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Kaithal News: अब तक आरटीए ने 250 वाहनों को ही जांचा
Tue, 07 May 2024 04:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 07 May 2024 04:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बीते एक माह की कवायद के बाद आरटीए महज 250 बसों को ही चेक कर सका है। इनमें से 90 बसों में खामियां मिलीं।
गौरतलब है कि जिलेभर में लगभग 300 निजी स्कूलों की करीब 1500 स्कूल बसें हैं। जिन बसों मंें खामियां मिलीं, उन स्कूलों को विभाग ने सिर्फ खामियां दुरुस्त करने के लिए समय दिया है। इसके अलावा विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
दूसरी ओर स्कूल संचालक भी आरटीए की ढुलमुल कार्रवाई का फायदा उठा रहे हैं और बसों को बिना कोरम पूरा किए ही सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि महेंद्रगढ़ में हुए स्कूल बस के साथ हादसे को लगभग एक महीना होने को है। वहां पर हादसा होने के बाद ही आरटीए ने जिला कैथल में निजी स्कूल बसों की जांच शुरू की थी। जिलेभर में लगभग 1500 बसों में से अब तक 250 बसों की जांच की गई है। इसमें से भी लगभग 90 बसों में खामियां पाई गई है।
विभाग की ओर से स्कूल संचालकों को बसों में व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कहा जाता है, लेकिन स्कूल संचालक भी अपनी मनमर्जी कर रहे हैं और बसों को बिना कोरम पूरा किए ही सड़कों पर खुलेआम दौड़ा रहे हैं।
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विदित रहे कि बीते दिन आरटीए, रोडवेज विभाग, शिक्षा विभाग, यातायात पुलिस और एसडीएम कार्यालय की ओर से 51 बसों की फिटनेस जांच की गई है, इसमें से 30 बसों में खामियां पाई गई। विभाग की ओर से स्कूल संचालकों को बसों में खामियों को दुरुस्त कराने का समय दिया गया है। बीते एक माह से आरटीए की ओर से ऐसे ही निरंतर समय दिया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि आरटीए की तरफ से कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है। स्कूल संचालक भी इसका फायदा उठाकर बिना कोरम किए ही सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। यदि ऐसे में हादसा हो जाता है तो इसका कौन जिम्मेदार होगा?
निजी स्कूल बसों की फिटनेस जांच जारी है। जिन बसों में खामियां पाई जाती है, संबंधित स्कूल संचालकों को दुरुस्त करवाने का नोटिस दिया जा रहा है। इसके बाद भी बसों में खामियां मिलेंगी तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-शीशपाल, सचिव आरटीए।
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कैथल। बीते एक माह की कवायद के बाद आरटीए महज 250 बसों को ही चेक कर सका है। इनमें से 90 बसों में खामियां मिलीं।
गौरतलब है कि जिलेभर में लगभग 300 निजी स्कूलों की करीब 1500 स्कूल बसें हैं। जिन बसों मंें खामियां मिलीं, उन स्कूलों को विभाग ने सिर्फ खामियां दुरुस्त करने के लिए समय दिया है। इसके अलावा विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
दूसरी ओर स्कूल संचालक भी आरटीए की ढुलमुल कार्रवाई का फायदा उठा रहे हैं और बसों को बिना कोरम पूरा किए ही सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि महेंद्रगढ़ में हुए स्कूल बस के साथ हादसे को लगभग एक महीना होने को है। वहां पर हादसा होने के बाद ही आरटीए ने जिला कैथल में निजी स्कूल बसों की जांच शुरू की थी। जिलेभर में लगभग 1500 बसों में से अब तक 250 बसों की जांच की गई है। इसमें से भी लगभग 90 बसों में खामियां पाई गई है।
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विभाग की ओर से स्कूल संचालकों को बसों में व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कहा जाता है, लेकिन स्कूल संचालक भी अपनी मनमर्जी कर रहे हैं और बसों को बिना कोरम पूरा किए ही सड़कों पर खुलेआम दौड़ा रहे हैं।
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विदित रहे कि बीते दिन आरटीए, रोडवेज विभाग, शिक्षा विभाग, यातायात पुलिस और एसडीएम कार्यालय की ओर से 51 बसों की फिटनेस जांच की गई है, इसमें से 30 बसों में खामियां पाई गई। विभाग की ओर से स्कूल संचालकों को बसों में खामियों को दुरुस्त कराने का समय दिया गया है। बीते एक माह से आरटीए की ओर से ऐसे ही निरंतर समय दिया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि आरटीए की तरफ से कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है। स्कूल संचालक भी इसका फायदा उठाकर बिना कोरम किए ही सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। यदि ऐसे में हादसा हो जाता है तो इसका कौन जिम्मेदार होगा?
निजी स्कूल बसों की फिटनेस जांच जारी है। जिन बसों में खामियां पाई जाती है, संबंधित स्कूल संचालकों को दुरुस्त करवाने का नोटिस दिया जा रहा है। इसके बाद भी बसों में खामियां मिलेंगी तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-शीशपाल, सचिव आरटीए।