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Kaithal News: भोले बाबा की भक्ति में रंगा शहर, कांवड़ियों का आगमन शुरू
Thu, 17 Jul 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 17 Jul 2025 01:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बुधवार को सावन माह का छठा दिन धार्मिक आस्था और भक्तिभाव से परिपूर्ण रहा। महाशिवरात्रि के निकट आते ही हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्तों का आवागमन शुरू हो गया है। शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, शिव शक्ति धाम, माता गेट स्थित प्राचीन शिव मंदिर और हनुमान वाटिका स्थित शिव मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने जल चढ़ाकर भगवान शिव का पूजन किया।
कांवड़ियों का स्वागत ः ढांड रोड स्थित कुरुक्षेत्र मार्ग पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भंडारों की सेवा शुरू कर दी है। यहां कांवड़ियों के लिए विश्राम, भोजन और चिकित्सा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ये भंडारे जगह-जगह लगाए गए हैं ताकि पैदल यात्रा कर रहे कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो। फिलहाल पैदल कांवड़ लाने वाले भक्त जिले में पहुंचने लगे हैं, जबकि डाक कांवड़ यात्रा महाशिवरात्रि से एक-दो दिन पूर्व शुरू होगी।
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शिव शक्ति धाम के पुजारी पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्मशास्त्रों में सावन माह को वर्ष का सबसे पवित्र महीना माना गया है, जो पूरी तरह भगवान शिव को समर्पित होता है। कांवड़ यात्रा सावन के पहले दिन से प्रारंभ होकर शिवरात्रि को गंगाजल चढ़ाने के साथ समाप्त होती है। उन्होंने बताया कि गुरुवार से महाशिवरात्रि तक शिव शक्ति धाम मंदिर में कांवड़ियों के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा, जिसमें भोजन, ठहराव और प्राथमिक चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था की जाएगी।
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कैथल। बुधवार को सावन माह का छठा दिन धार्मिक आस्था और भक्तिभाव से परिपूर्ण रहा। महाशिवरात्रि के निकट आते ही हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्तों का आवागमन शुरू हो गया है। शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, शिव शक्ति धाम, माता गेट स्थित प्राचीन शिव मंदिर और हनुमान वाटिका स्थित शिव मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने जल चढ़ाकर भगवान शिव का पूजन किया।
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कांवड़ियों का स्वागत ः ढांड रोड स्थित कुरुक्षेत्र मार्ग पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भंडारों की सेवा शुरू कर दी है। यहां कांवड़ियों के लिए विश्राम, भोजन और चिकित्सा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ये भंडारे जगह-जगह लगाए गए हैं ताकि पैदल यात्रा कर रहे कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो। फिलहाल पैदल कांवड़ लाने वाले भक्त जिले में पहुंचने लगे हैं, जबकि डाक कांवड़ यात्रा महाशिवरात्रि से एक-दो दिन पूर्व शुरू होगी।
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शिव शक्ति धाम के पुजारी पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्मशास्त्रों में सावन माह को वर्ष का सबसे पवित्र महीना माना गया है, जो पूरी तरह भगवान शिव को समर्पित होता है। कांवड़ यात्रा सावन के पहले दिन से प्रारंभ होकर शिवरात्रि को गंगाजल चढ़ाने के साथ समाप्त होती है। उन्होंने बताया कि गुरुवार से महाशिवरात्रि तक शिव शक्ति धाम मंदिर में कांवड़ियों के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा, जिसमें भोजन, ठहराव और प्राथमिक चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था की जाएगी।