फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   The rain mixed the farmers' earnings in the soil

बारिश ने किसानों की कमाई मिट्टी में मिलाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 08:19 PM IST
विज्ञापन
The rain mixed the farmers' earnings in the soil
कैथल। दो दिनों से बारिश के साथ तेज हवा चलने से तमाम किसानों की छह माह की कमाई मिट्टी में मिल गई है। जिले में औसतन 31.42 मिमी बारिश और तेज हवा का यह असर है। दूसरी ओर आढ़तियों की हड़ताल से किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। मंडियों में पहुंचे किसानों का धान भीग रहा है और बेबसी में उसे केवल निहार सकते हैं। कई किसानों ने फसल ढकने के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था की है लेकिन इसके बावजूद जलभराव के चलते पानी धान तक पहुंचने से वह भीग गया है।
विज्ञापन

मौसम विभाग के अनुसार, जिले में सबसे ज्यादा बारिश पूंडरी में 61 एमएम और सीवन में 52 एमएम हुई है। सबसे कम राजौंद में महज छह एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस प्रकार जिले में औसतन 31.42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश का असर है कि पकी फसल को बड़ा नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भरने से तमाम किसानों की फसल बिछ चुकी है। दूसरी ओर धान की अगेती किस्म समय से तैयार होने की वजह से तमाम किसान मंडी में खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश से वहां जलभराव के हालात हैं और ऐसे में जिन किसानों का धान कट गया और जो बिक्री के लिए मंडी पहुंचे, दोनों आसमान की ओर निहार कर रहम के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
विज्ञापन

बारिश का असर सब्जियों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। आने वाले समय सब्जियां महंगी होंगी। इन दिनों गोभी की फसल तैयार है लेकिन दो दिन से जारी बरसात का पानी खेतों में जमा होने के कारण पौधे गलने लगे हैं। यही हाल मूली, पालक व धनिया की सब्जी का भी हो रहा है। बारिश न रुकी तो सब्जी की खड़ी फसलें गलने के खतरे के अलावा पौध की बढ़ोतरी रुक सकती है। उधर, धान लेकर अनाज मंडी पहुंचे किसान भी परेशान हैं। बारिश और आढ़तियों की हड़ताल से वे दोहरी मार झेल रहे हैं। खरीद न होने से बारिश में धान भीग रहा है और जो धान शेड के अंदर है वही बची है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि धूप नहीं निकली तो उपज खराब हो जाएगी और नमी की वजह से भी खरीद न होने पाने का खतरा बढ़ जाएगा। भाव भी अच्छे न मिलेंगे। परेशान किसानों ने सरकार से विशेष गिरदावरी करवा कर मुआवजे की मांग की है। उधर, मौसम विज्ञानिक रमेश चंद्र का कहना है कि किसान खेत में पानी एकत्रित न होने दें। कपास की फसल का भी विशेषकर ध्यान रखें। आगामी दो दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना है।
गौरतलब है कि धान की 1509 व पीआर फसल पक कर तैयार हो गई है। दूसरी ओर 1718, बासमती, मुच्छल सहित अन्य किस्म की फसल निसर रही है। मौसम विभाग के अनुसार इन फसलों पर भी असर पड़ेगा। निसरने वाली बालियां काली हो जाएंगी। अच्छी तरह से दाना नहीं बन पाएगा। फसल जमीन पर गिरने से बालियों के दाने खराब होने के साथ-साथ काले भी पड़ जाएंगे। इस वर्षा से किसानों को प्रति एकड़ लगभग 10 हजार रुपये का नुकसान है। वहीं अनाज मंडी में किसानों का पड़ा 1509 धान भीग गया। 1509 किस्म में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बेमौसमी बारिश का कहर दूसरे दिन जारी रहने से किसान परिवारों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। नरमा की फसलों में पानी जमा हो जाने से किसानों को भारी नुकसान होने की अशांका जताई जा रही है। वहीं कटाई का काम ठप रहा। ठेके पर बिजाई करने वाले किसानों की बेमौसमी बारिश ने और ज्यादा मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

दूसरी ओर बरसात के कारण शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में भी गलियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। शहर में दिनभर रही बूंदाबांदी के चलते डोगरा गेट, छात्रावास रोड, माता गेट, कमेटी चौक, भगत सिंह चौक व अनाज मंडी में सड़कों पर पानी जमा रहा। इससे सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को परेेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश का ब्योरा
पूंडरी- 61एमएम
राजौंद- 06एमएम
कलायत- 25एमएम
सीवन- 52एमएम
ढांड- 24एमएम
कैथल- 19एमएम
गुहला- 39एमएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed