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वेयरहाउस के गोदाम में काम करने वाले मजदूरों ने किया रोष प्रदर्शन
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कैथल। चीका रोड स्थित वेयर हाउस के गोदाम में काम करने वाले मजदूरों ने रविवार को मुख्य द्वार के सामने रोष प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि ईपीएफ समेत अन्य सुविधाओं की मांग करने पर उसने गोदाम से बाहर निकाल दिया गया। प्रदर्शन के माध्यम से मजदूरों ने उन्हें काम पर से हटाने का विरोध किया।
मजदूर शमशेर, रिंकू, किताब सिंह, ऋषिपाल, नफेसिंह, सुभाष, राजाराम, दर्शन, रवि, रामफल, प्रेम व तिलक ने बताया कि गोदाम में करीब 230 मजदूर पल्लेदारी का काम करते हैं। वे करीब 35-35 वर्षों से यहां ट्रकों से अनाज को उतारने और अनाज लादने का कार्य कर रहे हैं। अब जिस ठेकेदार के अधीन वे काम कर रहे हैं, उसने उन्हें काम से हटा दिया है। इससे मजदूरों में रोष है।
मजदूरों ने कहा कि बीते माह की मजदूरी भी उन्हें अभी तक नहीं मिली है, जो लाखों रुपये बनती है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 30 साल से उन्हें मेहनताना के साथ ईपीएफ देने का भी प्रावधान किया गया है, लेकिन अभी तक ईपीएफ का एक भी रुपया उन्हें नहीं मिला है।
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इतने वर्षों से काम कर रहे मजदूरों को एकदम काम से निकाला जा रहा है, ऐसे में वे कहां जाएंगे। उन्हें रोजगार के लाले पड़ जाएंगे। उन्होंने मांग की कि उन्हें जल्द से जल्द काम पर लगाया जाए। गोदाम के प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा कि काम के संबंध में मजदूरों से बातचीत की गई है। एक दो दिन में मजदूरों और ठेकेदार के साथ बैठक कर समस्या को सुलझाया जाएगा। रविवार को भी मजदूरों को समझाकर कार्य सुचारु करवा दिया गया।
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मजदूर शमशेर, रिंकू, किताब सिंह, ऋषिपाल, नफेसिंह, सुभाष, राजाराम, दर्शन, रवि, रामफल, प्रेम व तिलक ने बताया कि गोदाम में करीब 230 मजदूर पल्लेदारी का काम करते हैं। वे करीब 35-35 वर्षों से यहां ट्रकों से अनाज को उतारने और अनाज लादने का कार्य कर रहे हैं। अब जिस ठेकेदार के अधीन वे काम कर रहे हैं, उसने उन्हें काम से हटा दिया है। इससे मजदूरों में रोष है।
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मजदूरों ने कहा कि बीते माह की मजदूरी भी उन्हें अभी तक नहीं मिली है, जो लाखों रुपये बनती है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 30 साल से उन्हें मेहनताना के साथ ईपीएफ देने का भी प्रावधान किया गया है, लेकिन अभी तक ईपीएफ का एक भी रुपया उन्हें नहीं मिला है।
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इतने वर्षों से काम कर रहे मजदूरों को एकदम काम से निकाला जा रहा है, ऐसे में वे कहां जाएंगे। उन्हें रोजगार के लाले पड़ जाएंगे। उन्होंने मांग की कि उन्हें जल्द से जल्द काम पर लगाया जाए। गोदाम के प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा कि काम के संबंध में मजदूरों से बातचीत की गई है। एक दो दिन में मजदूरों और ठेकेदार के साथ बैठक कर समस्या को सुलझाया जाएगा। रविवार को भी मजदूरों को समझाकर कार्य सुचारु करवा दिया गया।