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Kaithal News: कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर निर्धारित गति पर नहीं चल रहीं ट्रेनें
Sat, 26 Apr 2025 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 26 Apr 2025 02:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रेलवे की ओर से कुछ समय पहले ही कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर गति सीमा तो निर्धारित की है, लेकिन अभी तक इस मार्ग के ट्रैक पर तेज गति से ट्रेनें नहीं चल पा रही है। ऐसे में गति बढ़ने के बावजूद यात्रियों का इस मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों के माध्यम से समय नहीं बच पा रहे हैं।
हालांकि इस मार्ग पर इस समय संचालित की जा रही केवल दौलतपुर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का ही तेज गति से संचालन किया जा रहा, परंतु अन्य ट्रेनों की अभी तक गति नहीं बढ़ पाई है।
गौरतलब है कि रेलवे ने पिछले साल ही जनवरी माह में इस मार्ग पर गति बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित की थी। वहीं, रेलवे के सूत्रों के अनुसार अभी तक कुरुक्षेत्र के थानेसर से लेकर पबनावा स्टेशन तक ट्रैक को बदलने के बाद गति सीमा नहीं बढ़ पाई है। इस कारण इसी 10 किलोमीटर के मार्ग पर ट्रेन की गति कम करके इसका संचालन करता है तो ही गति सीमा का पालन नहीं हो पा रहा है।
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पूर्व सीएम मनोहर लाल ने किया था शिलान्यास ः प्रदेश व केंद्र सरकार की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। अनुमानित लागत 246 करोड़ रुपये थी, जिसमें प्रदेश सरकार 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था।
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे ट्रैक पर गति बढ़ने के बाद अब इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों समय सारिणी में बदलाव किया गया था। इस रूट पर अब ट्रेनें समय से पहले पहुंच रही हैं। परंतु थानेसर से लेकर पबनावा रेलवे स्टेशन तक के करीब 10 किलोमीटर के रास्ते पर नहर पर पटरी होने के कारण कुछ गति जरूर कम हो रही है। हालांकि सुबह के समय कैथल पहुंचने वाली कुरुक्षेत्र-दिल्ली डेमू एक्सप्रेस के समय में आधे घंटे से अधिक समय का बदलाव हुआ है। -सतीश कुमार, स्टेशन अधीक्षक, कैथल रेलवे स्टेशन।
इस मार्ग पर कैथल में 43 किलोमीटर का है ट्रैक
ः कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर करीब 86 किलोमीटर का रेल ट्रैक है। इसमें से कैथल जिले में यह करीब 43 किलोमीटर का ट्रैक है। जो नरवाना की तरफ से जिले के कलायत से 20 और कुरुक्षेत्र तक ढांड से 23 किलोमीटर का ट्रैक जा रहा है। कुछ महीने पहले ही रेलवे की तरफ से करीब 60 किलोमीटर तक ट्रैक बदलने का कार्य किया था। नरवाना-कुरुक्षेत्र रेल मार्ग पर स्थित कैथल रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजों के जमाने में वर्ष 1870 में हुआ था। अब इसे 155 वर्ष हो चुके है, लेकिन इस पर कोई कार्य नहीं हो पाया था। अब ट्रैक पर गति बढ़ाने का कार्य होने से यहां पर ट्रेनों की गति बढ़ गई है।
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कैथल। रेलवे की ओर से कुछ समय पहले ही कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर गति सीमा तो निर्धारित की है, लेकिन अभी तक इस मार्ग के ट्रैक पर तेज गति से ट्रेनें नहीं चल पा रही है। ऐसे में गति बढ़ने के बावजूद यात्रियों का इस मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों के माध्यम से समय नहीं बच पा रहे हैं।
हालांकि इस मार्ग पर इस समय संचालित की जा रही केवल दौलतपुर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का ही तेज गति से संचालन किया जा रहा, परंतु अन्य ट्रेनों की अभी तक गति नहीं बढ़ पाई है।
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गौरतलब है कि रेलवे ने पिछले साल ही जनवरी माह में इस मार्ग पर गति बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित की थी। वहीं, रेलवे के सूत्रों के अनुसार अभी तक कुरुक्षेत्र के थानेसर से लेकर पबनावा स्टेशन तक ट्रैक को बदलने के बाद गति सीमा नहीं बढ़ पाई है। इस कारण इसी 10 किलोमीटर के मार्ग पर ट्रेन की गति कम करके इसका संचालन करता है तो ही गति सीमा का पालन नहीं हो पा रहा है।
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पूर्व सीएम मनोहर लाल ने किया था शिलान्यास ः प्रदेश व केंद्र सरकार की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। अनुमानित लागत 246 करोड़ रुपये थी, जिसमें प्रदेश सरकार 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था।
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे ट्रैक पर गति बढ़ने के बाद अब इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों समय सारिणी में बदलाव किया गया था। इस रूट पर अब ट्रेनें समय से पहले पहुंच रही हैं। परंतु थानेसर से लेकर पबनावा रेलवे स्टेशन तक के करीब 10 किलोमीटर के रास्ते पर नहर पर पटरी होने के कारण कुछ गति जरूर कम हो रही है। हालांकि सुबह के समय कैथल पहुंचने वाली कुरुक्षेत्र-दिल्ली डेमू एक्सप्रेस के समय में आधे घंटे से अधिक समय का बदलाव हुआ है। -सतीश कुमार, स्टेशन अधीक्षक, कैथल रेलवे स्टेशन।
इस मार्ग पर कैथल में 43 किलोमीटर का है ट्रैक
ः कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर करीब 86 किलोमीटर का रेल ट्रैक है। इसमें से कैथल जिले में यह करीब 43 किलोमीटर का ट्रैक है। जो नरवाना की तरफ से जिले के कलायत से 20 और कुरुक्षेत्र तक ढांड से 23 किलोमीटर का ट्रैक जा रहा है। कुछ महीने पहले ही रेलवे की तरफ से करीब 60 किलोमीटर तक ट्रैक बदलने का कार्य किया था। नरवाना-कुरुक्षेत्र रेल मार्ग पर स्थित कैथल रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजों के जमाने में वर्ष 1870 में हुआ था। अब इसे 155 वर्ष हो चुके है, लेकिन इस पर कोई कार्य नहीं हो पाया था। अब ट्रैक पर गति बढ़ाने का कार्य होने से यहां पर ट्रेनों की गति बढ़ गई है।