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होलिका दहन का मुहुर्त रात 11:13 बजे से
Sun, 24 Mar 2024 04:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 24 Mar 2024 04:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इस बार होलिका दहन का समय रात में हैं। ऐसे में होलिका दहन से पूर्व पूजा-अर्चना भी रात के समय में होगी। यह जानकारी हनुमान वाटिका के पंडित विशाल शर्मा ने दी है। उन्होंने बताया कि रात 11:13 बजे 12:27 तक होलिका दहन का समय रहेगा। बताया कि इस साल फाग 25 मार्च यानि सोमवार को खेली जाएगी। होलिका दहन रविवार 24 मार्च को किया जाएगा।
उन्होंेेेेने बताया कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और कहा जाता है कि इससे समृद्धि और खुशियां आती हैं और सभी नकारात्मकता और बीमारियां नष्ट हो जाती हैं।
होली से जुड़ी कहानी ः पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि राजा हिरण्यकश्यप हुआ था। उसने भगवान शिव की पूजा की और वरदान प्राप्त किया कि उसे कोई नहीं मार सकता। भगवान शिव ने उसे वरदान दिया कि उसे कोई भी देवता, भगवान या मनुष्य नहीं मार सकता, उसे घर के अंदर या बाहर नहीं मारा जा सकता, उसे रात में या दिन में नहीं मारा जा सकता। यह वरदान मिलने के बाद, हिरण्यकश्यप अभिमान से भर गया।
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तब उसने सभी को केवल उसकी पूजा करने के लिए कहा। उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु भक्त था। हिरण्यकश्यप इतना क्रोधित हो गया कि बेटे प्रह्लाद को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
उसने प्रह्लाद को मारने की कई बार कोशिश की लेकिन वह असफल रहा। एक दिन उसने अपनी बहन होलिका को इसके बारे में कुछ करने के लिए बुलाया। होलिका का शरीर अग्निरोधी था। वह चिता में बैठ गई और प्रह्लाद को अपनी गोद में ले लिया। प्रह्लाद जप करता रहा और जल्द ही होलिका आग में जल गई और प्रह्लाद बच गया। बाद में भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया और हिरण्यकश्यप का वध किया। इसीलिए होली को बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है।
नहीं दिखेगा चंद्रग्रहण
पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि 25 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण तो लगेगा, लेकिन यह भारत में नहीं देखा जाएगा। यह अमेरिका सहित यूरोप के दूसरे देशों में दिखाई देगा। यह ग्रहण सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और समापन दोपहर तीन बजकर दो मिनट पर होगा पर यह भारत में नहीं दिखेगा।
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कैथल। इस बार होलिका दहन का समय रात में हैं। ऐसे में होलिका दहन से पूर्व पूजा-अर्चना भी रात के समय में होगी। यह जानकारी हनुमान वाटिका के पंडित विशाल शर्मा ने दी है। उन्होंने बताया कि रात 11:13 बजे 12:27 तक होलिका दहन का समय रहेगा। बताया कि इस साल फाग 25 मार्च यानि सोमवार को खेली जाएगी। होलिका दहन रविवार 24 मार्च को किया जाएगा।
उन्होंेेेेने बताया कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और कहा जाता है कि इससे समृद्धि और खुशियां आती हैं और सभी नकारात्मकता और बीमारियां नष्ट हो जाती हैं।
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होली से जुड़ी कहानी ः पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि राजा हिरण्यकश्यप हुआ था। उसने भगवान शिव की पूजा की और वरदान प्राप्त किया कि उसे कोई नहीं मार सकता। भगवान शिव ने उसे वरदान दिया कि उसे कोई भी देवता, भगवान या मनुष्य नहीं मार सकता, उसे घर के अंदर या बाहर नहीं मारा जा सकता, उसे रात में या दिन में नहीं मारा जा सकता। यह वरदान मिलने के बाद, हिरण्यकश्यप अभिमान से भर गया।
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तब उसने सभी को केवल उसकी पूजा करने के लिए कहा। उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु भक्त था। हिरण्यकश्यप इतना क्रोधित हो गया कि बेटे प्रह्लाद को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
उसने प्रह्लाद को मारने की कई बार कोशिश की लेकिन वह असफल रहा। एक दिन उसने अपनी बहन होलिका को इसके बारे में कुछ करने के लिए बुलाया। होलिका का शरीर अग्निरोधी था। वह चिता में बैठ गई और प्रह्लाद को अपनी गोद में ले लिया। प्रह्लाद जप करता रहा और जल्द ही होलिका आग में जल गई और प्रह्लाद बच गया। बाद में भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया और हिरण्यकश्यप का वध किया। इसीलिए होली को बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है।
नहीं दिखेगा चंद्रग्रहण
पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि 25 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण तो लगेगा, लेकिन यह भारत में नहीं देखा जाएगा। यह अमेरिका सहित यूरोप के दूसरे देशों में दिखाई देगा। यह ग्रहण सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और समापन दोपहर तीन बजकर दो मिनट पर होगा पर यह भारत में नहीं दिखेगा।