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किसी भी क्षेत्र में पानी की न हो किल्लत : डीसी
Wed, 12 Mar 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 12 Mar 2025 12:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय के सभागार में मंगलवार को डीसी प्रीति ने गर्मी के मौसम को देखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए। डीसी ने कहा कि जिले के किसी भी क्षेत्र में गर्मी के मौसम में पीने के पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहरी हो या ग्रामीण इलाका, कहीं पर कोई सबमर्सिबल या अन्य साधन खराब हैं तो उसको समय रहते ठीक करवाया जाए। आम लोगों के साथ-साथ पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। डीसी ने कहा कि इस संबंध में सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग, शहरी निकाय तथा बीडीपीओ यह सुनिश्चित करें कि कहीं पर भी पानी की बर्बादी न हो। कहीं पर भी पानी की लीकेज है, तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाए। जल बचाने को लेकर आमजन को जागरूक किया जाए।
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डीसी प्रीति ने कहा कि गांव में जल बचाओ विषय को लेकर ग्राम सभा करवाई जाए। इसके साथ ही सभी पार्षदों भी सुनिश्चित करें कि उनके वार्ड में पानी को लेकर आमजन को कोई समस्या न आए। बिजली विभाग को निर्देश दिए कि वे गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही नालों आदि की सफाई समय रहते सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि अधिकारी सर्वे करवाएं कि किस ढानी में पानी की उचित उपलब्धता नहीं है। सभी एसडीएम अपने अपने क्षेत्र में पता करें कि पशुओं के पानी के लिए कितने तालाब हैं और वे किस अवस्था में हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारी पशुधन से संबंधित रिपाेर्ट एसडीएम को उपलब्ध करवाएं। जिला की सभी गोशालाओं में गर्मी से बचाव को लेकर व्यापक प्रबंध किए जाएं। डीसी प्रीति ने जल संरक्षण के संदर्भ में भी जोर दिया। उन्होंने वाटर रिचार्ज व जल संरक्षण को लेकर भी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं, ताकि भू-जल को संरक्षित किया जा सकें।
गौरतलब है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से पानी भूमि में वापस चला जाता है। इस अवसर पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, डीएमसी सुशील कुमार, कैथल एसडीएम अजय सिंह, गुहला एसडीएम प्रमेश कुमार, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा, जिला परिषद डिप्टी सीईओ रितु लाठर, कार्यकारी अभियंता प्रशांत ग्रोवर, प्रशांत सिलवानिया, गौरव कंसल, बीडीपीओ समिता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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कैथल। लघु सचिवालय के सभागार में मंगलवार को डीसी प्रीति ने गर्मी के मौसम को देखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए। डीसी ने कहा कि जिले के किसी भी क्षेत्र में गर्मी के मौसम में पीने के पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहरी हो या ग्रामीण इलाका, कहीं पर कोई सबमर्सिबल या अन्य साधन खराब हैं तो उसको समय रहते ठीक करवाया जाए। आम लोगों के साथ-साथ पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। डीसी ने कहा कि इस संबंध में सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग, शहरी निकाय तथा बीडीपीओ यह सुनिश्चित करें कि कहीं पर भी पानी की बर्बादी न हो। कहीं पर भी पानी की लीकेज है, तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाए। जल बचाने को लेकर आमजन को जागरूक किया जाए।
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डीसी प्रीति ने कहा कि गांव में जल बचाओ विषय को लेकर ग्राम सभा करवाई जाए। इसके साथ ही सभी पार्षदों भी सुनिश्चित करें कि उनके वार्ड में पानी को लेकर आमजन को कोई समस्या न आए। बिजली विभाग को निर्देश दिए कि वे गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही नालों आदि की सफाई समय रहते सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि अधिकारी सर्वे करवाएं कि किस ढानी में पानी की उचित उपलब्धता नहीं है। सभी एसडीएम अपने अपने क्षेत्र में पता करें कि पशुओं के पानी के लिए कितने तालाब हैं और वे किस अवस्था में हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारी पशुधन से संबंधित रिपाेर्ट एसडीएम को उपलब्ध करवाएं। जिला की सभी गोशालाओं में गर्मी से बचाव को लेकर व्यापक प्रबंध किए जाएं। डीसी प्रीति ने जल संरक्षण के संदर्भ में भी जोर दिया। उन्होंने वाटर रिचार्ज व जल संरक्षण को लेकर भी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं, ताकि भू-जल को संरक्षित किया जा सकें।
गौरतलब है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से पानी भूमि में वापस चला जाता है। इस अवसर पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, डीएमसी सुशील कुमार, कैथल एसडीएम अजय सिंह, गुहला एसडीएम प्रमेश कुमार, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा, जिला परिषद डिप्टी सीईओ रितु लाठर, कार्यकारी अभियंता प्रशांत ग्रोवर, प्रशांत सिलवानिया, गौरव कंसल, बीडीपीओ समिता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।