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Kaithal News: मंदिरों में लगे जयकारे, पूजा-अर्चना कर मांगीं मन्नतें

Tue, 01 Apr 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 01 Apr 2025 01:00 AM IST
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There were cheers in the temples, prayers were offered and wishes were made
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल/सीवन। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। कठोर साधना और ब्रह्म में लीन रहने के कारण इन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया है।

सुबह पांच बजे ही माता की पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में महिलाएं व पुरुष मंदिरों में पहुंचने लगते हैं। मंदिरों में सुबह से ही माता के जयकारे लगने शुरू हो गए थे, जो देर रात तक लगते हरे।
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शहर के श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर स्थित देवी मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित माता मंदिर, कोठी देवी मंदिर, बड़ी देवी मंदिर, शिव शक्ति धाम स्थित माता मंदिर सहित शहर में अन्य सभी मंदिरों में पूजा अर्चना हुई। कई महिलाएं श्रद्धालुओं ने पूरे नौ दिन के लिए अपने घरों में माता की ज्योत प्रज्वलित किया है
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यह ज्योत 24 घंटे निरंतर जलती रहती है। महिला संजना, तमन्ना, सोनिया, शीतल, पूजा, मुकेश, काजल ने कहा कि वह हर नवरात्र को अपने घरों में माता रानी की ज्योत जलाते हैं। माता की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

सीवन दुर्गा के चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से माता की अराधना कर रहे हैं। मंदिरों में सुबह-शाम भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। कई श्रद्धालुओं ने घर में प्रथम नवरात्र पर अखंड ज्योत प्रज्वलित की।

श्रद्धालु ममता सरदाना, शालिनी, शिल्पा, कंचन, सुमन, प्रवेश, भुवनेश सहित कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया।

भक्तों ने मां के चरणों में पुष्प, जल और विशेष भोग अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। इस पावन दिन को लेकर भक्तों में गहरी आस्था है और वे पूरी श्रद्धा के साथ देवी की अराधना कर रहे हैं। महंत अवध बिहारी दास ने कहा कि आज के दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है जो ज्ञान, तप और संयम की देवी मानी जाती है।

मां ब्रह्मचारिणी के हाथों में जपमाला और कमंडल सुशोभित हैं जो उनकी तपस्या और साधना को दर्शाते हैं। इनकी अराधना करने से भक्त को अपार धैर्य, आत्मबल और सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि इनकी कृपा से व्यक्ति जीवन में आने वाली कठिनाइयों को सहजता से पार कर लेता है।


इस दिन व्रत और साधना करने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है। महंत ने कहा कि मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से साधक को आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। जिससे जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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