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Kaithal News: पानी निकासी के समाधान का उठाया बीड़ा
Wed, 14 Jun 2023 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 14 Jun 2023 02:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। बीरबागड़ा में वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करने में गांव के सरपंच ने पहल की है। गांव बीर बांगड़ा में पानी निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीण पिछले कई वर्षों से परेशान थे।
गांव के सरपंच दीपक राणा ने आने वाले बरसाती मौसम को देखते हुए तालाब की खुदाई करवाकर पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया है। ग्रामीणों ने उनके कार्य की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 30 वर्षों से किसी भी सरपंच ने इस तरफ पहल नहीं की। इससे ग्रामीणों के लिए पानी निकासी एक गंभीर समस्या थी जबकि पिछले दिनों सरकार ने लाखों रुपये खर्च करके पानी निकासी की व्यवस्था की गई। वह भी धरी की धरी रह गई।
ग्रामीणों ने बताया कि थोड़ी सी बरसात होने पर ही तालाब ओवरफ्लो होकर पानी गलियों व लोगों के घरों में घुस जाता था। इससे ग्रामीणों का जीवन नर्क बना हुआ था। इस पर गांव के सरपंच ने तालाब की खुदाई का कार्य कराने का जो बीड़ा उठाया है। ग्रामीण गोलू राणा, मोनी राणा, सतवीर, खेमचंद, कर्मवीर, बलवीर कश्यप, विक्रम मास्टर, मोहन जैलदार बीर बांगड़ा आदि मौजूद रहे।
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राजौंद। बीरबागड़ा में वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करने में गांव के सरपंच ने पहल की है। गांव बीर बांगड़ा में पानी निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीण पिछले कई वर्षों से परेशान थे।
गांव के सरपंच दीपक राणा ने आने वाले बरसाती मौसम को देखते हुए तालाब की खुदाई करवाकर पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया है। ग्रामीणों ने उनके कार्य की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 30 वर्षों से किसी भी सरपंच ने इस तरफ पहल नहीं की। इससे ग्रामीणों के लिए पानी निकासी एक गंभीर समस्या थी जबकि पिछले दिनों सरकार ने लाखों रुपये खर्च करके पानी निकासी की व्यवस्था की गई। वह भी धरी की धरी रह गई।
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ग्रामीणों ने बताया कि थोड़ी सी बरसात होने पर ही तालाब ओवरफ्लो होकर पानी गलियों व लोगों के घरों में घुस जाता था। इससे ग्रामीणों का जीवन नर्क बना हुआ था। इस पर गांव के सरपंच ने तालाब की खुदाई का कार्य कराने का जो बीड़ा उठाया है। ग्रामीण गोलू राणा, मोनी राणा, सतवीर, खेमचंद, कर्मवीर, बलवीर कश्यप, विक्रम मास्टर, मोहन जैलदार बीर बांगड़ा आदि मौजूद रहे।
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