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अनार बम की चिंगारी से झुलसा बच्चे का चेहरा
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The child's face scorched by the spark of pomegranate bomb
- फोटो : Kaithal
प्रतिबंध होने के बावजूद जिले में पटाखों का जमकर प्रयोग किया गया। पटाखों के कारण शहर में कई स्थानों पर बच्चों के झुलसने मामले सामने आए। इनमें एक बड़ा मामला शुक्रवार का सुबह जिला नागरिक अस्पताल में सामने आया, जिसमें पटाखे (अनार) चलाते समय एक नौ साल का बच्चा काफी झुलस गया। परिजन बच्चों को तुरंत अस्पताल में लेकर पहुंचे और उसे इलाज के लिए दाखिल करवाया।
बच्चे के पिता पटेल नगर निवासी रिंकू ने बताया कि सुबह पड़ोस में छोटे बच्चे पटाखे जला रहे थे। उसका बेटा मयंक भी बाहर गली में खेलते हुए उनके पास चला गया। जैसे ही एक बच्चे ने अनार को आग लगाई तो वह नीचे गिर गया और मयंक की तरफ उसका मुंह हो गया। अनार से निकली चिंगारियों के कारण मयंक के चेहरे और हाथों की त्वचा झुलस गई।
दूसरी ओर शाह अस्पताल में भी शहर के विभिन्न स्थानों से दो बच्चे 7 साल का अनुष और 15 वर्ष का राहुल उपचार के लिए पहुंचे। दोनों को पटाखों के कारण हाथों पर नुकसान हुआ है। इसके अलावा काफी जगह छोटे क्लीनिकों पर भी पटाखों के कारण बच्चों को चोटें लगने और मामूली झुलसने के मामले सामने आए। जहां से प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाइयां देकर बच्चों को घर वापस भेज दिया गया।
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बच्चे के पिता पटेल नगर निवासी रिंकू ने बताया कि सुबह पड़ोस में छोटे बच्चे पटाखे जला रहे थे। उसका बेटा मयंक भी बाहर गली में खेलते हुए उनके पास चला गया। जैसे ही एक बच्चे ने अनार को आग लगाई तो वह नीचे गिर गया और मयंक की तरफ उसका मुंह हो गया। अनार से निकली चिंगारियों के कारण मयंक के चेहरे और हाथों की त्वचा झुलस गई।
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दूसरी ओर शाह अस्पताल में भी शहर के विभिन्न स्थानों से दो बच्चे 7 साल का अनुष और 15 वर्ष का राहुल उपचार के लिए पहुंचे। दोनों को पटाखों के कारण हाथों पर नुकसान हुआ है। इसके अलावा काफी जगह छोटे क्लीनिकों पर भी पटाखों के कारण बच्चों को चोटें लगने और मामूली झुलसने के मामले सामने आए। जहां से प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाइयां देकर बच्चों को घर वापस भेज दिया गया।
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