फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   There is no end to the ocean of mercy, if there is a good intention, then God gives everything.

रहमत के समंदर का कोई छोर नहीं, नेक नियत हो तो हर चीज खुदा है देता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 10:45 PM IST
विज्ञापन
There is no end to the ocean of mercy, if there is a good intention, then God gives everything.
There is no end to the ocean of mercy, if there is a good intention, then God gives everything. - फोटो : Kaithal
साहित्य सभा की मासिक गोष्ठी आरकेएसडी कॉलेज के अध्यापक कक्ष में हुई। इसकी अध्यक्षता सभा के प्रधान प्रो. अमृत लाल मदान ने की। गोष्ठी का संचालन डॉ. प्रद्युमन भल्ला ने किया।
विज्ञापन

दिनेश बंसल ने अपनी गजल के एक शेर में कहा कि उसकी रहमत के समंदर का कोई छोर नहीं, नेक नीयत हो तो, हर चीज खुदा देता है। रविंद्र रवि ने कहा मेरी गलतियां मुझको गिनवा रहा है, तू समझा रहा है या धमका रहा है। डॉ. प्रद्युमन भल्ला ने कहा जो जले दीप बन रोशनी के लिए, माफ करते रहे आंधियों की खता। इश्क जिनका रहा इश्क के वास्ते, कब जमाने को उनसे रहा वास्ता। कोरोना के कारण हुई मौतों के लिए कहीं न कहीं हम सब जिम्मेदार हैं। यह बात नीरू मेहता ने इन पंक्तियों में कही-कोरोना से हुई मौतों में, हम सब लोग शामिल हैं। बेशक न कबूलें लेकिन, थोड़े-थोड़े सब कातिल हैं। लहना सिंह अत्री कहते हैं धरती और आकाश गूंजता चाल्या आवै पुष्प विमान। धर्म युधिष्ठिर जल्दी चाल्लो, जहां पर तेरा उचित स्थान।
विज्ञापन

डॉ. तेजिंद्र ने कहा बहुत कुछ याद रहता है, बहुत कुछ भूल जाते हैं। यादों के, भुलावों के, झूले झूल जाते हैं। प्रो. अमृत लाल मदान ने कहा चल मेरी तूली रंग जमा दे, फिर से नव आशाओं के। डॉ. हरीश झंडई का कहना है नदियां के पानी की धार बदल जाती है। बदलते मौसम में, जिदंगी बदल जाती है। रिसाल जांगड़ा ने कहा किसनै किसी लगाई आग। कोन्या बुझै बुझाई आग। उसके भीतर भरया फितूर, जिसनै सै भडक़ाई आग। सतीश शर्मा ने कहा यूं तो किसी भी रिश्ते का, महत्व कम नहीं होता। पर दुनिया के कोई रिश्ता, मां के रिश्ते से कम नहीं होता। सतपाल शास्त्री पराशर ने कहा उठ, उठावण आले का न इस तरियां इंतजार करै। कर्म बीर माणस वो सै जो मैदानां म्हं हुंकार भरै। मधु गोयल ने कहा आया-आया नवरात्र का त्योहार रे। माता रानी का सजा दरबार रे। कमलेश शर्मा ने कहा धूल आकाश में, धुंधला गया है सूरज। तप गई है धरती। ऐसे में लक्ष्य हीन पथिक, सिर झुकाये, आंखें मूंदे चल रहा है। गोष्ठी के दौरान लहना सिंह अत्री के हरियाणवी महाकाव्य महाभारत का सार का लोकार्पण भी किया गया। गोष्ठी में श्याम सुंदर गौड़, मिट्ठू राम, राजेश भारती, अनिल कौशिक, डॉ. चतरभुज बंसल सौथा व डॉ. प्रीतम लाल शर्मा ने भी अपनी रचनाएं सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed