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Kaithal News: घग्गर में उतार-चढ़ाव से धड़कनें तेज
Tue, 02 Sep 2025 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 02 Sep 2025 02:29 AM IST
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40 गुहला-चीका। घग्गर नदी में आए पानी का दृश्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। बारिश की वजह से घग्गर नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से लोगों की धड़कनें ऊपर-नीचे हो रही हैं। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश के हालात को देखते हुए घग्गर नदी में संभावित बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन मुस्तैद है और समय-समय पर घग्गर नदी व अन्य रंगोई नालों का निरीक्षण कर रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इस बीच उफान पर चल रही घग्गर नदी में पानी कम होने से क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है। अब नदी में जिस तरह निरंतर आधा फीट तक पानी नीचे गया है, उससे बाढ़ आने की आशंका भी कम हो गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस तरह देश की अन्य नदियों में बारिश का पानी उफान बनकर आया था, उसी तरह घग्गर नदी में भी बारिश का पानी आरंभ हो गया है। इससे क्षेत्र में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई थी और किसानों के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंताएं बढ़ गई थीं।
किसानों का कहना है कि अधिकांश फसलें तैयार हो चुकी हैं और अगर बाढ़ आती है तो सबसे अधिक किसान ही प्रभावित होंगे। किसान प्रभावित होंगे तो क्षेत्र का व्यापार भी प्रभावित होगा। किसानों ने बताया कि सुबह से सिहाली व रत्ता खेड़ा धड़ाम के खेतों से पानी नदी में वापस हो गया है और फसलें दिखने लगी हैं, जिससे उन्होंने राहत की सांस ली।
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बताया जाता है कि घग्गर नदी में सोमवार सुबह सात बजे तक साढ़े 21 फीट तक पानी पहुंच गया था, बीच में 20.9 फीट पर पहुंचा था पर बाद में यह 21 फीट रह गया। माना जा रहा है कि बारिश बढ़ी तो स्थिति फिर बिगड़ सकती है। घग्गर का जलस्तर लगभग 44 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। खतरे का निशान 23 फीट पर है। राहत की बात यह है कि इस समय यह 42 हजार 342 क्यूसेक रह गया है।
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गुहला-चीका/कैथल। बारिश की वजह से घग्गर नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से लोगों की धड़कनें ऊपर-नीचे हो रही हैं। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश के हालात को देखते हुए घग्गर नदी में संभावित बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन मुस्तैद है और समय-समय पर घग्गर नदी व अन्य रंगोई नालों का निरीक्षण कर रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इस बीच उफान पर चल रही घग्गर नदी में पानी कम होने से क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है। अब नदी में जिस तरह निरंतर आधा फीट तक पानी नीचे गया है, उससे बाढ़ आने की आशंका भी कम हो गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस तरह देश की अन्य नदियों में बारिश का पानी उफान बनकर आया था, उसी तरह घग्गर नदी में भी बारिश का पानी आरंभ हो गया है। इससे क्षेत्र में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई थी और किसानों के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंताएं बढ़ गई थीं।
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किसानों का कहना है कि अधिकांश फसलें तैयार हो चुकी हैं और अगर बाढ़ आती है तो सबसे अधिक किसान ही प्रभावित होंगे। किसान प्रभावित होंगे तो क्षेत्र का व्यापार भी प्रभावित होगा। किसानों ने बताया कि सुबह से सिहाली व रत्ता खेड़ा धड़ाम के खेतों से पानी नदी में वापस हो गया है और फसलें दिखने लगी हैं, जिससे उन्होंने राहत की सांस ली।
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बताया जाता है कि घग्गर नदी में सोमवार सुबह सात बजे तक साढ़े 21 फीट तक पानी पहुंच गया था, बीच में 20.9 फीट पर पहुंचा था पर बाद में यह 21 फीट रह गया। माना जा रहा है कि बारिश बढ़ी तो स्थिति फिर बिगड़ सकती है। घग्गर का जलस्तर लगभग 44 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। खतरे का निशान 23 फीट पर है। राहत की बात यह है कि इस समय यह 42 हजार 342 क्यूसेक रह गया है।

40 गुहला-चीका। घग्गर नदी में आए पानी का दृश्य। संवाद