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Kaithal News: नागरिक अस्पताल में बढ़ रही उल्टी दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या
Mon, 16 Jun 2025 03:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 16 Jun 2025 03:12 AM IST
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कैथल। गर्मी के कारण अब जिला नागरिक अस्पताल में बाल रोग की ओपीडी में उल्टी व दस्त से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। इसके साथ ही दो साल तक के बच्चों में पीलिया की शिकायत मिल रही है। ओपीडी में प्रतिदिन 150 मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि एक माह पहले इसकी संख्या 80 से 100 के बीच रहती थी।
डॉक्टरों के मुताबिक, मौसम में बदलाव और खानपान पर ध्यान न देने की वजह से ऐसा हो रहा है। बच्चों और बुजुर्ग में सबसे अधिक परेशानी देखने को मिल रही है। अस्पताल में रोजाना करीब 20 बच्चे और बुजुर्ग व्यक्ति डायरिया की जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार डायरिया मुख्य रूप से मक्खियों, खराब पानी का सेवन करने, बासी भोजन ग्रहण करने से फैलता है। खानपान में असावधानी बरतने पर डायरिया अथवा पेट से संबंधित अन्य बीमारी हो सकती है। गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गर्मी के कारण पसीने से लगातार जरूरी तत्व शरीर से निकलते रहते हैं। इससे बच्चे कमजोर हो जाते हैं। इससे उनमें कई अन्य प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। ज्यों-ज्यों तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, उसके साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
वहीं जिले का अधिकतम तापमान इस समय 440 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। आगामी दिनों में और अधिक तापमान होने का अनुमान है। मई माह के अंत तक अस्पताल में डायरिया और गर्मी के कारण होने वाली बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी कम रही है। डायरिया से पीड़ित एकाध बच्चा ही अस्पताल में पहुंचा है, लेकिन जून माह के दूसरे सप्ताह में ही मरीजों की संख्या बढ़ गई है और आगामी दिनों में संख्या और ज्यादा बढऩे की संभावना है।
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सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि डायरिया और गर्मी से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल में सभी प्रबंध पुख्ता हैं। सबसे पहले लोगों को चाहिए कि वे बच्चों और बुजुर्गों को धूप में न निकलने दें। अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें और कटे हुए व बासी फलों-सब्जियों का सेवन न करें। जितना संभव हो सके ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ पीकर बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकता है। अगर किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच व इलाज करवाएं।
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डॉक्टरों के मुताबिक, मौसम में बदलाव और खानपान पर ध्यान न देने की वजह से ऐसा हो रहा है। बच्चों और बुजुर्ग में सबसे अधिक परेशानी देखने को मिल रही है। अस्पताल में रोजाना करीब 20 बच्चे और बुजुर्ग व्यक्ति डायरिया की जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार डायरिया मुख्य रूप से मक्खियों, खराब पानी का सेवन करने, बासी भोजन ग्रहण करने से फैलता है। खानपान में असावधानी बरतने पर डायरिया अथवा पेट से संबंधित अन्य बीमारी हो सकती है। गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गर्मी के कारण पसीने से लगातार जरूरी तत्व शरीर से निकलते रहते हैं। इससे बच्चे कमजोर हो जाते हैं। इससे उनमें कई अन्य प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। ज्यों-ज्यों तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, उसके साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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वहीं जिले का अधिकतम तापमान इस समय 440 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। आगामी दिनों में और अधिक तापमान होने का अनुमान है। मई माह के अंत तक अस्पताल में डायरिया और गर्मी के कारण होने वाली बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी कम रही है। डायरिया से पीड़ित एकाध बच्चा ही अस्पताल में पहुंचा है, लेकिन जून माह के दूसरे सप्ताह में ही मरीजों की संख्या बढ़ गई है और आगामी दिनों में संख्या और ज्यादा बढऩे की संभावना है।
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सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि डायरिया और गर्मी से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल में सभी प्रबंध पुख्ता हैं। सबसे पहले लोगों को चाहिए कि वे बच्चों और बुजुर्गों को धूप में न निकलने दें। अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें और कटे हुए व बासी फलों-सब्जियों का सेवन न करें। जितना संभव हो सके ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ पीकर बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकता है। अगर किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच व इलाज करवाएं।