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Kaithal News: पांच दशक का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण पर भारत में नहीं दिखेगा असर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 02:46 AM IST
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The longest solar eclipse in five decades will not affect India.
कलायत। हिंदू धर्म में अमावस्या का दिन खास होता है। इस दिन पितरों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। चल रहे चैत्र माह में आठ अप्रैल को सोमवती अमावस्या पड़ रही है। संयोग से इसी दिन वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता, इस स्थिति में आमजन में असमंजस की स्थिति बनी है कि सूर्य ग्रहण के दिन सोमवती अमावस्या का पूजन करें या नहीं। इस संबंध में पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया की सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी सूर्य ग्रहण का दिन महत्वपूर्ण होता है। ग्रहण का प्रभाव जनजीवन पर पड़ता है। सोमवती अमावस्या के दिन गंगा में स्नान और दान का विशेष महत्व माना गया है।
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उन्होंने बताया कि सोमवती अमावस्या के दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस दौरान कुछ देशों में दिन के समय भी बिल्कुल अंधेरा छा जाएगा। यह पिछले 50 सालों का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण भी होगा। भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण आठ अप्रैल को रात्रि नौ बजकर 12 मिनट पर शुरू होगा और मध्य रात्रि एक बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा।
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शांडिल्य ने बताया कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और ऐसे में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। सूतक काल तभी मान्य होता है जब ग्रहण दिखाई देता है। इस ग्रहण को अमेरिका, उत्तरी यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। भारत में ग्रहण का कोई भी प्रभाव न होने के कारण सोमवती अमावस्या के पूजन में कोई बाधा नहीं है।
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कई साल बाद बन रहा इंद्र योग और सूर्य ग्रहण का संयोग
शांडिल्य ने बताया कि सोमवती अमावस्या तिथि पर दुर्लभ इंद्र योग और सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है। इस योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इस दिन इंद्र योग शाम 06 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इस योग में पूजा-पाठ और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के विशेष दिन पर समस्त शिव परिवार और माता लक्ष्मी को चावल की खीर का भोग अर्पित करना चाहिए।

सोमवती अमावस्या 2024 शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की अमावस्या आठ अप्रैल की सुबह तीन बजकर 31 पर शुरू होगी और समापन आठ अप्रैल मध्य रात्रि 11 बजकर 50 मिनट पर होगा। अमावस्या व्रत आठ अप्रैल 2024 सोमवार के दिन रखा जाएगा।
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