर्फ चन्नी पिछले 15 साल से रामलीला में मंचन कर रहे हैं। इससे पहले इसी मंच पर उनके पिता राजेंद्र कुमार ने लगातार 30 साल तक राम का किरदार निभाया। अनिल फलों की दुकान चलाते हैं। अनिल ने कहा कि उनके पिताजी से प्रेरणा लेकर ही वे इस किरदार में मंचन कर पा रहे हैं। जब वे मंचन करते को भगवान राम के जीवन ही उनके मन बसा रहता है। वे भगवान राम को अपना आदर्श मानते हैं। हमारी युवा पीढ़ी को हमारी संस्कृति बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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लक्ष्मण का किरदार
असल जिंदगी में हैं पटवारी
रामलीला के मंच पर लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले तरसेम कुमार असल जिंदगी में पटवारी हैं। उनकी नियुक्त वर्ष 2018 में ही हुई है। इससे पहले वह एक निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। तरसेम ने बताया कि वह नौ साल से रामलीला का मंचन कर रहे हैं। उस समय उनकी आयु 18 साल थी, तब मंचन शुरू किया। उन्होंने बताया कि वे गुहला में पटवार भवन में कार्यरत हैं। तरसेम ने बताया कि रामलीला देखने के बाद मंचन करने का शौक हुआ।

सीता का किरदार
सेल्समैन का कर रहे काम
सीता का किरदार निभाने वाले सुनील सिंगला एक निजी कंपनी में सेल्समैन नौकरी कर रहे हैं। सुनील ने कहा कि दशहरा पर्व पर होने वाली रामलीला में वे भगवान राम के काम में एक महीने पहले ही रिहर्सल शुरू कर देते हैं। उसने बताया कि जब वे चौथी कक्षा में थे तो स्कूल के मंच पर ही गाना शुरू किया था। इसके बाद वे गली-मोहल्लों में होने वाली रामलीला में रोल करने लगे। इसके बाद वे बड़ी रामलीला में किरदार निभाने लगे हैं। वे पिछले छह साल से सीता के किरदार का मंचन कर रहे हैं।
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