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Kaithal News: रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए भाई की अस्थियां लेने गया युवक खाली हाथ लौटा

Thu, 26 Dec 2024 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 26 Dec 2024 12:47 AM IST
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The young man who went to collect the ashes of his brother killed in the Russia-Ukraine war returned empty handed.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए छोटे भाई रवि की अस्थियां लेने रूस गया भाई अजय मौण मंगलवार को खाली हाथ वापस लौट आया। रूस में क्रिसमस अवकाश और भाई का मृत्यु प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने से उसे अपने देश वापस लौटना पड़ा। अस्थियां सुपुर्द करने के लिए रूस के अधिकारियों ने उसे फरवरी का समय दिया है। भाई की अस्थियां अपने गांव की माटी में वापस लाने के लिए उसे फरवरी में दोबारा रूस जाना पड़ेगा।

गौरतलब है कि एक एजेंट ने कैथल स्थित कलायत के गांव मटौर के सात युवाओं को एजेंट ने अच्छी नौकरी का प्रलोभन देकर रूस-यूक्रेन-युद्ध में सेना में सफाई के काम पर लगवाया था, लेकिन बाद में उन्हें 10 दिन का प्रशिक्षण देकर युद्ध में धकेल दिया। इनमें एक को गोली लगी थी। इसमें से एक युवा रवि की मौत की जानकारी परिजनों को जुलाई में मिली थी।
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उल्लेखनीय है कि सभी सात युवाओं के परिजनों ने अपनी जमीन बेचकर उन्हें विदेश भेजा था परंतु एजेंसी ने रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेल दिया। इसके बाद परिजनों ने जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई थी। इसके बाद भारत के उच्च अधिकारियों ने इस मामले में हस्तक्षेप किया था, लेकिन अभी तक किसी अन्य छह युवकों का पता नहीं चल सका है। केवल रवि के परिजनों को उसकी मौत की जानकारी मिली। इस वजह से रवि की अस्थियां लेने के लिए भाई अजय मौण गत 10 दिसंबर को रूस गया था, लेकिन वह खाली हाथ वापस लौट आया है।
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नौकरी का वादा देकर झोंक दिया युद्ध में

कलायत। रूस की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ते हुए जान गंवाने वाले रवि मौण की अस्थियों को मटौर गांव की माटी कब नसीब होगी, इसका परिजनों को पता नहीं है। रवि की अस्थियों के लिए परिवार, समाज, सगे-संबंधियों व गांव के लोगों को फरवरी तक का इंतजार करना पड़ेगा। गौरतलब है कि मौत की जानकारी मिलने के बाद भारतीय दूतावास ने रवि के शव को परिजनों को सुपुर्द करने के लिए पहचान के तौर पर उसकी मां की डीएनए रिपोर्ट मांगी थी। चूंकि रवि की मां की पहले ही मौत हो चुकी थी और पिता बेहद बीमार हैं। ऐसे में बड़े भाई अजय मौण डीएनए के लिए आगे आए थे।


अजय ने बताया था कि 13 जनवरी 2024 को रोजगार की तलाश में उनका भाई रवि गांव के अन्य छह युवकों के साथ विदेश गया था। वहां एजेंट ने उन्हें ड्राइवर की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके भाई को रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंक दिया गया। अजय का कहना था कि रवि से आखिरी बार बात 12 मार्च को हुई थी तब रवि ने बताया था कि छह मार्च से उन्हें लड़ाई में उतारा गया है। अब दोबारा उन्हें युद्ध क्षेत्र में जाना पड़ेगा। उसके बाद से उनका भाई लापता हो गया था। केंद्रीय विदेश मंत्रालय तक संपर्क किया था। संवाद

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

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