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Kaithal News: पिंजुपुरा में हैंडपंप के सहारे बुझ रही प्यास

Fri, 31 May 2024 05:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 31 May 2024 05:07 AM IST
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Thirst being quenched with the help of hand pump in Pinjupura
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। पिंजुपुरा गांव मेंं ग्रामीण महिलाएं और बच्चे दोपहर से सायं तक पानी की बूंद-बूंद के लिए नौतपा की प्रचंड गर्मी में झुलस रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में नलों का पानी कभी सुचारु नहीं मिलता। गर्मी बढ़ती है तो हालत खराब हो जाती है।

ऐसा भी नहीं कि इस संकट का सामना उन्हें अपने घर-आंगन में करना पड़ता हो। हकीकत यह है कि घर से दो से तीन किलोमीटर दूर पड़ोसी गांव शिमला की सीमा के नजदीक सिंचाई विभाग की माइनर पर लगे हैंडपंप पर उन्हें पेयजल के लिए लचर व्यवस्था से पंजा लड़ाना पड़ता है।
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हैंडपंप पर सुबह से रात तक पेयजल के लिए महिलाएं बर्तनों के साथ कतार में खड़ी होती हैं। जिनके पास इसके लिए समय नहीं है उनके बच्चे कतार में खड़े होकर नंबर लगवाते हैं। तब जाकर खाली मटके और टोकनी मेंं पानी आता है।
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हरियाणा के चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर 21 वीं सदी मेंं इस प्रकार की बातेंं भले ही सुनने मेंं कहानी जैसे होंं। धरातल पर कलायत उप मंडल मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित इस गांव के हालात देखकर हर किसी के मुंह से एक ही बात निकलती है कि हम कहां आ गए।

वर्षों पहले जब पिंजुपुरा में नहरी पेयजल योजना का निर्माण किया गया। इसे ग्रामीण बड़ी सौगात मान रहे थे पर अरमान उस समय धरे के धरे रह गए जब योजना निर्माण और पिछले वर्ष इसको सुदृढ़ करने के नाम पर बड़ा बजट व्यय करने के बाद भी ग्रामीणों के नल बिन पानी सूखे हैं।

महिलाएं कुएं से लेती थीं पानी : कौशल्या, सलोनी, रानी, मीना, अंजू, लक्ष्मी, मुकेश आदि महिलाओं का कहना है कि दशकों से गांव में पेयजल संकट ज्यों की त्यों बरकार है। नलों का पानी उन्हें सुचारु रूप से कभी नसीब ही नहीं हो पाया। पहले गांव मुख्य रूप से प्राचीन पिंजेश्वर शिव मंदिर के नजदीक स्थित एक कुएं पर निर्भर था। फोरलेन मार्ग योजना की वजह से कुएं का अस्तित्व सडक़ की परिधि में आने से समाप्त हो गया। इन हालातों में ग्रामीणों के पास अब पीने के पानी के लिए केवल शिमला माइनर आरडी 10100 के पास स्थित हैंडपंप है। इसी पंप से पीने, नहाने, सफाई और अन्य घरेलू कार्यों के लिए दिन भर बोझा उठाना पड़ता है।


पिंजुपुरा गांव की पेयजल समस्या उनके संज्ञान में आई है। तत्काल प्रभाव से कनिष्ठ अभियंता सहित टीम का गठन समस्या निवारण के लिए किया गया है। टीम से पेयजल की स्थिति और समस्या के कारणोंं की रिपोर्ट ली जाएगी। हर घर में पानी पहुंचाना विभाग की जिम्मेदारी है। -इंद्राज पंवार, एसडीओ कलायत जन स्वास्थ्य विभाग
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