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Kaithal News: एक लाख 75 हजार लोगों की वोट नए डिजिटल सिस्टम से नहीं हो पाई मैप
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बीएलओ व अन्य को प्रशिक्षण देती ईसीआई की टीम।
कैथल। जिले के करीब 1 लाख 75 हजार लोगों की वोट नए डिजिटल सिस्टम से मैप नहीं हो पाई है। इनका 2002 के पुराने डाटा से मिलान नहीं हो पाया है। इससे इनकी वोट कटने की आशंका है। हालांकि प्रशासन और चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन लोगों के नाम अभी मिशन या आधार से मैप नहीं हैं, वे आगामी प्रक्रिया में हिस्सा लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करा सकते हैं।
प्रशासन की तरफ से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू किया है। 8 लाख 28 हजार 255 वोटरों में से 6 लाख 52 हजार 627 वोटरों की मैपिंग हो चुकी है। वहीं अब 15 जून से पुनः सत्यापन (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान शुरू होगा जो 14 जुलाई तक चलेगा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म देंगे, जिन्हें भरकर जमा करवाना होगा। मतदाताओं को अपने पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान संबंधी दस्तावेज भी तैयार रखने होंगे।
ऐसे चलेगी प्रक्रिया
15 जून से 14 जुलाई : बीएलओ घर आकर इन्यूमरेशन फॉर्म देंगे। यदि फॉर्म नहीं मिला तो बीएलओ से संपर्क करें।
21 जुलाई : मैपिंग के आधार पर प्रारूप सूची जारी होगी।
21 जुलाई से 20 अगस्त : नाम छूटने या गलती होने पर सुधार के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
22 सितंबर : सभी सुनवाई के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
ईसीआई की टीम ने दिया प्रशिक्षण
मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की टीम की ओर से ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
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प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी और डीसी अपराजिता की उपस्थिति में जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों और सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों को पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बीएलओ एप की कार्यप्रणाली और उसके विभिन्न फीचर्स पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी प्रकार प्रशिक्षण के दौरान सभी ईआरओ व एईआरओ को उनके आधिकारिक लॉगिन के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों की भी जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त अपराजिता ने निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों और सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आयोग की ओर से जारी किए गए सभी निर्देशों का शत प्रतिशत पालन किया जाए।
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प्रशासन की तरफ से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू किया है। 8 लाख 28 हजार 255 वोटरों में से 6 लाख 52 हजार 627 वोटरों की मैपिंग हो चुकी है। वहीं अब 15 जून से पुनः सत्यापन (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान शुरू होगा जो 14 जुलाई तक चलेगा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म देंगे, जिन्हें भरकर जमा करवाना होगा। मतदाताओं को अपने पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान संबंधी दस्तावेज भी तैयार रखने होंगे।
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ऐसे चलेगी प्रक्रिया
15 जून से 14 जुलाई : बीएलओ घर आकर इन्यूमरेशन फॉर्म देंगे। यदि फॉर्म नहीं मिला तो बीएलओ से संपर्क करें।
21 जुलाई : मैपिंग के आधार पर प्रारूप सूची जारी होगी।
21 जुलाई से 20 अगस्त : नाम छूटने या गलती होने पर सुधार के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
22 सितंबर : सभी सुनवाई के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
ईसीआई की टीम ने दिया प्रशिक्षण
मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की टीम की ओर से ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
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प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी और डीसी अपराजिता की उपस्थिति में जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों और सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों को पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बीएलओ एप की कार्यप्रणाली और उसके विभिन्न फीचर्स पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी प्रकार प्रशिक्षण के दौरान सभी ईआरओ व एईआरओ को उनके आधिकारिक लॉगिन के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों की भी जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त अपराजिता ने निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों और सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आयोग की ओर से जारी किए गए सभी निर्देशों का शत प्रतिशत पालन किया जाए।

बीएलओ व अन्य को प्रशिक्षण देती ईसीआई की टीम।