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Kaithal News: शब्द कीर्तन प्रस्तुत कर बताई गुरु की महिमा
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कैथल। सेक्टर 20 स्थित भाई कन्हैया धाम में रविवार को स्थापना दिवस पर एक भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। यह आयोजन संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती को समर्पित रहा, जिसमें शहर और दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और श्रद्धा-भाव से दरबार में शीश नवाया। दरबार में विभिन्न प्रसिद्ध रागी जत्थों ने अपनी मधुर वाणी से गुरबाणी और शब्द कीर्तन प्रस्तुत किए। इस पावन आयोजन में भाई हरजीत सिंह हरमन, शाहबाद मारकंडा वाले, महंत महेंद्र सिंह, सेवा पंथी महापुरुष, दिल्ली वाले, बीबी मनप्रीत कौर, हजूरी रागी, भाई अर्जन सिंह परवाना, पोंटा साहिब वाले, भाई गौरव सिंह भयाना आदि कीर्तनकारों ने संगत को निहाल किया। शबद जग्गा और बाणी जग्गा के कीर्तन ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भाई कन्हैया धाम के संत आशीष शास्त्री ने बताया कि हर साल यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि भाई कन्हैया जी की सेवा और नि:स्वार्थ प्रेम की शिक्षाएं आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह कीर्तन दरबार दोपहर दो बजे तक चला, जिसमें श्रद्धालुओं ने एकाग्रचित्त होकर गुरबाणी का रसपान किया।
दरबार के समापन के बाद भाई कन्हैया धाम सेवापंथी की ओर से गुरु के अटूट लंगर की व्यवस्था की गई। इसमें चावल, कढ़ी, पूरी और खीर का प्रसाद श्रद्धा से ग्रहण किया गया। इसके अलावा गुरुद्वारा साहब सिंह की ओर से चाय और बिस्कुट का प्रसाद भी बांटा गया। सेवादारों ने खूब सेवा की। सभी ने संतों की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और प्रेम, सेवा और भक्ति की राह पर चलने का संकल्प लिया। भाई कन्हैया धाम का यह भव्य आयोजन पूरे क्षेत्र में अध्यात्म और सामूहिक भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण बना।
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भाई कन्हैया धाम के संत आशीष शास्त्री ने बताया कि हर साल यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि भाई कन्हैया जी की सेवा और नि:स्वार्थ प्रेम की शिक्षाएं आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह कीर्तन दरबार दोपहर दो बजे तक चला, जिसमें श्रद्धालुओं ने एकाग्रचित्त होकर गुरबाणी का रसपान किया।
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दरबार के समापन के बाद भाई कन्हैया धाम सेवापंथी की ओर से गुरु के अटूट लंगर की व्यवस्था की गई। इसमें चावल, कढ़ी, पूरी और खीर का प्रसाद श्रद्धा से ग्रहण किया गया। इसके अलावा गुरुद्वारा साहब सिंह की ओर से चाय और बिस्कुट का प्रसाद भी बांटा गया। सेवादारों ने खूब सेवा की। सभी ने संतों की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और प्रेम, सेवा और भक्ति की राह पर चलने का संकल्प लिया। भाई कन्हैया धाम का यह भव्य आयोजन पूरे क्षेत्र में अध्यात्म और सामूहिक भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण बना।
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