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यूरिया खाद की किल्लत, किसानों का टूटा धैर्य, किया हंगामा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 01:00 AM IST
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The shortage of urea fertilizer, the patience of the farmers, created a ruckus
The shortage of urea fertilizer, the patience of the farmers, created a ruckus - फोटो : Kaithal
कैथल। लगातार चल रही यूरिया खाद की कमी के बीच वीरवार को किसानों ने इफको कार्यालय के निकट स्थित एक गोदाम के बाहर जमकर हंगामा किया। यहां कुछ चहेते लोगों को यूरिया खाद दी जा रही थी तो बड़ी संख्या में किसान गोदाम के बाहर पहुंच गए। जहां किसानों ने जमकर रोष जताया। इसके बाद सभी 80 किसानों को तीन-तीन यूरिया के कट्टे बेचकर विरोध खत्म करवाया।
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किसान रामफल, बलबीर, धूप सिंह, बलिंद्र ने बताया कि यूरिया खाद के लिए वह सुबह 7 बजे से ही शहर पहुंच गए थे, लेकिन कहीं भी उनको खाद नहीं मिली। कुछ दुकानदारों के पास खाद है, लेकिन वह अपने चहेतों को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को वह इफको सेंटर पर लगभग 70 से 80 किसान यूरिया खाद लेने के लिए पहुंचे थे। उन्हें खाद न होने की बात कही गई, जबकि इफको सेंटर से कुछ ही दूरी पर एक गोदाम में से चहेते लोगों को खाद दी जा रही थी। जब उन्होंने रोष जताया तो उन्हें तीन-तीन कट्टे मुश्किल से मिले हैं। किसानों ने कहा कि जब भी उन्हें खाद की आवश्यकता होती है, उसी दौरान सरकारी एजेंसियों पर खाद की कमी हो जाती है, लेकिन प्राइवेट दुकानदार विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर मनमर्जी के रेटों पर किसानों को खाद बेच रहे हैं। शहर में किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए इफको और कृभको सरकारी एजेंसियों की व्यवस्था है, लेकिन उसके बावजूद भी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
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किसानों का कहना है कि अगर समय पर यूरिया खाद नहीं मिला तो फसल प्रभावित होगी। किसान राजाराम, हरिसिंह, पवन, रमेश का कहना है कि यूरिया खाद के लिए वह पिछले कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सरकारी एजेंसियों पर खाद नहीं मिल पा रही है, जबकि प्राइवेट खाद विक्रेता कीटनाशक दवाओं के साथ महंगे रेटों पर खाद उपलब्ध करा रहे हैं।
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गोदाम मालिक निखिल ने बताया कि बीती शाम ही उसके पास यूरिया के 800 कट्टे पहुंचे थे। कुछ तो रात को ही बिक गए थे। जो बचे थे वह अब किसानों को बेच रहे है। कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि जिले में 70 हजार मीट्रिक टन खाद की जरूरत थी। अब तक 55 हजार मीट्रिक टन खाद की सप्लाई हो चुकी है। 15 हजार मीट्रिक टन इसी सप्ताह पहुंच जाएगी। इसके बाद खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। जिले में खाद का रैक एक दिन छोड़कर आता है। जो रैक आता है, उसे साथ ही सभी सोसायटी में पहुंचा दिया जाता है।
यूरिया खाद न मिलने से पूंडरी-राजौंद मार्ग पर दो घंटे लगाया जाम
जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के एसडीओ ने किसानों को समझाया
पाई। यूरिया खाद की किल्लत को लेकर पाई के किसानों का धैर्य जबाव दे गया। वीरवार को गांव भाना के किसानों ने खाद न मिलने के विरोध में पूंडरी-राजौंद मार्ग पर जाम लगाया। जाम लगने से राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लगभग दो घंटे के बाद कृषि विभाग के एसडीओ ने किसानों को आश्वासन देकर जाम को खुलवाया।
विदित रहे कि बुधवार सायं को भी भाना के किसानों ने इसी मार्ग पर जाम लगाया था। किसानों का कहना था कि उनके गांव के किसानों के लिए सोसायटी में यूरिया खाद नहीं आई, जबकि निकटवर्ती करोड़ा गांव में यूरिया खाद भेज दी गई। इस पर पूंडरी पुलिस प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाकर वीरवार को खाद आने का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया था। किसानों ने बीते दिन विभाग को चेताया था कि यदि उनके गांव में खाद नहीं आया तो वे फिर से जाम लगा देंगे। जिस पर किसानों ने दोपहर एक बजे तक खाद आने का इंतजार किया और खाद न आने पर फिर जाम लगा दिया। किसानों ने बताया कि इस समय उनकी गेहूं की फसल में खाद की जरूरत है। उसके बाद खाद डालने का कोई फायदा नहीं है।

उन्होंने बताया कि गांव के कुछ किसानों को यूरिया के साथ दवा भी जबरन बेची जा रही है। किसानों जाम लगाने के की सूचना पर कृषि विभाग के एसडीओ नारा सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को बताया कि जल्द ही उनको यूरिया खाद उपलब्ध हो जाएगा। उनके आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया।
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