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Kaithal News: तीन साल चला ट्रांसफार्मर चोरी का केस, अब पिता और दो बेटे बरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव क्योड़क में खेत से ट्रांसफार्मर का सामान चोरी करने के मामले में अदालत ने पंजाब के पटियाला जिले के पातड़ां निवासी राजकुमार उर्फ राजू और उसके दो बेटों विक्रम सिंह व करण को बरी कर दिया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष न्यायाधीश कंचन माही ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। आरोपियों से कोई बरामदगी भी नहीं हुई थी। मामले के अनुसार, गांव क्योड़क निवासी सोमपाल के खेत में उसके पिता राम सिंह के नाम पर बिजली का ट्यूबवेल कनेक्शन था। खेत में लगे 16 केवीए के ट्रांसफार्मर का सामान 8 जुलाई 2023 की रात चोरी हो गया था। चोरी हुए सामान की कीमत 68 हजार 800 रुपये बताई गई। सोमपाल की शिकायत पर 13 जुलाई 2023 को सदर थाना कैथल में बिजली अधिनियम की धारा 136 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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दूसरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों को किया था शामिल
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 3 सितंबर 2024 को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर इस मामले में गिरफ्तार किया था। वे पहले से ही ट्रांसफार्मर चोरी के दूसरे मामले में हिरासत में थे। पुलिस ने पूछताछ के दौरान दिए गए खुलासा बयानों और दूसरे मामले में बरामद तांबे की तारों को इस चोरी से जोड़ने का प्रयास किया था।
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जांच में मिलीं खामियां
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने स्वीकार किया कि आरोपियों से कोई सामान बरामद नहीं हुआ। तांबे की तारों पर बिजली निगम का कोई विशेष पहचान चिह्न नहीं था। उनकी प्रयोगशाला में जांच भी नहीं करवाई गई थी। वहीं, लाइनमैन भी निश्चित रूप से नहीं बता सके कि पेश की गई तारें उसी ट्रांसफार्मर की थीं। अदालत ने माना कि आरोपियों के खुलासा बयानों के आधार पर कोई नई बरामदगी नहीं हुई और तारों को चोरी से जोड़ने का ठोस प्रमाण भी नहीं मिला। ऐसे में तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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कैथल। गांव क्योड़क में खेत से ट्रांसफार्मर का सामान चोरी करने के मामले में अदालत ने पंजाब के पटियाला जिले के पातड़ां निवासी राजकुमार उर्फ राजू और उसके दो बेटों विक्रम सिंह व करण को बरी कर दिया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष न्यायाधीश कंचन माही ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। आरोपियों से कोई बरामदगी भी नहीं हुई थी। मामले के अनुसार, गांव क्योड़क निवासी सोमपाल के खेत में उसके पिता राम सिंह के नाम पर बिजली का ट्यूबवेल कनेक्शन था। खेत में लगे 16 केवीए के ट्रांसफार्मर का सामान 8 जुलाई 2023 की रात चोरी हो गया था। चोरी हुए सामान की कीमत 68 हजार 800 रुपये बताई गई। सोमपाल की शिकायत पर 13 जुलाई 2023 को सदर थाना कैथल में बिजली अधिनियम की धारा 136 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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दूसरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों को किया था शामिल
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 3 सितंबर 2024 को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर इस मामले में गिरफ्तार किया था। वे पहले से ही ट्रांसफार्मर चोरी के दूसरे मामले में हिरासत में थे। पुलिस ने पूछताछ के दौरान दिए गए खुलासा बयानों और दूसरे मामले में बरामद तांबे की तारों को इस चोरी से जोड़ने का प्रयास किया था।
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जांच में मिलीं खामियां
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने स्वीकार किया कि आरोपियों से कोई सामान बरामद नहीं हुआ। तांबे की तारों पर बिजली निगम का कोई विशेष पहचान चिह्न नहीं था। उनकी प्रयोगशाला में जांच भी नहीं करवाई गई थी। वहीं, लाइनमैन भी निश्चित रूप से नहीं बता सके कि पेश की गई तारें उसी ट्रांसफार्मर की थीं। अदालत ने माना कि आरोपियों के खुलासा बयानों के आधार पर कोई नई बरामदगी नहीं हुई और तारों को चोरी से जोड़ने का ठोस प्रमाण भी नहीं मिला। ऐसे में तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।