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Kaithal News: प्यौदा गांव में तालाब बना गंदगी का अड्डा
Mon, 12 Jan 2026 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कसान। प्यौदा गांव में सरकारी स्कूल के पास स्थित तालाब प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो गया है। तालाब के घाट और आसपास कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैल रही है और लोगों के लिए घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो वे मजबूरन आंदोलन करेंगे।
ग्रामीण राजबीर ने बताया कि तालाब गांव का प्रमुख जल स्रोत होने के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा है, लेकिन लंबे समय से इसकी सफाई नहीं होने के कारण यह बीमारी फैलाने का केंद्र बन गया है। तालाब के पास स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ने का डर बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। तालाब का गंदा पानी किनारों तक फैल जाता है और मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन से मांग की है कि तालाब के घाट और आसपास के क्षेत्र की तुरंत सफाई करवाई जाए। साथ ही कचरा डालने पर रोक, नियमित सफाई व्यवस्था और तालाब के सौंदर्यीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि यह स्थान फिर से सुरक्षित और स्वच्छ बन सके।
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कसान। प्यौदा गांव में सरकारी स्कूल के पास स्थित तालाब प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो गया है। तालाब के घाट और आसपास कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैल रही है और लोगों के लिए घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो वे मजबूरन आंदोलन करेंगे।
ग्रामीण राजबीर ने बताया कि तालाब गांव का प्रमुख जल स्रोत होने के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा है, लेकिन लंबे समय से इसकी सफाई नहीं होने के कारण यह बीमारी फैलाने का केंद्र बन गया है। तालाब के पास स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ने का डर बना हुआ है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। तालाब का गंदा पानी किनारों तक फैल जाता है और मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन से मांग की है कि तालाब के घाट और आसपास के क्षेत्र की तुरंत सफाई करवाई जाए। साथ ही कचरा डालने पर रोक, नियमित सफाई व्यवस्था और तालाब के सौंदर्यीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि यह स्थान फिर से सुरक्षित और स्वच्छ बन सके।