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Kaithal News: सीवरेज व्यवस्था बदहाल, धंस रहे मैनहोल के ढक्कन और रिंग

Sun, 23 Nov 2025 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 23 Nov 2025 12:08 AM IST
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The sewerage system is in a bad state, with manhole covers and rings collapsing.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। नगर में सीवरेज व्यवस्था बदहाल है। कलायत शहर के आवासीय एवं व्यवसायिक क्षेत्रों में सीवरेज बैक मार रहे हैं और मेनहोल के ढक्कन व रिंग लगातार मिट्टी की तरह धंस कर टूट रहे हैं। इससे सफाई व्यवस्था व सड़क सुरक्षा खतरे मेंं पड़ रही है। इस स्थिति से शहर के लोग और समाजसेवी संगठनों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
सुरेश राणा, विकास ठाकुर, कृष्ण ढुल, राजवीर सिंह आदी ने कहा कि नगर में अनेक स्थान ऐसे हैं जहां मेनहोल के ढक्कन कुछ ही समय में टूट जाते हैं। रेलवे रोड पर प्राथमिक कन्या स्कूल के गेट के बिल्कुल सामने सीवरेज का ढक्कन तो पिछले 3 माह में आधा दर्जन बार टूट चुका है। रेलवे रोड पर भारी ट्रेफिक चलता है और जगह जगह से सीवरेज के टूटने वाले ढक्कन कभी भी किसी हादसे को अंजाम दे सकते हैं। बिरम पाल राणा ने कहा कि प्राथमिक कन्या स्कूल के मेन गेट के सामने मेन सीवरेज की पाइप है और यह पाइप सबसे गहरी है। इस स्थान पर हमेशा टूटे रहने वाले सीवरेज के ढक्कन छोटी बच्चियों के लिए सदा ही खतरा बन रहे हैं।
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इसी तरह से नगर के वार्ड नंबर 1, 2, 12 में सीवरेज के लगातार टूटने वाले ढक्कन लोगों के लिए भारी समस्या पैदा कर रहे हैं। नगरवासियों ने मेनहोल के ढक्कनों व रिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। नगरवासियों का कहना है कि रोज-रोज ढक्कन एवं रिंग बदलने से सरकार का बड़ा बजट व्यय हो रहा है और जनमानस को कोई लाभ नहीं मिल रहा। कई स्थानोंं पर तो इनकी मियाद 10 से 15 दिन भी नहीं है।
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समाजसेवी संगठनों का कहना है कि इन सीवर ढक्कनों पर आइएसआई मार्का होने के बावजूद उनकी गुणवत्ता बेहद कमजोर है। या तो घटिया सामग्री से ढक्कन बनाए गए हैं या फिर निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई है। संगठनों की मांग है कि इन ढक्कनों और रिंगों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली और निर्माण सामग्री की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। इस मुद्दे को लेकर शीर्ष स्तर पर आवाज बुलंद करने का निर्णय लोगों ने लिया है।
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