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Kaithal News: कलायत में गूंजे सुंदरकांड के स्वर
Fri, 03 Apr 2026 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। हनुमान जन्मोत्सव पर नगर में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजनों की धूम रही। दुर्गा मंदिर अनाज मंडी, हनुमान मंदिर और खाटू श्याम मंदिर में सुंदरकांड पाठ व राम संकीर्तन का आयोजन किया गया। इसके अलावा अनेक घरों में रामायण अखंड पाठ भी श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ।
श्री कपिल मुनि मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में विश्व हिंदू परिषद की ओर से विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान जी के पंचामृत स्नान से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड, हनुमानाष्टक और बजरंग बाण का पाठ किया। अंत में आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में विहिप जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल, प्रखंड मंत्री डॉ. प्रियव्रत गालव और पूर्व जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा ने श्रद्धालुओं को हनुमान जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। बीरभान निर्मल ने बताया कि पवनपुत्र भगवान हनुमान का जन्मोत्सव वर्ष में दो बार मनाया जाता है- चैत्र माह की पूर्णिमा और कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को।
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निशीकांत शर्मा ने कहा कि राम भक्तों और हनुमान भक्तों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है और इसे देशभर में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हनुमान जी के जन्मदिन को ‘जयंती’ की बजाय ‘जन्मोत्सव’ कहना अधिक उचित है, क्योंकि जयंती शब्द का प्रयोग प्रायः दिवंगत व्यक्तियों के लिए किया जाता है, जबकि हनुमान जी को कलयुग का जागृत देवता माना जाता है। उन्होंने बताया कि मान्यता है कि भगवान राम से अमरत्व का वरदान प्राप्त करने के बाद हनुमान जी गंधमादन पर्वत पर निवास करते हैं और कलयुग में धर्म की रक्षा करते हैं। यही कारण है कि जहां-जहां रामकथा या रामनाम का स्मरण होता है, वहां हनुमान जी की उपस्थिति मानी जाती है।
इस अवसर पर पंडित बीरभान, निशीकांत शर्मा, पंडित संजय शास्त्री, पंडित विशाल शांडिल्य, अनिरुद्ध गौतम, रणबीर शास्त्री, विकास ठाकुर, श्रीकृष्ण ढुल, महेंद्र राईका, सुरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में विहिप सदस्य और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कलायत। हनुमान जन्मोत्सव पर नगर में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजनों की धूम रही। दुर्गा मंदिर अनाज मंडी, हनुमान मंदिर और खाटू श्याम मंदिर में सुंदरकांड पाठ व राम संकीर्तन का आयोजन किया गया। इसके अलावा अनेक घरों में रामायण अखंड पाठ भी श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ।
श्री कपिल मुनि मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में विश्व हिंदू परिषद की ओर से विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान जी के पंचामृत स्नान से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड, हनुमानाष्टक और बजरंग बाण का पाठ किया। अंत में आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया।
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कार्यक्रम में विहिप जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल, प्रखंड मंत्री डॉ. प्रियव्रत गालव और पूर्व जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा ने श्रद्धालुओं को हनुमान जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। बीरभान निर्मल ने बताया कि पवनपुत्र भगवान हनुमान का जन्मोत्सव वर्ष में दो बार मनाया जाता है- चैत्र माह की पूर्णिमा और कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को।
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निशीकांत शर्मा ने कहा कि राम भक्तों और हनुमान भक्तों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है और इसे देशभर में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हनुमान जी के जन्मदिन को ‘जयंती’ की बजाय ‘जन्मोत्सव’ कहना अधिक उचित है, क्योंकि जयंती शब्द का प्रयोग प्रायः दिवंगत व्यक्तियों के लिए किया जाता है, जबकि हनुमान जी को कलयुग का जागृत देवता माना जाता है। उन्होंने बताया कि मान्यता है कि भगवान राम से अमरत्व का वरदान प्राप्त करने के बाद हनुमान जी गंधमादन पर्वत पर निवास करते हैं और कलयुग में धर्म की रक्षा करते हैं। यही कारण है कि जहां-जहां रामकथा या रामनाम का स्मरण होता है, वहां हनुमान जी की उपस्थिति मानी जाती है।
इस अवसर पर पंडित बीरभान, निशीकांत शर्मा, पंडित संजय शास्त्री, पंडित विशाल शांडिल्य, अनिरुद्ध गौतम, रणबीर शास्त्री, विकास ठाकुर, श्रीकृष्ण ढुल, महेंद्र राईका, सुरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में विहिप सदस्य और श्रद्धालु मौजूद रहे।